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Chandauli News: बिना अल्कोहल सेवन हो रहे फैटी लीवर के शिकार
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पीडीडीयू नगर। फैटी लिवर आज के समय में तेजी से फैलती समस्या है। स्थिति यह है कि बिना अल्कोहल के सेवन के लिए भी लोगों में यह तेजी से फैल रहा है। इससे बचाव के लिए लोगों को खान-पान और जीवनशैली में सुधार की आवश्यकता है। यह विचार पेट रोग विशेषज्ञ डॉ. गोपाल शरण सिंह ने रविवार को नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (नीमा) की ओर से आयोजित चिकित्सा सेमिनार में कहीं। उन्होंने फैटी लिवर के कारण, उपचार और बचाव के बारे में बताया।
वाराणसी के निजी अस्पताल के सहयोग से आयोजित सेमिनार में डॉ. गोपाल शरण सिंह ने कहा कि फैटी लिवर एक ऐसी स्थिति है, जिसमें लिवर की कोशिकाओं में अतिरिक्त वसा जमा हो जाती है। यह मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है - शराब के कारण होने वाला और खराब जीवनशैली के कारण। यह बीमारी मुख्य रूप से अनुचित खान-पान, मोटापे और शारीरिक गतिविधि की कमी से होती है। फैटी लिवर को ठीक करने का सबसे तेज और प्रभावी तरीका वजन कम करना, चीनी-तला हुआ खाना बंद करना और रोजाना 30-45 मिनट व्यायाम करना है। दवा से ज्यादा लाइफस्टाइल में सुधार (मोटापा कम करना और शराब छोड़ना) इसे तेजी से आराम दिला सकता है।
सेमिनार में डॉ. नंदजी सिंह ने माइग्रेन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि माइग्रेन आमतौर पर जानलेवा नहीं होता, लेकिन इसे नजरअंदाज करने से यह आपके तंत्रिका तंत्र, मानसिक स्वास्थ्य और हृदय प्रणाली को प्रभावित कर सकता है। गंभीर जटिलताओं से बचने के लिए इसके संभावित खतरों की जानकारी होना आवश्यक है। इसके पूर्व मुख्य अतिथि डॉ. एसके राय, डॉ. एसएन पांडेय और मुगलसराय के भाजपा विधायक रमेश जायसवाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस अवसर पर डॉ. एसबी सिंह, डॉ. कुलदीप सिंह, डॉ. शिवाजी सिंह, डॉ. एके सिंह, डॉ. मनोज सिंह, डॉ. जे खान, डॉ. उपेंद्र, डॉ. मथुरा सिंह, डॉ. सलाम, डॉ. संगीता सिंह आदि उपस्थित रहे। संचालन नीमा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. ओ पी सिंह ने किया।
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वाराणसी के निजी अस्पताल के सहयोग से आयोजित सेमिनार में डॉ. गोपाल शरण सिंह ने कहा कि फैटी लिवर एक ऐसी स्थिति है, जिसमें लिवर की कोशिकाओं में अतिरिक्त वसा जमा हो जाती है। यह मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है - शराब के कारण होने वाला और खराब जीवनशैली के कारण। यह बीमारी मुख्य रूप से अनुचित खान-पान, मोटापे और शारीरिक गतिविधि की कमी से होती है। फैटी लिवर को ठीक करने का सबसे तेज और प्रभावी तरीका वजन कम करना, चीनी-तला हुआ खाना बंद करना और रोजाना 30-45 मिनट व्यायाम करना है। दवा से ज्यादा लाइफस्टाइल में सुधार (मोटापा कम करना और शराब छोड़ना) इसे तेजी से आराम दिला सकता है।
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सेमिनार में डॉ. नंदजी सिंह ने माइग्रेन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि माइग्रेन आमतौर पर जानलेवा नहीं होता, लेकिन इसे नजरअंदाज करने से यह आपके तंत्रिका तंत्र, मानसिक स्वास्थ्य और हृदय प्रणाली को प्रभावित कर सकता है। गंभीर जटिलताओं से बचने के लिए इसके संभावित खतरों की जानकारी होना आवश्यक है। इसके पूर्व मुख्य अतिथि डॉ. एसके राय, डॉ. एसएन पांडेय और मुगलसराय के भाजपा विधायक रमेश जायसवाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस अवसर पर डॉ. एसबी सिंह, डॉ. कुलदीप सिंह, डॉ. शिवाजी सिंह, डॉ. एके सिंह, डॉ. मनोज सिंह, डॉ. जे खान, डॉ. उपेंद्र, डॉ. मथुरा सिंह, डॉ. सलाम, डॉ. संगीता सिंह आदि उपस्थित रहे। संचालन नीमा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. ओ पी सिंह ने किया।
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