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खेतों में जलभराव पर प्रदर्शन
चंदौली अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jul 2015 01:36 AM IST
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पीथापुर गांव के किसानों के सैकड़ों एकड़ खेत पानी में डूबे हैं जिससे उनकी धान की नर्सरी और रोपी गई फसलें खराब हो रही हैं।
इसे लेकर गुरुवार को किसानों ने गांव में प्रदर्शन किया और खेतों से पानी निकलवाने की मांग की। छलका फाटक बंद होने की वजह से पानी नहीं निकल पा राह है और खेत जलमग्न हैं।
किसानों ने गुरूवार को तहसील प्रशासन के खिलाफ लामबंद होकर प्रदर्शन किया। किसानों ने प्रदर्शन के माध्यम से पानी निकासी की मांग की। पीथापुर गांव का सिवान पानी से डूबा हुआ है।
इसके कारण किसानों की धान की नर्सरी व कुछ रोपी गयी धान की फसलें पूरी तरह से डूबी हैं। किसानों का कहना है कि धूप निकलने से पानी में डूबी हुयी धान की फसलें गलने लगी हैं।
बताया कि मेदा ताल ड्रेन, बढ़वल राजवाहा, दिघवट माइनर, भुपौली राजवाहा, शिवपुर ड्रेन सहित अन्य माइनर आकर अगहरबीर बहुरिया राजवाहा का पानी सीधे कर्मनाशा नदी में जाकर गिरता है।
अगहरबीर बहुरिया राजवाहा में पिपरी गांव के पास बाढ़ नियंत्रण के लिए छलका पर फाटक लगाया गया है। जो सिंचाई विभाग की उदासीनता के कारण बंद है।
जिससे पानी निकल नहीं पा राहा है। इसलिए पीथापुर गांव के दक्षिण तरफ सिवान पूरी तरह से पानी में डुबा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि सूचना के बाद भी सिंचाई विभाग के कर्मचारी फाटक नहीं खोल रहे हैं।
ग्रामीणों ने प्रदर्शन करके चेताया कि तहसील प्रशासन किसानों की समस्या ध्यान दें अन्यथा तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन करने को विवश होंगे। इस मौके पर अकलू पाठक, राजनाथ पाठक, संजय, राधेश्याम सिंह, राजू सिंह, लल्लन राय, गुदरी राय, अखिलेश, बिन्दू, गुड्डू पाठक, श्याम बिहारी सिंह, लाल साहब, झेंगुर सिंह आदि रहे।
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इसे लेकर गुरुवार को किसानों ने गांव में प्रदर्शन किया और खेतों से पानी निकलवाने की मांग की। छलका फाटक बंद होने की वजह से पानी नहीं निकल पा राह है और खेत जलमग्न हैं।
किसानों ने गुरूवार को तहसील प्रशासन के खिलाफ लामबंद होकर प्रदर्शन किया। किसानों ने प्रदर्शन के माध्यम से पानी निकासी की मांग की। पीथापुर गांव का सिवान पानी से डूबा हुआ है।
इसके कारण किसानों की धान की नर्सरी व कुछ रोपी गयी धान की फसलें पूरी तरह से डूबी हैं। किसानों का कहना है कि धूप निकलने से पानी में डूबी हुयी धान की फसलें गलने लगी हैं।
बताया कि मेदा ताल ड्रेन, बढ़वल राजवाहा, दिघवट माइनर, भुपौली राजवाहा, शिवपुर ड्रेन सहित अन्य माइनर आकर अगहरबीर बहुरिया राजवाहा का पानी सीधे कर्मनाशा नदी में जाकर गिरता है।
अगहरबीर बहुरिया राजवाहा में पिपरी गांव के पास बाढ़ नियंत्रण के लिए छलका पर फाटक लगाया गया है। जो सिंचाई विभाग की उदासीनता के कारण बंद है।
जिससे पानी निकल नहीं पा राहा है। इसलिए पीथापुर गांव के दक्षिण तरफ सिवान पूरी तरह से पानी में डुबा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि सूचना के बाद भी सिंचाई विभाग के कर्मचारी फाटक नहीं खोल रहे हैं।
ग्रामीणों ने प्रदर्शन करके चेताया कि तहसील प्रशासन किसानों की समस्या ध्यान दें अन्यथा तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन करने को विवश होंगे। इस मौके पर अकलू पाठक, राजनाथ पाठक, संजय, राधेश्याम सिंह, राजू सिंह, लल्लन राय, गुदरी राय, अखिलेश, बिन्दू, गुड्डू पाठक, श्याम बिहारी सिंह, लाल साहब, झेंगुर सिंह आदि रहे।