फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chandauli News ›   Explanation sought from the medical in-charges of Chandauli, Barhani and Niyamatabad

Chandauli News: चंदौली, बरहनी व नियामताबाद के चिकित्सा प्रभारियों से मांगा स्पष्टीकरण

Sun, 04 Dec 2022 07:00 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 04 Dec 2022 07:00 AM IST
विज्ञापन
Explanation sought from the medical in-charges of Chandauli, Barhani and Niyamatabad
कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में बोलतीं डीएम ईशा दुहन। संवाद - फोटो : CHANDAULI
चंदौली। डीएम ईशा दुहन ने आरसीएच (रिप्रोडुक्टिव चाइल्ड हेल्थ) पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन और टीबी नोटिफिकेशन के संबंध में कम प्रगति मिलने पर चंदौली, बरहनी और नियमताबाद के प्रभारी चिकित्साधिकारियों को स्पष्टीकरण जारी किया है। डीएम शुक्रवार की देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक को संबोधित कर रही थीं।
विज्ञापन

डीएम ईशा दुहन ने जननी सुरक्षा योजना, जननी शिशु सुरक्षा, परिवार नियोजन, नियमित टीकाकरण, राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण, प्रधान मंत्री मातृत्व वंदना योजना, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति जानी। इस दौरान डीएम ने जेएसवाई के लाभार्थियों के भुगतान में बरहनी की प्रगति ठीक न होने पर नाराजगी प्रकट की। उन्होंने निक्षय पोषण का भुगतान शत प्रतिशत करने का निर्देश दिया। आयुष्मान कार्ड बनवाने की हिदायत दी। आरबीएसके की खराब प्रगति पर नाराजगी जताई। गर्भवती महिलाएं एवं शिशुओं का नियमित टीकाकरण कराने का निर्देश दिया। जनपद के सभी कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में प्रत्येक माह के द्वितीय शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम बनाकर भेजने का निर्देश दिया।
विज्ञापन

अतिकुपोषित बच्चों को भर्ती न किए जाने से नाराज हुईं डीएम
चंदौली। डीएम ईशा दुहन के सामने शुक्रवार की देर शाम रेफर सैम (अतिकुपोषित) बच्चों को एनआरसी की ओर से भर्ती न लिए जाने का मामला सामने आया। इस पर डीएम नाराज हो गईं। उन्होंने सभी सैम बच्चों का फिर से जांच कराते हुए तुरंत भर्ती कर इलाज शुरू कराने का निर्देश एनआरसी इंचार्ज को दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

डीएम ने कहा कि सैम बच्चों को लाल श्रेणी से बाहर निकलना सबका दायित्व है। कोई भी सैम श्रेणी का बच्चा छूटने न पाए। उनको चिह्नित करते हुए इलाज के साथ निर्धारित चार्ट के अनुसार पोषण आहार दिया जाए। उन्होंने कहा कि सैम श्रेणी के बच्चों को जरूरत पड़ने पर एनआरसी, पीएचसी, सीएचसी पर भेजा जाए। जनपद में जो बच्चे सैम होने के बाद भी उनके परिवार के लोग इलाज नहीं करा रहे है। ऐसे परिवार से सीडीपीओ, एमओआईसी पंचायती राज के कर्मी टीम बना कर ग्राम प्रधान के साथ मिले और बच्चे के इलाज के लिए प्रेरित कर इलाज के लिए एमआरसी में भर्ती कराया जाए। इस दौरान सीडीओ अजितेंद्रनारायण, सीएमओ डा. वाईके राय, बीएसए सत्येंद्र कुमार सिंह, डीपीआरओ ब्रह्मचारी दुबे, जिला कार्यक्रम अधिकारी जया त्रिपाठी रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed