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रेल रोको आंदोलन: किसान नेताओं को घर पर रोका
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पीडीडीयू नगर। नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली-यूपी बार्डर पर आंदोलनरत किसानों के रेल रोको घोषणा के बाद जिले में भी पुलिस-प्रशासन सतर्क रहा। सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने लिए प्रशासन ने बृहस्पतिवार की सुबह किसान नेताओं के घर पुलिस का पहरा बैठा दिया। कुछ नेताओं को थाने में भी बैठा गया। हिरासत में लिए गए सभी लोगों को देर शाम निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया।
पुलिस ने बसनी गांव निवासी किसान नेता केदार यादव को उनके आवास पर बुधवार की देर शाम रोक दिया। बृहस्पतिवार की सुबह इनको हिरासत में लेकर पुलिस चौकी ताराजीवनपुर पर लाया गया। हालांकि किसानों के दबाव के बाद पुलिस उन्हें वापस घर ले गई और वहां से निकलने नहीं दिया गया। इस दौरान किसान नेता ने कहा कि देशभर में नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की जा रही है लेकिन सरकार उनकी बातों को अनसुना कर दे रही है।
दिल्ली बॉर्डर पर किसान लगभग 80 दिनों से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन सरकार पीछे हटने को तैयार नहीं है। इसको लेकर किसान नेताओं के आह्वान पर रेल रोकने का फरमान जारी किया था। इसको लेकर जनपद की पुलिस ने किसानों की धरपकड़ का काम बुधवार की देर रात से ही शुरू कर दिया था। कहा कि सरकार तानाशाही रवैया अपनाकर नए कृषि कानूनों के तहत किसानों का हक छीनने का प्रयास कर रही है। कृषि कानूनों की वापसी तक आंदोलन जारी रहेगा।
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धीना। क्षेत्र के डेढ़गांवा गांव निवासी किसान नेता रविंद्र सिंह मुन्ना को पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर थाने ले आई। दिनभर उन्हें थाने में बैठाने के बाद शाम को छोड़ दिया गया। इससे नाराज किसान नेता ने कहा कि सरकार किसानों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। जो स्वस्थ लोकतंत्र के लिए घातक है। वहीं धीना रेलवे स्टेशन व आसपास के रेलवे ट्रैक पर पुलिसकर्मियों का जाल बिछा रहा। गौरतलब है कि पिछले आंदोलन में सपा नेता व पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने रेलवे ट्रैक जाम कर दिया था। इसे देखते हुए प्रशासन की ओर से एहतियात के तौर पर इस क्षेत्र में भारी पुलिसबल की तैनाती की गई थी।
पीडीडीयू नगर। किसानों के रेल रोको आंदोलन को देखते हुए पीडीडीयू जंक्शन पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। जीआरपी और आरपीएफ के जवान प्लेटफार्म से लेकर सर्कुलेटिंग एरिया, रेलवे ट्रैक पर लगाए गए थे। ताकि रेल परिचालन को लेकर किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो। वहीं पीडीडीयू रेल मंडल अंतर्गत आने वाले रेल स्टेशन गया, सासाराम नवीगंज, रफीगंज सहित अन्य स्टेशनों पर इसका आंशिक असर रहा। सुरक्षा के कड़े इंतजाम होने के चलते रेल रोको सफल नहीं हो सका।
चकिया। नए कृषि कानूनों के विरोध में रेल रोको आंदोलन के समर्थन में अखिल भारतीय किसान सभा के लालचंद एडवोकट, परमानंद कुशवाहा और उत्तर प्रदेश किसान सभा के अनिल पासवान को कोतवाली पुलिस ने दिनभर थाने में बैठाए रखा। बाद में लोगों को छोड़ दिया गया। वहीं किसान मजदूर मंच के प्रवक्ता अजय राय के साथ कुछ लोग गांधी पार्क में धरना दिया। इस दौरान मृत्युंजय पांडेय और अखिलेेश दूबे मौजूद रहे।
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पुलिस ने बसनी गांव निवासी किसान नेता केदार यादव को उनके आवास पर बुधवार की देर शाम रोक दिया। बृहस्पतिवार की सुबह इनको हिरासत में लेकर पुलिस चौकी ताराजीवनपुर पर लाया गया। हालांकि किसानों के दबाव के बाद पुलिस उन्हें वापस घर ले गई और वहां से निकलने नहीं दिया गया। इस दौरान किसान नेता ने कहा कि देशभर में नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की जा रही है लेकिन सरकार उनकी बातों को अनसुना कर दे रही है।
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दिल्ली बॉर्डर पर किसान लगभग 80 दिनों से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन सरकार पीछे हटने को तैयार नहीं है। इसको लेकर किसान नेताओं के आह्वान पर रेल रोकने का फरमान जारी किया था। इसको लेकर जनपद की पुलिस ने किसानों की धरपकड़ का काम बुधवार की देर रात से ही शुरू कर दिया था। कहा कि सरकार तानाशाही रवैया अपनाकर नए कृषि कानूनों के तहत किसानों का हक छीनने का प्रयास कर रही है। कृषि कानूनों की वापसी तक आंदोलन जारी रहेगा।
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धीना। क्षेत्र के डेढ़गांवा गांव निवासी किसान नेता रविंद्र सिंह मुन्ना को पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर थाने ले आई। दिनभर उन्हें थाने में बैठाने के बाद शाम को छोड़ दिया गया। इससे नाराज किसान नेता ने कहा कि सरकार किसानों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। जो स्वस्थ लोकतंत्र के लिए घातक है। वहीं धीना रेलवे स्टेशन व आसपास के रेलवे ट्रैक पर पुलिसकर्मियों का जाल बिछा रहा। गौरतलब है कि पिछले आंदोलन में सपा नेता व पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने रेलवे ट्रैक जाम कर दिया था। इसे देखते हुए प्रशासन की ओर से एहतियात के तौर पर इस क्षेत्र में भारी पुलिसबल की तैनाती की गई थी।
पीडीडीयू नगर। किसानों के रेल रोको आंदोलन को देखते हुए पीडीडीयू जंक्शन पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। जीआरपी और आरपीएफ के जवान प्लेटफार्म से लेकर सर्कुलेटिंग एरिया, रेलवे ट्रैक पर लगाए गए थे। ताकि रेल परिचालन को लेकर किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो। वहीं पीडीडीयू रेल मंडल अंतर्गत आने वाले रेल स्टेशन गया, सासाराम नवीगंज, रफीगंज सहित अन्य स्टेशनों पर इसका आंशिक असर रहा। सुरक्षा के कड़े इंतजाम होने के चलते रेल रोको सफल नहीं हो सका।
चकिया। नए कृषि कानूनों के विरोध में रेल रोको आंदोलन के समर्थन में अखिल भारतीय किसान सभा के लालचंद एडवोकट, परमानंद कुशवाहा और उत्तर प्रदेश किसान सभा के अनिल पासवान को कोतवाली पुलिस ने दिनभर थाने में बैठाए रखा। बाद में लोगों को छोड़ दिया गया। वहीं किसान मजदूर मंच के प्रवक्ता अजय राय के साथ कुछ लोग गांधी पार्क में धरना दिया। इस दौरान मृत्युंजय पांडेय और अखिलेेश दूबे मौजूद रहे।