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खेतों में बारिश बनी संजीवनी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
Updated Wed, 17 Feb 2016 01:34 AM IST
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कई दिनों से गर्मी का अहसास करा रहे मौसम में मंगलवार को बदलाव दिखा।
दोपहर से रुक रुककर शाम तक जारी बारिश ने किसानों के खेतों को मानों संजीवनी दे दी। खासकर गेहूं को तो समय पर पानी भी मिल गया। दलहनी फसलों को भी लाभ होगा। हालांकि नगरों में लोगों की परेशानी बढ़ गई।
वैवाहिक कार्यक्रमों की तैयारी में लगे लोगों को दिक्कत हुई। ठंड एक बार फिर महसूस होने लगी है। गर्म कपड़े सहेजने की तैयारी में लगी महिलाओं को फिर से गर्म कपड़ों को निकालना पड़ा।
मंगलवार की भोर से ही मौसम ने अचानक करवट ले लिया। भोर में हल्की बूंदा बांदी के बाद सुबह मौसम में नरमी दिखनी लगी थी। कुछ समय के लिये रवि का दर्शन तो हुआ लेकिन एक बार बारिश ने रुख किया तो सूर्य छिप गये। दोपहर से रिमझिम बारिश का सिलसिला चलता रहा।
लेकिन शाम के चार बजने के बाद बारिश ने तेवर बदल लिया। रिमझिम बारिश झमाझम में तब्दील हो गयी। एक घंटे तक जोरदार बारिश हुई। जिससे नगरों व ग्रामीण इलाकों में कीचड़ हो गया।
वहीं यह बारिश किसानों के लिये कारगर साबित होगी। इस समय गेहूं की फसल को पानी की आवश्यकता है। ताकि खेतों में नमी रहे जिससे गेहूं के बाल में दाने अधिक हों। हालांकि किसान इस बात से भी चिंतित हैं कि कहीं बर्फ गिरी तो लेने के देने न पड़ जायें।
किसानों का कहना है कि इधर कई सालों से खेतों में खड़ी फसल को प्रकृति की कहर का सामना करना पड़ता है। एकाएक ठंड में इजाफा होने का आशंका बन गयी है। महिलायें धीरे धीरे गर्म कपड़ों को साफ कर रखने की तैयारी में लगी थी। लेकिन बारिश के बाद ठंड में बढ़ोत्तरी को देखते हुये अपने इरादे बदलने पड़ेंगे।
कंदवा संवाददाता के अनुसार मंगलवार की भोर से कही हल्की तो कहीं झमाझम बारिश हुई। शाम को हुई झमाझम बारिश ने लोगों को घरों में दुबकने को विवश कर दिया। वहीं संपर्क मार्ग के अभाव में कई गांवों के लोग मुश्किल से घर पहुंच सके। बारिश का असर फसलों पर भी पड़ा। फसल के लिए यह बारिश काफी फायदेमंद है। किसानों के अनुसार बारिश के चलते पैदावार की उम्मीद काफी बढ़ गई है।
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दोपहर से रुक रुककर शाम तक जारी बारिश ने किसानों के खेतों को मानों संजीवनी दे दी। खासकर गेहूं को तो समय पर पानी भी मिल गया। दलहनी फसलों को भी लाभ होगा। हालांकि नगरों में लोगों की परेशानी बढ़ गई।
वैवाहिक कार्यक्रमों की तैयारी में लगे लोगों को दिक्कत हुई। ठंड एक बार फिर महसूस होने लगी है। गर्म कपड़े सहेजने की तैयारी में लगी महिलाओं को फिर से गर्म कपड़ों को निकालना पड़ा।
मंगलवार की भोर से ही मौसम ने अचानक करवट ले लिया। भोर में हल्की बूंदा बांदी के बाद सुबह मौसम में नरमी दिखनी लगी थी। कुछ समय के लिये रवि का दर्शन तो हुआ लेकिन एक बार बारिश ने रुख किया तो सूर्य छिप गये। दोपहर से रिमझिम बारिश का सिलसिला चलता रहा।
लेकिन शाम के चार बजने के बाद बारिश ने तेवर बदल लिया। रिमझिम बारिश झमाझम में तब्दील हो गयी। एक घंटे तक जोरदार बारिश हुई। जिससे नगरों व ग्रामीण इलाकों में कीचड़ हो गया।
वहीं यह बारिश किसानों के लिये कारगर साबित होगी। इस समय गेहूं की फसल को पानी की आवश्यकता है। ताकि खेतों में नमी रहे जिससे गेहूं के बाल में दाने अधिक हों। हालांकि किसान इस बात से भी चिंतित हैं कि कहीं बर्फ गिरी तो लेने के देने न पड़ जायें।
किसानों का कहना है कि इधर कई सालों से खेतों में खड़ी फसल को प्रकृति की कहर का सामना करना पड़ता है। एकाएक ठंड में इजाफा होने का आशंका बन गयी है। महिलायें धीरे धीरे गर्म कपड़ों को साफ कर रखने की तैयारी में लगी थी। लेकिन बारिश के बाद ठंड में बढ़ोत्तरी को देखते हुये अपने इरादे बदलने पड़ेंगे।
कंदवा संवाददाता के अनुसार मंगलवार की भोर से कही हल्की तो कहीं झमाझम बारिश हुई। शाम को हुई झमाझम बारिश ने लोगों को घरों में दुबकने को विवश कर दिया। वहीं संपर्क मार्ग के अभाव में कई गांवों के लोग मुश्किल से घर पहुंच सके। बारिश का असर फसलों पर भी पड़ा। फसल के लिए यह बारिश काफी फायदेमंद है। किसानों के अनुसार बारिश के चलते पैदावार की उम्मीद काफी बढ़ गई है।