यूपी: थाने में भाजपा नेता की पिटाई मामले में दरोगा और 3 सिपाही निलंबित, सीएम योगी तक पहुंची बात तो बैकफुट पर आई पुलिस
चंदौली जिले के सैयदराजा थाने में मंगलवार रात घटी घटना के बाद एसआई और सिपाहियों पर मुकदमा दर्ज किया गया था। वहीं एसआई को लाइन हाजिर भी किया गया था।
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यूपी के चंदौली जिले के सैयदराजा थाने में भाजपा नेता विशाल मद्धेशिया की पिटाई मामले में दरोगा और तीन सिपाही पर गाज गिर गई। शुक्रवार को सैयदराजा थाना प्रभारी की रिपोर्ट पर एसआई जयप्रकाश यादव और तीन आरक्षियों को निलंबित कर दिया गया है। मंगलवार रात घटी घटना के बाद एसआई और सिपाहियों पर मुकदमा दर्ज किया गया था।
वहीं एसआई को लाइन हाजिर भी किया गया था। प्रकरण में एसआई की शिकायत पर भाजपा नेता विशाल पर भी मुकदमा दर्ज किया गया था। इसकी शिकायत चंदौली के भाजपा नेताओ ने सीएम योगी से की। जिसके बाद पुलिस बैकपुट पर आ गई। शुक्रवार को सैयदराजा थाना प्रभारी की रिपोर्ट पर दरोगा जयप्रकाश यादव और तीन आरक्षियों को निलंबित कर दिया गया।
प्रभारी निरीक्षक ने रिपोर्ट में लिखा- पुलिसकर्मियों का आचरण अनुचित
प्रभारी निरीक्षक सैयदराजा ने एसपी को भेजी अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि मंगलवार की शाम विशाल मद्धेशिया अपने वार्ड के दो व्यक्तियों के बीच हुए जमीनी विवाद के प्रकरण में थाने पर आए थे। तीनों की आपस में तेज आवाज में बात हो रही थी। उसी दौरान संतरी ड्यूटी पर तैनात आरक्षी कृष्ण कुमार सिंह से किसी बात को लेकर कहासुनी और फिर मारपीट हो गई।
बहरहाल थाना प्रभारी की रिपोर्ट पर दारोगा सहित चारों पुलिसकर्मियों को पुलिस अधीक्षक ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। प्रकरण की जांच भी जारी है। सैयदराजा थाने में मंगलवार रात घटी घटना सुर्खियों में है। घटना वाली रात ही एक वर्दीधारी के कंधे पर हाथ लगाने और पुलिस कर्मियों से अभद्र व्यवहार का वीडियो भी सामने आय़ा। इस वीडियो के आधार पर आरोपी भाजपा कार्यकर्ता को चंदौली पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा, सरकार को बदनाम करने की साजिश कर रही पुलिस
भाजपा कार्यकर्ताओं और सैयदराजा पुलिस के बीच हुए विवाद को लेकर सैयदराजा कोतवाली में सतर्कता बरती जा रही है। दोबारा कोई बवाल न हो इसे देखते हुए वहां पुलिस बल लगाया गया है। उधर भाजपा जिलाध्यक्ष अभिमन्यु सिंह ने स्थानीय पुलिस पर ज्यादती का आरोप लगाया। कहा उच्चाधिकारियों के निर्देश पर यह मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस 24 घंटे बाद यह कार्रवाई करती है और तहरीर में दिखा रही कि इंसास राइफल छीनने का प्रयास किया, आरक्षी का गला दबाया गया। कहीं कोई मेडिकल नहीं हुआ तो गंभीर धाराओं में मुकदमा कैसे दर्ज हो गया। यह सरकार को बदनाम करने की साजिश है।
उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष, चंदौली सांसद, कांशी प्रांत के अध्यक्ष समेत सीएम योगी को मामले की जानकारी दी है। उन्होंने कहा पैरवी करने गए व्यक्ति को थाने के कमरे में बंद करके पीटा गया। पुलिस ने उसका मेडिकल कराया। जब उसने मुकदमा दर्ज करा दिया तो पुलिस 24 घंटे बाद मुकदमा दर्ज करा रही है। इसे तत्काल क्यों नहीं कराया गया।