{"_id":"619fe004810443293c48d6b9","slug":"crores-were-paid-without-signature-chandauli-news-vns624541056","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोजगार सेवकों ने नहीं किया काम, बिना हस्ताक्षर के हो गया करोड़ों का भुगतान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोजगार सेवकों ने नहीं किया काम, बिना हस्ताक्षर के हो गया करोड़ों का भुगतान
विज्ञापन
पीडीडीयू नगर/ नौगढ़। विकास खंड नौगढ़ में एक बहुत अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। जिसमें बिना काम किए कई सालों से रोजगार सेवकों को वेतन दे दिया और मनरेगा के कार्यों की पत्रावलियों में बिना उनके हस्ताक्षर किए करोड़ों रुपये के कार्यों का भुगतान कर दिया गया। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब संपूर्ण समाधान दिवस के दिन आठ रोजगार सेवक डीएम संजीव सिंह के पांच पहुंचकर काम मांगने लगे। उनका कहना था कि चार-पांच सालों से हमें काम ही नहीं मिल रहा है, हां वेतन मिल जा रहा है। वहीं मनरेगा का कार्य प्रधान और अन्य अधिकारी किसी प्राइवेट व्यक्ति को रखकर करा रहे हैं। इस कमीशन का खेल चल रहा है। डीएम ने बीडीओ को मामले की जांच कराने का आदेश दिया है।
रोजगार सेवकों का कार्य ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत काम कराने के साथ ही मजदूरों का मास्टर रोल आदि निकालना और कार्यों की देखरेख करना है। इसके साथ ही मनरेगा के कार्यों की पत्रावलियों पर बिना रोजगार सेवकों के हस्ताक्षर के भुगतान नहीं होता पर आरोप है कि कई गांवों के विकास कार्यों की पत्रावलियों में बिना रोजगार सेवक के हस्ताक्षर के ही करोड़ों रुपये का भुगतान कर दिया गया। नौगढ़ के चमेरबांध, चुप्पेपुर, गढ़वा, मझगावा, अमृतपुर, मलेवर, बैरगाढ़, मरवटिया, देवरी कला, लौवारी कला, लोवारी खुर्द, जमसोती, लेड़हा देवदत्तपुर, बोदलपुर, तेंदुआ के रोजगार सेवक रामतेज, कैलाश यादव, सुदामा यादव, सुग्रीव यादव, तारकेश्वर यादव, सुरेंद्र कुमार, जयप्रकाश जिज्ञासु, सुभाष यादव को पिछले चार-पांच सालों से इस कार्यों से दूर कर दिया गया है। वे कहीं शिकायत न कर सकें इसलिए उनका पूरा वेतन हर महीने दे दिया जाता है। संपूर्ण समाधान दिवस पर नौगढ़ आए जिलाधिकारी को बाकायदा रोजगार सेवकों ने शिकायती प्रार्थना पत्र दिया। अपना दुखड़ा सुनाते हुए बताया कि हम लोगों से काम नहीं लिया जा रहा है और प्रधान प्राइवेट आदमी रखकर काम करा रहे हैं। रोजगार सेवकों के बिना आवेदन के धड़ल्ले से मस्टरोल निकाला गया है। पत्रावलियों पर रोजगार सेवक के दस्तखत नहीं है और लाख में नहीं करोड़ों रुपये का भुगतान किया जा चुका है। जिलाधिकारी संजीव सिंह ने खंड विकास अधिकारी सुदामा यादव को डांट फटकार लगाते हुए मामले का प्रार्थना पत्र अपनी डायरी में रख लिया और पूरे मामले की जांच कराने को कहा है। डीएम ने कुछ गांवों में बिना हस्ताक्षर के भुगतान पर सवाल जवाब भी किया है। चमेरबांध के रोजगार सेवक कैलाश यादव और मझगावां के रामतेज ने बताया कि पांच साल तक मनरेगा की फाइलों पर दस्तखत कराए बिना भुगतान किया जा रहा है। लेकिन सोशल ऑडिट के दौरान हम लोगों से पूछताछ किया गया।
