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Chandauli News: हर दूसरी गर्भवती एनीमिया की शिकार, 1879 में 944 महिलाएं पीड़ित मिलीं

Wed, 04 Feb 2026 02:01 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 04 Feb 2026 02:01 AM IST
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Every second pregnant woman suffered from anemia; in 1879, 944 women were found to be suffering from it.
नगर स्थित राजकीय महिला अस्पताल में आने वाली गर्भवती महिलाओं में हर दूसरी महिला एनीमिया पीड़ित पाई गई हैं। 13 महीने में 1879 महिलाओं की जांच की गई, जिनमें 944 एनीमिया की शिकार मिलीं। इनमें 550 महिलाएं मॉडरेट एनीमिया से पीड़ित पाई गई हैं। इनके हीमोग्लोबिन का स्तर 7 से 9 ग्राम प्रति डेसी लीटर के बीच है।
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राजकीय महिला अस्पताल में नगर व ग्रामीण क्षेत्रों की गर्भवती महिलाएं जांच के लिए आती हैं। अस्पताल में एक जनवरी 2025 से 31 जनवरी 2026 तक 1879 गर्भवती महिलाओं ने अपनी जांच कराई। इनमें से 944 महिलाएं एनिमिया से पीड़ित पाई गईं। इनके हीमोग्लोबिन का स्तर 9 से 11 ग्राम प्रति डेसीलीटर रहा। इनमें से 550 महिलाएं मॉडरेट एनीमिया की शिकार मिली। यानी इनमें हिमोग्लोबिन का स्तर 7 से 9 ग्राम मिला। इनमें भी 18 महिलाओं में हिमोग्लोबिन का स्तर 5 से 7 ग्राम प्रति डेसीलीटर मिला। चिकित्सकों के अनुुसार खून की कमी से जूझ रही महिलाओं को आयरन की गोलियां दी जाती हैं। इसके अलावा अत्यधिक कमी पाए जाने पर आयरन सूक्रोज का इंजेक्शन भी दिया जाता है। ये सभी सुविधाएं अस्पताल में निशुल्क उपलब्ध हैं।
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महावारी शुरू होते ही एनीमिया की चपेट में आ जाती हैं किशोरियां
राजकीय महिला अस्पताल के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. एसके चतुर्वेदी ने बताया कि माहवारी शुरू होने के बाद किशोरियां एनिमिया की चपेट में आ जाती हैं। इससे बचने के लिए उन्हें गुड़, चौराई, पालक, अनार, चुकुंदर आदि का सेवन करना चाहिए। इसके अलावा प्रचुर मात्रा में आयरन पाये जाने वाले खाद्य पदार्थों का भी सेवन करना चाहिए। किशोरवस्था से ही इस बारे में खास ख्याल रखने की जरूरत होती है।
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- डॉ. एसके चतुर्वेदी, प्रभारी चिकित्साधिकारी, राजकीय महिला अस्पताल, पीडीडीयू नगर ने बताया कि
महावारी की शुुरुआत होने के बाद लड़कियों पर ध्यान देने की जरूरत है। 13 महीने में 1879 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई, जिनमें से 944 एनीमिया पीड़ित मिलीं है। हीमोग्लोबिन कम होने पर जरूरी दवाएं और खानपान पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है।
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