{"_id":"595cecdf842cd7966c2ceb19e2404a59","slug":"instructors-opposed-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अनुदेशकों ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अनुदेशकों ने किया प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
Updated Sat, 08 Aug 2015 01:55 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चार माह से बकाया मानदेय को लेकर शुक्रवार को अनुदेशकों ने मुख्यालय स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया।
साथ ही विकास भवन पहुंच कर जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम से मुलाकात की और समस्याओं के निराकरण का अनुरोध किया। डीएम ने बीएसए से फोन पर वार्ता कर अनुदेशकों का बकाया मानदेय दिलाने सहित अन्य समस्याओं का समाधान निकालने का आश्वासन दिया।
चार माह से मानदेय का इंतजार कर रहे अनुदेशक आंदोलित हो उठे। पूर्व माध्यमिक अनुदेशक कल्याण समिति के बैनर तले जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे महिला और पुरुष अनुदेशकों ने जोरदार प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष आशीष कुमार रघुवंशी ने कहा कि अनुदेशकों की तैनाती के बाद जूनियर हाईस्कूलों की शिक्षा में गुणवत्ता बढ़ी है। लेकिन अनुदेशकों को प्रतिफल में समस्याएं ही मिल रही हैं। कहा कि मानदेय चार माह से रुका हुआ है। इससे आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
ऐसा पहली दफा नहीं है कि अनुदेशकों का मानदेय रोका गया है। नियुक्ति के बाद से ही अनुदेशकों को समय से मानदेय नहीं प्राप्त हो पाता है। कहा कि महिला अनुदेशकों को उनके अपने विकास खंड के इतर सुदूर के ब्लाकों में तैनाती दी गई है। ऐसे में पारस्परिक स्थानांतरण व्यवस्था लागू करना जरूरी हो गया है।
अनुदेशकों ने प्रशिक्षण प्रदान करने, महिला अनुदेशकों को प्रसूता अवकाश की सुविधा प्रदान करने, बकाया मानदेय शीघ्र ही खातों में भेजने और पारस्परिक स्थानांतरण व्यवस्था लागू किए जाने की मांग की।
कहा कि यदि तत्काल मादेय नहीं भेजा जाता है, तो सभी अनुदेशक काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इस अवसर पर अनुज मिश्रा, विकास पाठक, राहुल, अमरकांत, पवन, संजय, सुजीत, मनीष, नारद, प्रकाश आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
साथ ही विकास भवन पहुंच कर जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम से मुलाकात की और समस्याओं के निराकरण का अनुरोध किया। डीएम ने बीएसए से फोन पर वार्ता कर अनुदेशकों का बकाया मानदेय दिलाने सहित अन्य समस्याओं का समाधान निकालने का आश्वासन दिया।
चार माह से मानदेय का इंतजार कर रहे अनुदेशक आंदोलित हो उठे। पूर्व माध्यमिक अनुदेशक कल्याण समिति के बैनर तले जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे महिला और पुरुष अनुदेशकों ने जोरदार प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष आशीष कुमार रघुवंशी ने कहा कि अनुदेशकों की तैनाती के बाद जूनियर हाईस्कूलों की शिक्षा में गुणवत्ता बढ़ी है। लेकिन अनुदेशकों को प्रतिफल में समस्याएं ही मिल रही हैं। कहा कि मानदेय चार माह से रुका हुआ है। इससे आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
ऐसा पहली दफा नहीं है कि अनुदेशकों का मानदेय रोका गया है। नियुक्ति के बाद से ही अनुदेशकों को समय से मानदेय नहीं प्राप्त हो पाता है। कहा कि महिला अनुदेशकों को उनके अपने विकास खंड के इतर सुदूर के ब्लाकों में तैनाती दी गई है। ऐसे में पारस्परिक स्थानांतरण व्यवस्था लागू करना जरूरी हो गया है।
अनुदेशकों ने प्रशिक्षण प्रदान करने, महिला अनुदेशकों को प्रसूता अवकाश की सुविधा प्रदान करने, बकाया मानदेय शीघ्र ही खातों में भेजने और पारस्परिक स्थानांतरण व्यवस्था लागू किए जाने की मांग की।
कहा कि यदि तत्काल मादेय नहीं भेजा जाता है, तो सभी अनुदेशक काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इस अवसर पर अनुज मिश्रा, विकास पाठक, राहुल, अमरकांत, पवन, संजय, सुजीत, मनीष, नारद, प्रकाश आदि उपस्थित रहे।