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बांटे गए उपहार
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
Updated Wed, 11 Nov 2015 09:07 PM IST
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दीपावली पर गणेश और लक्ष्मी की पूजा के साथ लोगों ने खूब उपहार ही बांटे।
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अपनी हैसियत के अनुसार लोगों ने उपहार और मिठाइयों का वितरण किया।
दीपावली पर्व पर एक-दूसरे का मुंह मीठा कराना शुभ माना जाता है। ऐसे में एक दूसरे को उपहार स्वरूप मिठाइयां, फल आदि बांटना देश की परंपरा रही है। इस वर्ष भी इस परंपरा का खूब निर्वहन हुआ। अबकी बार उपहार में मिठाइयों के बजाय सूखे मेवे, बिस्कुट और चाकलेट के पैकेज ज्यादा बांटे गए।
ठेकेदारों, कर्मचारियों और व्यवसायियों ने खूब उपहार बांटे। मिलावट और खराब होने की आशंका के चलते लोग पैकेट बंद उपहार देना चाहते हैं।
दीपावली के पर्व पर घरों की सजावट के लिए फूल मालाओं की जमकर बिक्री हुई। सुबह से ही नगर के विभिन्न इलाकों में गेंदा की माला की दुकानें ठेलों पर सज गई थी।
यहां सुबह से ही खरीददारी के लिए लोगों की भीड़ जुटी। अधिक बिक्री के मद्देनजर मालाओं की कीमत आसमान पर पहुंच गई। छोटी माला पांच से दस रुपये और बड़े साइज के फूलों की माला तीस से 35 रुपये प्रति पीस बिकी।
दीपावली पर्व पर एक-दूसरे का मुंह मीठा कराना शुभ माना जाता है। ऐसे में एक दूसरे को उपहार स्वरूप मिठाइयां, फल आदि बांटना देश की परंपरा रही है। इस वर्ष भी इस परंपरा का खूब निर्वहन हुआ। अबकी बार उपहार में मिठाइयों के बजाय सूखे मेवे, बिस्कुट और चाकलेट के पैकेज ज्यादा बांटे गए।
ठेकेदारों, कर्मचारियों और व्यवसायियों ने खूब उपहार बांटे। मिलावट और खराब होने की आशंका के चलते लोग पैकेट बंद उपहार देना चाहते हैं।
दीपावली के पर्व पर घरों की सजावट के लिए फूल मालाओं की जमकर बिक्री हुई। सुबह से ही नगर के विभिन्न इलाकों में गेंदा की माला की दुकानें ठेलों पर सज गई थी।
यहां सुबह से ही खरीददारी के लिए लोगों की भीड़ जुटी। अधिक बिक्री के मद्देनजर मालाओं की कीमत आसमान पर पहुंच गई। छोटी माला पांच से दस रुपये और बड़े साइज के फूलों की माला तीस से 35 रुपये प्रति पीस बिकी।