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Chandauli News: चार दशक बाद बदलेगा भगवान जगन्नाथ रथयात्रा का विश्राम स्थल
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पीडीडीयू नगर के राममंदिर के समीप रथ की तैयारी में जुटे लोग। संवाद
- फोटो : Archive
पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर में पिछले चार दशक से निकल रही भगवान जगन्नाथ रथयात्रा का विश्राम स्थल इस वर्ष बदला जाएगा।
16 से 18 जुलाई तक आयोजित होने वाली तीन दिवसीय रथयात्रा के दौरान इस बार रथ पीडीडीयू जंक्शन स्थित प्राचीन काली मंदिर के बजाय सुभाष पार्क के समीप नव निर्मित काली मंदिर परिसर में विश्राम करेगा।
नगर के राम मंदिर से पिछले 40 वर्षों से अधिक समय से भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की भव्य रथयात्रा निकाली जाती है। इस दौरान तीन दिवसीय मेले का भी आयोजन होता है। आयोजन समिति के आनंदी देवी, जवाहर गुप्ता, सौरभ जायसवाल, रामसरन जायसवाल और महेश जायसवाल ने बताया कि इस वर्ष रथयात्रा 16 जुलाई को शाम चार बजे राम मंदिर से प्रारंभ होगी। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की प्रतिमाओं को रथ पर विराजमान कराने के बाद श्रद्धालु रथ को खींचते हुए गाजे-बाजे के साथ शाम करीब छह बजे नए रेलवे गेट तक पहुंचेंगे।
यहां रात 12 बजे तक दर्शन-पूजन होगा। इसी दिन रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक चंदौली के जसवंत यादव और भभुआ (बिहार) की रजनीगंधा के बीच बिरहा मुकाबले का आयोजन होगा।
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17 जुलाई की सुबह पांच बजे श्रद्धालु रथ को दामोदरदास पोखरा तक ले जाएंगे, जहां पूजा-अर्चना और मेले का आयोजन होगा। शाम पांच से छह बजे तक कुश्ती दंगल आयोजित किया जाएगा। इसके बाद शाम छह बजे रथ सुभाष पार्क स्थित नए काली मंदिर परिसर पहुंचेगा, जहां पूरी रात दर्शन-पूजन और भजन-कीर्तन होगा।
आयोजकों ने बताया कि अब तक रथ पीडीडीयू जंक्शन के समीप स्थित प्राचीन काली मंदिर परिसर में विश्राम करता था, लेकिन इस वर्ष पहली बार उसका विश्राम स्थल बदलकर नए काली मंदिर परिसर में किया गया है।
18 जुलाई की सुबह सात बजे श्रद्धालु रथ को पुनः राम मंदिर लाएंगे। वहां पूजा-अर्चना के साथ तीन दिवसीय रथयात्रा एवं मेले का समापन होगा।
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16 से 18 जुलाई तक आयोजित होने वाली तीन दिवसीय रथयात्रा के दौरान इस बार रथ पीडीडीयू जंक्शन स्थित प्राचीन काली मंदिर के बजाय सुभाष पार्क के समीप नव निर्मित काली मंदिर परिसर में विश्राम करेगा।
नगर के राम मंदिर से पिछले 40 वर्षों से अधिक समय से भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की भव्य रथयात्रा निकाली जाती है। इस दौरान तीन दिवसीय मेले का भी आयोजन होता है। आयोजन समिति के आनंदी देवी, जवाहर गुप्ता, सौरभ जायसवाल, रामसरन जायसवाल और महेश जायसवाल ने बताया कि इस वर्ष रथयात्रा 16 जुलाई को शाम चार बजे राम मंदिर से प्रारंभ होगी। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की प्रतिमाओं को रथ पर विराजमान कराने के बाद श्रद्धालु रथ को खींचते हुए गाजे-बाजे के साथ शाम करीब छह बजे नए रेलवे गेट तक पहुंचेंगे।
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यहां रात 12 बजे तक दर्शन-पूजन होगा। इसी दिन रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक चंदौली के जसवंत यादव और भभुआ (बिहार) की रजनीगंधा के बीच बिरहा मुकाबले का आयोजन होगा।
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17 जुलाई की सुबह पांच बजे श्रद्धालु रथ को दामोदरदास पोखरा तक ले जाएंगे, जहां पूजा-अर्चना और मेले का आयोजन होगा। शाम पांच से छह बजे तक कुश्ती दंगल आयोजित किया जाएगा। इसके बाद शाम छह बजे रथ सुभाष पार्क स्थित नए काली मंदिर परिसर पहुंचेगा, जहां पूरी रात दर्शन-पूजन और भजन-कीर्तन होगा।
आयोजकों ने बताया कि अब तक रथ पीडीडीयू जंक्शन के समीप स्थित प्राचीन काली मंदिर परिसर में विश्राम करता था, लेकिन इस वर्ष पहली बार उसका विश्राम स्थल बदलकर नए काली मंदिर परिसर में किया गया है।
18 जुलाई की सुबह सात बजे श्रद्धालु रथ को पुनः राम मंदिर लाएंगे। वहां पूजा-अर्चना के साथ तीन दिवसीय रथयात्रा एवं मेले का समापन होगा।