नौगढ़। रोजगार सेवकों की माने तो बहुत सारे ऐसे कार्यों पर भुगतान हुआ है जो मौके पर नहीं है। मनरेगा की तकनीकी सहायकों ने एमबी भी कर दिया है। पिछले दिनों अमर उजाला ने परसिया गांव में बिना कॉउ शेड निर्माण किए भुगतान का मामला प्रकाशित किया था और आनन-फानन में दिन रात एक कर के निर्माण भी करा दिया गया।
विज्ञापन
रोजगार सेवकों को नियमित मानदेय उनके खाते में दिया जा रहा है। अन्य आरोपों की जांच की जा रही है। -सुदामा यादव, खंड विकास अधिकारी, नौगढ़
विज्ञापन
रोजगार सेवकों का कार्य ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत काम कराने के साथ ही मजदूरों का मास्टर रोल आदि निकालना और कार्यों की देखरेख करना है। इसके साथ ही मनरेगा के कार्यों की पत्रावलियों पर बिना रोजगार सेवकों के हस्ताक्षर के भुगतान नहीं होता पर आरोप है कि कई गांवों के विकास कार्यों की पत्रावलियों में बिना रोजगार सेवक के हस्ताक्षर के ही करोड़ों रुपये का भुगतान कर दिया गया। नौगढ़ के चमेरबांध, चुप्पेपुर, गढ़वा, मझगावा, अमृतपुर, मलेवर, बैरगाढ़, मरवटिया, देवरी कला, लौवारी कला, लोवारी खुर्द, जमसोती, लेड़हा देवदत्तपुर, बोदलपुर, तेंदुआ के रोजगार सेवक रामतेज, कैलाश यादव, सुदामा यादव, सुग्रीव यादव, तारकेश्वर यादव, सुरेंद्र कुमार, जयप्रकाश जिज्ञासु, सुभाष यादव को पिछले चार-पांच सालों से इस कार्यों से दूर कर दिया गया है। वे कहीं शिकायत न कर सकें इसलिए उनका पूरा वेतन हर महीने दे दिया जाता है। संपूर्ण समाधान दिवस पर नौगढ़ आए जिलाधिकारी को बाकायदा रोजगार सेवकों ने शिकायती प्रार्थना पत्र दिया। अपना दुखड़ा सुनाते हुए बताया कि हम लोगों से काम नहीं लिया जा रहा है और प्रधान प्राइवेट आदमी रखकर काम करा रहे हैं। रोजगार सेवकों के बिना आवेदन के धड़ल्ले से मस्टरोल निकाला गया है। पत्रावलियों पर रोजगार सेवक के दस्तखत नहीं है और लाख में नहीं करोड़ों रुपये का भुगतान किया जा चुका है। जिलाधिकारी संजीव सिंह ने खंड विकास अधिकारी सुदामा यादव को डांट फटकार लगाते हुए मामले का प्रार्थना पत्र अपनी डायरी में रख लिया और पूरे मामले की जांच कराने को कहा है। डीएम ने कुछ गांवों में बिना हस्ताक्षर के भुगतान पर सवाल जवाब भी किया है। चमेरबांध के रोजगार सेवक कैलाश यादव और मझगावां के रामतेज ने बताया कि पांच साल तक मनरेगा की फाइलों पर दस्तखत कराए बिना भुगतान किया जा रहा है। लेकिन सोशल ऑडिट के दौरान हम लोगों से पूछताछ किया गया।
विज्ञापन
नौगढ़। रोजगार सेवकों की माने तो बहुत सारे ऐसे कार्यों पर भुगतान हुआ है जो मौके पर नहीं है। मनरेगा की तकनीकी सहायकों ने एमबी भी कर दिया है। पिछले दिनों अमर उजाला ने परसिया गांव में बिना कॉउ शेड निर्माण किए भुगतान का मामला प्रकाशित किया था और आनन-फानन में दिन रात एक कर के निर्माण भी करा दिया गया।
विज्ञापन
रोजगार सेवकों को नियमित मानदेय उनके खाते में दिया जा रहा है। अन्य आरोपों की जांच की जा रही है। -सुदामा यादव, खंड विकास अधिकारी, नौगढ़