फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chandauli News ›   Mother-child straw being kept in the center

जच्चा-बच्चा केंद्र में रखा जा रहा पुआल, खिड़की दरवाजे गायब

Sun, 30 May 2021 12:30 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 30 May 2021 12:30 AM IST
विज्ञापन
Mother-child straw being kept in the center
कंदवा। कोरोना महामारी के इस दौर में सरकार स्वास्थ्य केंद्रों को सुविधा सम्पन्न बनाने में जुटी है। वहीं बरहनी ब्लॉक के अरंगी गांव स्थित जच्चा-बच्चा केंद्र खंडहर बन चुका है। केंद्र में संसाधन और दवाईयों की जगह पुआल भरा गया है। खिड़की और दरवाजे गायब हो चुके हैं। इलाज के लिए न तो डॉक्टरों की बैठने की जगह है और न ही दवाईयां रखने की जगह है। लेकिन 15 सालों से बदहला पड़े इस केंद्र का सुध लेने वाला कोई नहीं है। डेढ़ साल पहले ग्रामीणों ने डीएम से शिकायत की थी। डीएम ने सीडीओ को निर्माण का आदेेश दिया। सीडीओ ने बीडीओ को निर्देश दिया। पर आज तक काम कुछ नहीं हुुआ।
विज्ञापन

करीब 35 वर्ष पहले ग्रामीणों की काफी मांग के बाद अरंगी गांव में जच्चा बच्चा केंद्र का निर्माण किया गया था। इससे गांव की महिलाओं को काफी सहूलियत मिलने लगी थी। इससे पूर्व जच्चा-बच्चा केंद्र के अभाव में महिलाओं को बरहनी पीएचसी की शरण लेनी पड़ती थी। इससे महिलाओं का समय व धन दोनों बर्बाद होता था। इसके बाद ग्रामीणों की मांग पर गांव में जच्चा-बच्चा केंद्र बनाया गया। इससे ग्रामीणों की दवा व अन्य मेडिकल जरूरतें पूरा होने लगीं लेकिन विभागीय अनदेखी व लापरवाही से धीरे-धीरे केंद्र जीर्ण-शीर्ण हो गया। आलम यह हैं कि लगभग 15 वर्ष से यहां न तो चिकित्सकीय स्टाफ बैठ रहा है और न ही ग्रामीणों को इसकी सुविधा मिल रही है। महिलाओं को इलाज के लिए फिर से बरहनी पीएचसी की शरण में जाना पड़ रहा है। कभी-कभी टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग की कोई डॉक्टर और कर्मचारी आती भी हैं तो उन्हें समझ नहीं आता कि बैठे कहां और इलाज कहां करें।
विज्ञापन

देखभाल न होने की वजह से अरंगी स्थित जच्च-बच्चा केंद्र की दीवारें जर्जर और बदरंग हो चुकी हैं। जगह-जगह सीमेंट और बालू उखड़ चुके हैं। अंदर भी यही हाल है। खंडहर बन चुके अंदर के कमरों में जीव-जंतु रहते हैं। कुत्तों का बसेरा हो चुका है। दूर से देखने पर यह किसी भूतिया किले जैसा लग रहा है। लेकिन इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

केंद्र के पीछे व बगल में तो कुछ लोगों ने पुआल रखकर अतिक्रमण भी कर लिया है। ग्रामीणों ने संबन्धित विभाग के अधिकारियों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से समस्या के समाधान के लिए कई बार कह। लेकिन समाधान नहीं हो सका। ग्रामीण बलेंद्र सिंह, विकास सिंह, संदीप, गिरीश पांडेय, अंकित सिंह, अभिषेक,पिंटू सिंह आदि ने केंद्र को अतिक्रमण मुक्त कराकर सुचारू रूप से चलाए जाने की मांग की है।
जच्चा-बच्चा केंद्र के पुनर्निमाण के लिए लगभग डेढ़ वर्ष पहले तत्कालीन डीएम को पत्र लिखा गया था। डीएम ने निर्माण की जिम्मेदारी सीडीओ को सौंप दी थी। वहीं सीडीओ ने बीडीओ को ग्राम पंचायत के धन से केंद्र का निर्माण कराने का निर्देश दिया था लेकिन इसके बाद भी कार्य आरंभ नहीं हो सका है। केंद्र के पुनर्निमाण के लिए नए सिरे से पत्राचार किया जाएगा। डॉ. रितेश कुमार, प्रभारी चिकित्साधिकारी, बरहनी पीएचसी।

एक-एक कर जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों को सही किया जा रहा है। आगे इसे भी ठीक किया जाएगा। समस्या काफी पुरानी है। जिसे दूर करने का पूरा प्रयास किया जाएगा।
डॉ. वीपी द्विवेदी, सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed