फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chandauli News ›   Flights cancelled, phones down for three days, Chandauli youth stranded in Dubai

Chandauli News: उड़ाने निरस्त, तीन दिन से फोन बंद, दुबई में फंसे चंदौली के युवा

Mon, 02 Mar 2026 01:10 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 02 Mar 2026 01:10 AM IST
विज्ञापन
Flights cancelled, phones down for three days, Chandauli youth stranded in Dubai
धानापुर में अपने बेट सिंधबाज से वीडियो कॉल पर बात करतीं मां लक्ष्मीना देवी। संवाद
पीडीडीयू नगर।
विज्ञापन

ईरान और इस्राइल के बीच जंग के कारण दुलहीपुर निवासी कौकब (28) दुबई में फंसा है। दुबई से भारत आने वाली सभी फ्लाईटें कैंसिल हैं। कौकब के परिजनों का कहना है कि पिछले तीन दिनों से उससे बात नहीं हुई है। पिता जमशेद हुसैन का कहना है कि भारत सरकार पर भरोसा है, वह किसी तरह बेटे को निकालेगी।
दुलहीपुर निवासी जमशेद हुसैन के दो बेटे हैं। दोनों विदेश में रहते हैं। बड़ा बेटा दुबई में एकाउंटेंट है जबकि छोटा बेटा ईरान में रहकर पढ़ाई करता है। ईरान और अमेरिका के बीच तनातनी के बाद छोटा बेटा बेलाल 10 दिन पहले घर लौट आया। वहीं कौकब ने 27 को भारत की फ्लाईट पकड़ने की योजना बनाई थी। इस बीच जंग शुरू हो गई। रविवार को पिता जमशेद ने बताया कि बेटे ने 26 फरवरी को मैसेज किया कि फ्लाईट कैंसिल होने के कारण आना मुश्किल है। यही हाल असना गांव में कृष्णकांत उपाध्याय के घर का भी है। कृष्णकांत उपाध्याय दुबई के आबूधाबी में रहते हैं। अबू धाबी अमेरिकी बेस पर ईरान लगातार हमला कर रहा है। वहीं कृष्णकांत की खबर परिवार वालों को नहीं मिल रही है।
विज्ञापन




वीडियो काल पर दिखा रहे हैं युद्ध की भयावहता
धानापुर/ टांडाकला। ईरान और इस्राइल के बीच जारी युद्ध का में फंसे प्रवासी श्रमिकों के परिवार वाले परेशान हैं। श्रमिक लगातार वीडियो कॉल के जरिए युद्ध की भयावहता को दिखा रहे हैं। धानापुर क्षेत्र के नरौली गांव के कई प्रवासी श्रमिकों ने वहां के हालात पर चिंता जताई है। नरौली निवासी जगन्नाथ के पुत्र प्रकाश कुमार अबू धाबी मे हैं। रविवार को फोन पर जानकारी देते हुए बताया कि रविवार सुबह लगभग 10 बजे सलाम सिटी कैंप के पास तीन मिसाइलें गिरने की बात बताईं। इसी गांव के सुरेशचंद्र निषाद के पुत्र रविकांत निषाद इलेक्ट्रिक मैकेनिक के रूप में कार्यरत हैं। रामरतन निषाद के पुत्र सिंधबाज निषाद भी दुबई के सोनपुर कैंप में रहकर सिविल कार्य कर रहे हैं। परिजनों से बातचीत में उन्होंने बताया कि उनकी ड्यूटी जुमेरा दुबई आइलैंड क्षेत्र में है, जहां सैन्य कैंप के आसपास दिन और रात दोनों समय मिसाइल गिरने की खबरें मिल रही हैं। इसी तरह टांडाकला निवासी राम प्रसाद निषाद, जो पिछले एक साल से दुबई में कार्यरत हैं। राम प्रसाद ने फोन पर अपने भतीजे अनिल निषाद को बताया कि स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण है। उन्होंने बताया, अब तक हमारी आंखों के सामने छह मिसाइलें गिर चुकी हैं। राम प्रसाद के साथ क्षेत्र के सोनबरसा निवासी नीरज निषाद, पूरा गणेश के बचाऊ निषाद, सुरेश निषाद और प्रकाश निषाद सहित कई अन्य साथी वहां फंसे हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

सुरक्षा कवच के भरोसे टिकी है उम्मीद
राम प्रसाद के अनुसार, वहां की सरकार ने मिसाइल रोधी सुरक्षा यंत्र (इंटरसेप्टर) लगा रखे हैं, जो आसमान में ही मिसाइलों को नष्ट करने की कोशिश करते हैं। हालांकि, मलबा गिरने और तकनीकी विफलता का डर हर पल बना रहता है। एयरपोर्ट बंद होने के कारण चाहकर भी लोग स्वदेश नहीं लौट पा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed