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गौरव अध्यक्ष, रामनरेश बने महामंत्री
ब्यूरो अमर उजाला चंदौली
Updated Sat, 24 Jan 2015 01:55 AM IST
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बार एसोसिएशन चकिया द्वारा संचालित श्री आदित्य नारायण पुस्तकालय के प्रबंध
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समिति के अध्यक्ष तथा महामंत्री पद का चुनाव शुक्रवार को मतदान के जरिए
हुआ।
मतदान के बाद हुई मतगणना में अध्यक्ष पद पर गौरव श्रीवास्तव तथा महामंत्री पद पर रामनरेश जायसवाल को निर्वाचित घोषित किया गया। प्रबंध समिति के अन्य पदाधिकारियाें का पहले ही निर्विरोध निर्वाचन हो गया था।
आदित्य पुस्तकालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष पद पर निवर्तमान अध्यक्ष गौरव श्रीवास्तव ने 94 मत पाकर अपने निकटमत प्रतिद्वंद्वी प्रेमबहादुर यादव को 40 मतों सें पराजित कर दिया।
प्रेमबहादुर यादव को 54 मतों से ही संतोष करना पड़ा। वहीं इस पद के अन्य प्रत्याशियाें राम चरित्तर को 34 तथा संतोष चौरसिया को 10 मत मिले। इस पद पर 4 मत अवैध घोषित कर दिए गए। महामंत्री पद पर सीधे मुकाबले में रामनरेश जायसवाल ने राकेश पाठक को 8 मतों से पराजित कर दिया। रामनरेश को 99 तथा राकेश पाठक को 91 मत मिले।
इस पद पर 5 मत अवैध घोषित किए गए। मुख्य चुनाव अधिकारी लाल जी सिंह तथा सहायक चुनाव अधिकारी बैजनाथ राय के अनुसार आदित्य नारायण पुस्तकालय की प्रबंध समिति के चुनाव में कुल 205 अधिवक्ता मतदाता थे जिसमें से 196 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
चुनाव अधिकारियों के अनुसार शेष पदों पर एक एक नामांकन होने के कारण पदाधिकारी पहले ही निर्विरोध हो चुके हैं।
मतदान के बाद हुई मतगणना में अध्यक्ष पद पर गौरव श्रीवास्तव तथा महामंत्री पद पर रामनरेश जायसवाल को निर्वाचित घोषित किया गया। प्रबंध समिति के अन्य पदाधिकारियाें का पहले ही निर्विरोध निर्वाचन हो गया था।
आदित्य पुस्तकालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष पद पर निवर्तमान अध्यक्ष गौरव श्रीवास्तव ने 94 मत पाकर अपने निकटमत प्रतिद्वंद्वी प्रेमबहादुर यादव को 40 मतों सें पराजित कर दिया।
प्रेमबहादुर यादव को 54 मतों से ही संतोष करना पड़ा। वहीं इस पद के अन्य प्रत्याशियाें राम चरित्तर को 34 तथा संतोष चौरसिया को 10 मत मिले। इस पद पर 4 मत अवैध घोषित कर दिए गए। महामंत्री पद पर सीधे मुकाबले में रामनरेश जायसवाल ने राकेश पाठक को 8 मतों से पराजित कर दिया। रामनरेश को 99 तथा राकेश पाठक को 91 मत मिले।
इस पद पर 5 मत अवैध घोषित किए गए। मुख्य चुनाव अधिकारी लाल जी सिंह तथा सहायक चुनाव अधिकारी बैजनाथ राय के अनुसार आदित्य नारायण पुस्तकालय की प्रबंध समिति के चुनाव में कुल 205 अधिवक्ता मतदाता थे जिसमें से 196 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
चुनाव अधिकारियों के अनुसार शेष पदों पर एक एक नामांकन होने के कारण पदाधिकारी पहले ही निर्विरोध हो चुके हैं।