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स्वचालित निरीक्षण यान से अधिकारियों ने किया डीएफसीसी का निरीक्षण
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पीडीडीयू नगर। पं. दीनदयाल उपाध्याय रेल मंडल के गंजख्वाजा से चिरैलापौथु तक बिछाए गए डेडिकेटेड रेल फ्रेट कारिडोर पूर्वी लाइन का निरीक्षण अधिकारियों ने शेरा (स्वचालित निरीक्षण यान) से किया। इस दौरान रेलवे ट्रैक के साथ पुल, पुलिया और रेलवे स्टेशनों को देखा। नए ट्रैक पर मालगाड़ियों की संख्या बढ़ाने का भी निर्देेश दिया।
मालगाड़ियों के परिचालन के लिए ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के तहत अलग रेलवे लाइन बिछाई जा रही है। इसी क्रम में पीडीडीयू मंडल के गंजख्वाजा से चिरैलापौथु तक 123 किमी लाइन बिछाकर इसे चालू कर दिया गया है। इस पर मालगाड़ियों का परिचालन भी शुरू कर दिया गया है। इस ट्रैक पर सात नए रेलवे स्टेशन बनाए गए हैं। यहां गुड्स ट्रेन पर माल का लदान हो सकेगा। अब इस ट्रैक पर अधिक से अधिक मालगाड़ियों का लोड देने का काम शुरू किया जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को डीएफसीसी और इसीआर के अधिकारियों ने शेरा (स्वचालित निरीक्षण यान) से जायजा लिया। निरीक्षण यान में डीएफसीसी डायरेक्टर पंकज सक्सेना, ईडीएफसीसी के महाप्रबंधक समन्वय अजीत मिश्रा और अपर मंडल रेल प्रबंधक अतुल कुमार ने पीडीडीयू मंडल के गंजख्वाजा से बिहार राज्य के औरंगाबाद जिले के चिरैलापौथु तक ट्रैक, अंडरपास, पुल पुलिया व समपार फाटकों का अवलोकन किया गया। टीम ने ट्रैक के विद्युतीकरण, सिग्नल सहित अन्य बिंदुओं की पड़ताल की। इस दौरान डीएफसीसी की ओर से बनवाए गए स्टेशनों का भी जायजा लिया। शेरा से पहले अत्याधुनिक 12 हजार हार्स पावर के स्वदेशी इंजन, टावर वैगन व इलेक्ट्रिक इंजन ईडीएफसीसी के ट्रैक पर चलाकर सुरक्षा की जांच की जा चुकी है। हावड़ा-दिल्ली रेल खंड पर पर एक ही ट्रैक से यात्री और मालगाड़ियों के परिचालन होने से रेल रूट व्यस्त होने और सिग्नल नहीं मिलने की समस्या होती थी। अलग लाइन पर मालगाड़ियों के संचालन से मुख्य लाइन पर मालगाड़ियों का बोझ कम हो जाएगा और इसपर यात्री ट्रेने तेज रफ्तार से दौड़ सकेगी।
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मालगाड़ियों के परिचालन के लिए ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के तहत अलग रेलवे लाइन बिछाई जा रही है। इसी क्रम में पीडीडीयू मंडल के गंजख्वाजा से चिरैलापौथु तक 123 किमी लाइन बिछाकर इसे चालू कर दिया गया है। इस पर मालगाड़ियों का परिचालन भी शुरू कर दिया गया है। इस ट्रैक पर सात नए रेलवे स्टेशन बनाए गए हैं। यहां गुड्स ट्रेन पर माल का लदान हो सकेगा। अब इस ट्रैक पर अधिक से अधिक मालगाड़ियों का लोड देने का काम शुरू किया जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को डीएफसीसी और इसीआर के अधिकारियों ने शेरा (स्वचालित निरीक्षण यान) से जायजा लिया। निरीक्षण यान में डीएफसीसी डायरेक्टर पंकज सक्सेना, ईडीएफसीसी के महाप्रबंधक समन्वय अजीत मिश्रा और अपर मंडल रेल प्रबंधक अतुल कुमार ने पीडीडीयू मंडल के गंजख्वाजा से बिहार राज्य के औरंगाबाद जिले के चिरैलापौथु तक ट्रैक, अंडरपास, पुल पुलिया व समपार फाटकों का अवलोकन किया गया। टीम ने ट्रैक के विद्युतीकरण, सिग्नल सहित अन्य बिंदुओं की पड़ताल की। इस दौरान डीएफसीसी की ओर से बनवाए गए स्टेशनों का भी जायजा लिया। शेरा से पहले अत्याधुनिक 12 हजार हार्स पावर के स्वदेशी इंजन, टावर वैगन व इलेक्ट्रिक इंजन ईडीएफसीसी के ट्रैक पर चलाकर सुरक्षा की जांच की जा चुकी है। हावड़ा-दिल्ली रेल खंड पर पर एक ही ट्रैक से यात्री और मालगाड़ियों के परिचालन होने से रेल रूट व्यस्त होने और सिग्नल नहीं मिलने की समस्या होती थी। अलग लाइन पर मालगाड़ियों के संचालन से मुख्य लाइन पर मालगाड़ियों का बोझ कम हो जाएगा और इसपर यात्री ट्रेने तेज रफ्तार से दौड़ सकेगी।
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