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Chandauli News: पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश से कर्मनाशा के बंधों में उफान
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चकिया। पर्वतीय क्षेत्रों में पिछले 48 घंटे में हुई जोरदार बारिश के कारण कर्मनाशा नदी के बंधे उफनाने लगे हैं। जलस्तर उच्चतम बिंदु पर पहुंचने के बाद बांधों से कर्मनाशा नदी में पानी छोड़ा जा रहा है। इससे शहाबगंज और चंदौली ब्लॉक के निचले हिस्सों में बाढ़ का संकट गहराने लगा है।
पिछले 48 घंटे में बिहार और नगवा क्षेत्र में 60 मिमी बारिश होने से सोनभद्र स्थित नगवां बांध पूरी तरह भर गया। ऐसे में बांध से 20 हजार क्यूसेक पानी कर्मनाशा नदी में छोड़ा गया, जिससे नौगढ़ बांध का जलस्तर उच्चतम बिंदु 895 फीट से ऊपर चला गया। मंगलवार को भोर में नौगढ़ बांध से 26 हजार क्यूसेक पानी कर्मनाशा नदी में छोड़ा गया, जिससे मूसाखाड़ बांध का जलस्तर उच्चतम बिंदु 356 फिर से ऊपर पहुंच गया। ऐसे में मूसाखाड़ बांध से 44 हजार 445 क्यूसेक पानी लतीफशाह बियर में छोड़ा गया। इस समय लतीफशाह बियर से 14 हजार क्यूसेक पानी कर्मनाशा में गिर रहा है, जिससे शहाबगंज और चंदौली के निचले इलाकों में बाढ़ का संकट घराने लगा है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का मानना है की बरसात की स्थिति यही बनी रही तो बांधों से पानी छोड़े जाने का सिलसिला जारी रहेगा। मूसाखाड़ बांध के सहायक अभियंता राकेश तिवारी ने कहा कि पहाड़ों में बारिश होने और नगवा, नौगढ़ बांध से पानी छोड़े जाने के कारण मूसाखाड़ बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। खतरे को देखते हुए मूसाखाड़ बांध से कर्मनाशा में पानी छोड़ना पड़ रहा है। चंद्रप्रभा प्रखंड के अधिशासी अभियंता सर्वेश चंद्र सिन्हा ने कहा कि बांधों में पानी क्षमता से ज्यादा पहुंच गया है। खतरे को देखते हुए बांधों से पानी छोड़ा जा रहा है।
भारी बारिश होने से चंद्रप्रभा बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि अभी पानी उच्चतम बिंदु से 6 फीट नीचे है। सूत्रों के अनुसार चंद्रप्रभा बांध के जल ग्रहण क्षेत्रों में 48 घंटे में 50 मिमी बारिश हुई है। इससे बांध का जलस्तर 772.5 फुट पहुंच गया है। बांध का उच्चतम जल स्तर बिंदु 779 फुट है। इस पानी से 11 हजार हेक्टेयर खेतों को खरीफ के साथ रबी के सीजन में भूरपूर सिंचाई हो सकेगी। बांध के सहायक अभियंता ऋषभ राय के अनुसार चंद्रप्रभा बांध के कैचमेंट एरिया में भारी बारिश होने से बांध में पानी बढ़ा है।
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इनसेट-
एसडीएम ने किया तटवर्ती इलाकों का निरीक्षण
कंदवा। लगातार बारिश और कर्मनाशा नदी में बांधों से पानी छोड़े जाने की सूचना पाकर एडीएम सदर हर्षिका सिंह ने मंगलवार को तटवर्ती गांवों का निरीक्षण किया और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी। नौगढ़ बांध से पांच सौ क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद एडीएम सदर हर्षिका सिंह ने अरंगी, अदसड़, ककरैत आदि गांवों का जायजा लिया।उन्होंने कहा कि बाढ़ से निपटने के लिए लोगों को तैयार रहने की जरूरत है।
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पिछले 48 घंटे में बिहार और नगवा क्षेत्र में 60 मिमी बारिश होने से सोनभद्र स्थित नगवां बांध पूरी तरह भर गया। ऐसे में बांध से 20 हजार क्यूसेक पानी कर्मनाशा नदी में छोड़ा गया, जिससे नौगढ़ बांध का जलस्तर उच्चतम बिंदु 895 फीट से ऊपर चला गया। मंगलवार को भोर में नौगढ़ बांध से 26 हजार क्यूसेक पानी कर्मनाशा नदी में छोड़ा गया, जिससे मूसाखाड़ बांध का जलस्तर उच्चतम बिंदु 356 फिर से ऊपर पहुंच गया। ऐसे में मूसाखाड़ बांध से 44 हजार 445 क्यूसेक पानी लतीफशाह बियर में छोड़ा गया। इस समय लतीफशाह बियर से 14 हजार क्यूसेक पानी कर्मनाशा में गिर रहा है, जिससे शहाबगंज और चंदौली के निचले इलाकों में बाढ़ का संकट घराने लगा है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का मानना है की बरसात की स्थिति यही बनी रही तो बांधों से पानी छोड़े जाने का सिलसिला जारी रहेगा। मूसाखाड़ बांध के सहायक अभियंता राकेश तिवारी ने कहा कि पहाड़ों में बारिश होने और नगवा, नौगढ़ बांध से पानी छोड़े जाने के कारण मूसाखाड़ बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। खतरे को देखते हुए मूसाखाड़ बांध से कर्मनाशा में पानी छोड़ना पड़ रहा है। चंद्रप्रभा प्रखंड के अधिशासी अभियंता सर्वेश चंद्र सिन्हा ने कहा कि बांधों में पानी क्षमता से ज्यादा पहुंच गया है। खतरे को देखते हुए बांधों से पानी छोड़ा जा रहा है।
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भारी बारिश होने से चंद्रप्रभा बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि अभी पानी उच्चतम बिंदु से 6 फीट नीचे है। सूत्रों के अनुसार चंद्रप्रभा बांध के जल ग्रहण क्षेत्रों में 48 घंटे में 50 मिमी बारिश हुई है। इससे बांध का जलस्तर 772.5 फुट पहुंच गया है। बांध का उच्चतम जल स्तर बिंदु 779 फुट है। इस पानी से 11 हजार हेक्टेयर खेतों को खरीफ के साथ रबी के सीजन में भूरपूर सिंचाई हो सकेगी। बांध के सहायक अभियंता ऋषभ राय के अनुसार चंद्रप्रभा बांध के कैचमेंट एरिया में भारी बारिश होने से बांध में पानी बढ़ा है।
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एसडीएम ने किया तटवर्ती इलाकों का निरीक्षण
कंदवा। लगातार बारिश और कर्मनाशा नदी में बांधों से पानी छोड़े जाने की सूचना पाकर एडीएम सदर हर्षिका सिंह ने मंगलवार को तटवर्ती गांवों का निरीक्षण किया और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी। नौगढ़ बांध से पांच सौ क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद एडीएम सदर हर्षिका सिंह ने अरंगी, अदसड़, ककरैत आदि गांवों का जायजा लिया।उन्होंने कहा कि बाढ़ से निपटने के लिए लोगों को तैयार रहने की जरूरत है।