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ऋचा बनीं वाणिज्य कर अधिकारी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
Updated Thu, 13 Aug 2015 01:48 AM IST
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जिले के बरहनी विकास खंड के डेढ़गावां गांव की ऋचा प्रिया सिंह वाणिज्य कर अधिकारी बन गई हैं।
मंगलवार को उत्तर प्रदेश पीसीएस के परिणाम घोषित हुए, तो ऋचा का भी नाम उसमें शामिल रहा। हालांकि परिणाम में रैंक की घोषणा नहीं हुई है।
डेढ़गांवा की बहू के पीसीएस में चयन पर क्षेत्र के लोग गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। गाजीपुर जनपद के डेवढ़ी दाउदपुर जमानियां निवासी ऋचा की प्रारंभिक शिक्षा बिहार बोर्ड से गुमला में हुई।
1995 में हाईस्कूल में वह बिहार राज्य की टापर रही। 1997 में उसने बिहार से ही इंटरमीडिएट और 2001 में बीएससी प्रथम श्रेणी में रांची विश्वविद्यालय से उत्तीर्ण किया। वर्ष 2003 में उसका विवाह तपेंद्र सिंह निवासी डेढ़गांवा के साथ हुआ। तपेंद्र सिंह इलाहाबाद हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करते हैं।
शादी के बाद ऋचा इलाहाबाद चली गई, लेकिन परिवार के सदस्य गांव में ही रहते हैं। पति की प्रेरणा से वर्ष 2004 में ऋचा ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीएड किया और उसके बाद सिविल सर्विसेज की तैयारी में लग गई। वर्ष 2008 में लोअर पीसीएस में चयन भी हुआ, लेकिन ऋचा ने ज्वाइन नहीं किया और तैयारी में जुटी रहीं।
2009 में उसकी नियुक्ति कौशांबी में प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के रूप में हुई।
पीसीएस के लिए लगातार प्रयास चलता रहा और चौथे प्रयास में उसको सफलता मिली है। पांच वर्षीय बेटे की मां ऋचा ने बताया कि उसकी सफलता का श्रेय उसके पिता के अलावा जेठ महेन्द्र प्रताप और जेठानी मीना सिंह को जाता है।
संघर्षों को याद करते हुए कहती हैं कि बच्चा होने के बाद वह तैयारी को लेकर निराश होने लगी थीं लेकिन भाभी ने उसके बेटे की जिम्मेदारी संभाली। इससे उसे आसानी हुई।
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मंगलवार को उत्तर प्रदेश पीसीएस के परिणाम घोषित हुए, तो ऋचा का भी नाम उसमें शामिल रहा। हालांकि परिणाम में रैंक की घोषणा नहीं हुई है।
डेढ़गांवा की बहू के पीसीएस में चयन पर क्षेत्र के लोग गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। गाजीपुर जनपद के डेवढ़ी दाउदपुर जमानियां निवासी ऋचा की प्रारंभिक शिक्षा बिहार बोर्ड से गुमला में हुई।
1995 में हाईस्कूल में वह बिहार राज्य की टापर रही। 1997 में उसने बिहार से ही इंटरमीडिएट और 2001 में बीएससी प्रथम श्रेणी में रांची विश्वविद्यालय से उत्तीर्ण किया। वर्ष 2003 में उसका विवाह तपेंद्र सिंह निवासी डेढ़गांवा के साथ हुआ। तपेंद्र सिंह इलाहाबाद हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करते हैं।
शादी के बाद ऋचा इलाहाबाद चली गई, लेकिन परिवार के सदस्य गांव में ही रहते हैं। पति की प्रेरणा से वर्ष 2004 में ऋचा ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीएड किया और उसके बाद सिविल सर्विसेज की तैयारी में लग गई। वर्ष 2008 में लोअर पीसीएस में चयन भी हुआ, लेकिन ऋचा ने ज्वाइन नहीं किया और तैयारी में जुटी रहीं।
2009 में उसकी नियुक्ति कौशांबी में प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के रूप में हुई।
पीसीएस के लिए लगातार प्रयास चलता रहा और चौथे प्रयास में उसको सफलता मिली है। पांच वर्षीय बेटे की मां ऋचा ने बताया कि उसकी सफलता का श्रेय उसके पिता के अलावा जेठ महेन्द्र प्रताप और जेठानी मीना सिंह को जाता है।
संघर्षों को याद करते हुए कहती हैं कि बच्चा होने के बाद वह तैयारी को लेकर निराश होने लगी थीं लेकिन भाभी ने उसके बेटे की जिम्मेदारी संभाली। इससे उसे आसानी हुई।