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लॉक डाउन ने बिगाड़ा लोगों का घरेलू बजट

Fri, 10 Apr 2020 10:06 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 10 Apr 2020 10:06 PM IST
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Lock down spoiled people's household budget
पीडीडीयू नगर। कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए लॉकडाउन अब लोगों को जीवन में परेशानियां खड़ी करने लगा है। सभी लोग बिना काम के घर बैठे हुए हैं जिससे उनके समक्ष रोजी-रोटी का संकट खड़ा होने लगा है। लॉक डाउन का पखवारा गुजर गया है। बिना काम रोजगार के लोग अपनी संचित धन का उपयोग जीवन यापन के लिए कर रहे हैं। हर रोज कमाने वाले कमजोर आय वर्ग के लोगों के लिए अब दिन की बंदी पहाड़ बनने लगी है। कातिल कोरोना वायरस से निपटने के लिए सामाजिक दूरी बनाने के उद्देश्य से देश में लॉक डाउन घोषित किया गया। लॉक डाउन लोगों के घरेलू बजट पर प्रहार करने लगा है। धान के कटोरे के रूप में विख्यात चंदौली के मिनी महानगर में आर्थिक तंत्र पूरी तरह ठप है। इस शहर से स्टेशन, कोयला मंडी, सब्जी मंडी ,गल्लामंडी के अलावा में परिवहन साधनों के अलावा भवन निर्माण से सम्बंधित कार्य मे प्रतिदिन हजारों असंगठित मजदूर कार्य मे लगे रहते है। हजारों लोग अपने छोटे व्यवसाय के जरिये परिवार व अपना जीवन यापन करते है। पटेल नगर निवासी डब्लू गुप्ता ने कहा कि ठेले पर गोलगप्पा लगाकर बेचते थे लेकिन बंदी के कारण रोजगार बंद है और अब समझ नहीं आ रहा है दैनिक खर्च के लिए रुपयों का इंतजाम कहा से करेंगे। उर्मिला देवी ने कहा कि उनके पति पेशे से पेंटर है। सामान्य दिनों में काम मिलने पर पेट पलता था, अब घर के आर्थिक स्थिति काफी खराब हो चुकी है। पेशे से मजदूर कूढ़े खुर्द निवासी संदीप कुमार ने कहा कि लॉक डाउन में सभी कार्य बंद है। मजदूरी नहीं मिलने से घर खर्च चलाने में काफी परेशानी हो रही है। श्याली देवी ने कहा कि वे लोगों के घरों में जाकर खाना बनाती है। कोरोना के कारण लोगों ने घर पर खाना बनाने के लिए बुलाना बंद कर दिया है। अब समझ नहीं आ रहा है घर का खर्च कहां से और कैसे चलेगा। जो रुपये कमाकर रखे थे वो भी अब धीरे-धीरे खत्म होने लगे है। लॉकडाउन के कारण लोग दैनिक जरूरत की चीजों के लिए मोहताज हो रहे हैं। इस विकट परिस्थिति में धैर्य ही ऐसे लोगों के लिए साहस का पर्याय बन चुका है।
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