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कृषि उत्पादों को फॉर्ड फाउंडेशन दिलाएगा अंतरराष्ट्रीय बाजार: प्रो. पंजाब सिंह
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कंदवा। क्षेत्र के इमिलिया गांव में रविवार को किसान मेला (फार्मर्स एंड साइंटिस्ट कनेक्ट मीट) का आयोजन किया गया। इसमें किसानों व वैज्ञानिकों का सीधा संवाद हुआ। इस दौरान छह महिला व चार पुरुष सहित 10 उन्नतिशील किसानों को प्रशस्ति पत्र और 10 हजार रुपये देकर प्रोत्साहित किया गया। मेले का उद्घाटन प्रख्यात कृषि वैैैज्ञानिक, बीएचयू के पूर्व कुलपति और फार्ड फाउंडेशन के अध्यक्ष और प्रो. पंजाब सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि फॉर्ड फाउंडेशन कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार दिलाएगा। किसानों को उद्यमी बनाना इसका लक्ष्य है।
फॉर्ड फाउंडेशन व (आईसीएआर) भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान वाराणसी की ओर से आयोजित इस किसान मेला में कृषि वैज्ञानिक व बीएचयू के पूर्व कुलपति प्रो. पंजाब सिंह नेतृत्व में किसानों को कृषि की नई तकनीकी के विषय में जानकारी दी गई। कृषि वैज्ञानिकों ने आस-पास के खेतों का भ्रमण किया और किसानों को नई तकनीक से खेती करने के लिए जागरूक किया। भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान के डॉ. टीके बोहरा ने किसानों को मटर की प्रचलित प्रजाति काशी उदय के बारे में बताया। फॉर्ड फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो.पंजाब सिंह ने पुरस्कृत किसानों को बधाई देते हुए कहा के यह तो शुरुआत है जिसमें किसानों को लाभ प्राप्त हो रहा है। आने वाले समय में मक्का उत्पादन कार्यक्रम भी शुरू किया जाएगा जिसमें 23 रुपये प्रति किलोग्राम के अनुसार किसानों की उपज उनके खेतों से ही खरीदी जाएगी। कहा कि पुरानी खेती के तौर तरीके बदल चुके हैं। अब कृषि नवाचार से बीज उत्पादन करने वाले किसानों ने प्रसंस्करण कर लाखों का मुनाफा प्राप्त किया है। किसानों को उद्यमी बनाना ही मुख्य लक्ष्य है। प्रगतिशील किसान रतन सिंहद्वारा पराली निस्तारण की समस्या उठाने पर आईसीएआर के उपमहानिदेशक ने बताया कि सरकार इसके समाधान के लिए यथा शीघ्र निर्देश देगी। कार्यक्रम में डॉ. ऋषि मुनि सिंह (पूर्व डीन बीएचयू), डॉ. एसआर सिंह, डॉ. जगदीश सिंह, डॉ. नीरज सिंह, बीएचयू के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. संतोष कुमार सिंह, फार्ड फाउंडेशन के ट्रस्टी डॉ. उमेश सिंह, दशरथ सिंह, डॉ.. राजेश सिंह सहित किसान मौजूद रहे।
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फॉर्ड फाउंडेशन व (आईसीएआर) भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान वाराणसी की ओर से आयोजित इस किसान मेला में कृषि वैज्ञानिक व बीएचयू के पूर्व कुलपति प्रो. पंजाब सिंह नेतृत्व में किसानों को कृषि की नई तकनीकी के विषय में जानकारी दी गई। कृषि वैज्ञानिकों ने आस-पास के खेतों का भ्रमण किया और किसानों को नई तकनीक से खेती करने के लिए जागरूक किया। भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान के डॉ. टीके बोहरा ने किसानों को मटर की प्रचलित प्रजाति काशी उदय के बारे में बताया। फॉर्ड फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो.पंजाब सिंह ने पुरस्कृत किसानों को बधाई देते हुए कहा के यह तो शुरुआत है जिसमें किसानों को लाभ प्राप्त हो रहा है। आने वाले समय में मक्का उत्पादन कार्यक्रम भी शुरू किया जाएगा जिसमें 23 रुपये प्रति किलोग्राम के अनुसार किसानों की उपज उनके खेतों से ही खरीदी जाएगी। कहा कि पुरानी खेती के तौर तरीके बदल चुके हैं। अब कृषि नवाचार से बीज उत्पादन करने वाले किसानों ने प्रसंस्करण कर लाखों का मुनाफा प्राप्त किया है। किसानों को उद्यमी बनाना ही मुख्य लक्ष्य है। प्रगतिशील किसान रतन सिंहद्वारा पराली निस्तारण की समस्या उठाने पर आईसीएआर के उपमहानिदेशक ने बताया कि सरकार इसके समाधान के लिए यथा शीघ्र निर्देश देगी। कार्यक्रम में डॉ. ऋषि मुनि सिंह (पूर्व डीन बीएचयू), डॉ. एसआर सिंह, डॉ. जगदीश सिंह, डॉ. नीरज सिंह, बीएचयू के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. संतोष कुमार सिंह, फार्ड फाउंडेशन के ट्रस्टी डॉ. उमेश सिंह, दशरथ सिंह, डॉ.. राजेश सिंह सहित किसान मौजूद रहे।
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