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परिवार नियोजन के लिए नसबंदी सुरक्षित समाधान है
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चंदौली। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. महिमा नाथ ने बताया कि अब परिवार नियोजन के प्रति ज्यादा जागरूक होने लगे हैं। लोेग यह सोचने लगे हैं कि कम होने पर उनकी देख-भाल ठीक से हो सकेगा और उनकी शिक्षा भी बेहतर हो सकेगी। परिवार नियोजन के लिए नसबंदी स्थायी, आसान और सुरक्षित समाधान है। वे बृहस्पतिवार को पत्रकारों से बातचीत कर रही थीं।
राजकीय महिला चिकित्सालय कि स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. महिमा नाथ ने बताया कि यदि कोई महिला गर्भवती नहीं होना चाहती हैं और गर्भनिरोधक का कोई स्थायी तरीका ढूंढ रही हैं या मां बनने के बाद अब बच्चा नहीं चाहती हैं तो नसबंदी उसके लिए एक बेहतर विकल्प है। पैंतीस से अधिक उम्र की महिलाएं जिनमें हाई रिस्क प्रेगनेंसी का खतरा हो या जो हाई ब्लड प्रेशर जैसी किसी स्वास्थ्य स्थिति से ग्रस्त हों, तो इस स्थिति में महिला को नसबंदी साधन को अपनाना चाहिए। स्त्रियों को नसबंदी ऑपरेशन के कुछ ही घंटों बाद छुट्टी मिल जाती है। इस प्रक्रिया में छोटा सा ऑपरेशन करवाना पड़ता है। यह ऑपरेशन सीजेरियन या मिनी लैपरोटोमी तकनीक से किया जाता है।
चंदौली। डॉ. महिला नाथ ने बताया कि राजकीय महिला चिकित्सालय में जनवरी 2022 से अगस्त 2022 तक 38 महिलाओं ने नसबंदी कराई है। कहा नसबंदी से कोई साइड-इफैक्ट नहीं होता और किसी तरह कि शारीरिक कमजोरी भी नहीं होती है।
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राजकीय महिला चिकित्सालय कि स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. महिमा नाथ ने बताया कि यदि कोई महिला गर्भवती नहीं होना चाहती हैं और गर्भनिरोधक का कोई स्थायी तरीका ढूंढ रही हैं या मां बनने के बाद अब बच्चा नहीं चाहती हैं तो नसबंदी उसके लिए एक बेहतर विकल्प है। पैंतीस से अधिक उम्र की महिलाएं जिनमें हाई रिस्क प्रेगनेंसी का खतरा हो या जो हाई ब्लड प्रेशर जैसी किसी स्वास्थ्य स्थिति से ग्रस्त हों, तो इस स्थिति में महिला को नसबंदी साधन को अपनाना चाहिए। स्त्रियों को नसबंदी ऑपरेशन के कुछ ही घंटों बाद छुट्टी मिल जाती है। इस प्रक्रिया में छोटा सा ऑपरेशन करवाना पड़ता है। यह ऑपरेशन सीजेरियन या मिनी लैपरोटोमी तकनीक से किया जाता है।
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चंदौली। डॉ. महिला नाथ ने बताया कि राजकीय महिला चिकित्सालय में जनवरी 2022 से अगस्त 2022 तक 38 महिलाओं ने नसबंदी कराई है। कहा नसबंदी से कोई साइड-इफैक्ट नहीं होता और किसी तरह कि शारीरिक कमजोरी भी नहीं होती है।
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