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आंदोलन होगा और तेज
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
Updated Mon, 29 Feb 2016 01:26 AM IST
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एडीएम कोर्ट का आदेश लागू कराने की मांग को लेकर आंदोलनरत किसानों और अखिल
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भारतीय किसान महासभा के सदस्यों का अनिश्चितकालीन धरना छितो गांव में
रविवार को चौथे दिन भी चलता रहा।
किसी प्रशासनिक अधिकारी के मौके पर नहीं पहुंचने से किसान नाराज नजर आए। शासन-प्रशासन पर किसानों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी।
इस अवसर पर शशिकांत सिंह ने कहा कि देश और प्रदेश की सरकारें किसानों की जमीन को जबरन हड़पना चाहती हैं। लेकिन किसानों की हितैषी बनने वाली प्रदेश सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों की उपेक्षा के चलते किसानों को आंदोलन का सहारा लेना पड़ रहा है।
कहा कि धरने को चार दिन हो गए, लेकिन कोई भी अधिकारी किसानों का हाल जानने मौके पर नहीं पहुंचे। प्रशासन किसानों की रोजी-रोटी की व्यवस्था किए बगैर डंडे के बल पर जमीन पर कब्जा करना चाहता है।
किसानों के साथ सौतेला व्यवहार कर निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। इस दौरान मुगलसराय के लेकर कर्मनाशा तक फ्रेट कारीडोर योजना का काम बंद कर किसानों के वार्ता करने की मांग की गई।
कहा कि यदि मांगों की अनदेखी की गई तो आंदोलन दिन प्रति दिन और तेज होता जाएगा। किसान आंदोलन का समर्थन करने वाले दल तीन मार्च को मुख्यालय का भ्रमण करते हुए जिला प्रशासन का पुतला दहन करेंगे।
इसके बाद भी प्रशासन नहीं जागा तो आगे की लड़ाई की रणनीति बनाई जाएगी। अध्यक्षता कृष्णा राय ने किया।
इस दौरान किस्मत यादव, जुगनू, दिनेश, श्रवण कुशवाहा, कमला, शांति, आजाद, राधेश्याम के साथ ही काफी संख्या में किसान मौजूद रहे।
किसी प्रशासनिक अधिकारी के मौके पर नहीं पहुंचने से किसान नाराज नजर आए। शासन-प्रशासन पर किसानों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी।
इस अवसर पर शशिकांत सिंह ने कहा कि देश और प्रदेश की सरकारें किसानों की जमीन को जबरन हड़पना चाहती हैं। लेकिन किसानों की हितैषी बनने वाली प्रदेश सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों की उपेक्षा के चलते किसानों को आंदोलन का सहारा लेना पड़ रहा है।
कहा कि धरने को चार दिन हो गए, लेकिन कोई भी अधिकारी किसानों का हाल जानने मौके पर नहीं पहुंचे। प्रशासन किसानों की रोजी-रोटी की व्यवस्था किए बगैर डंडे के बल पर जमीन पर कब्जा करना चाहता है।
किसानों के साथ सौतेला व्यवहार कर निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। इस दौरान मुगलसराय के लेकर कर्मनाशा तक फ्रेट कारीडोर योजना का काम बंद कर किसानों के वार्ता करने की मांग की गई।
कहा कि यदि मांगों की अनदेखी की गई तो आंदोलन दिन प्रति दिन और तेज होता जाएगा। किसान आंदोलन का समर्थन करने वाले दल तीन मार्च को मुख्यालय का भ्रमण करते हुए जिला प्रशासन का पुतला दहन करेंगे।
इसके बाद भी प्रशासन नहीं जागा तो आगे की लड़ाई की रणनीति बनाई जाएगी। अध्यक्षता कृष्णा राय ने किया।
इस दौरान किस्मत यादव, जुगनू, दिनेश, श्रवण कुशवाहा, कमला, शांति, आजाद, राधेश्याम के साथ ही काफी संख्या में किसान मौजूद रहे।