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पुलिस ने किशोरी को अपहरणकर्ता के चंगुल से छुड़ाया

Mon, 25 Dec 2017 01:13 AM IST
Updated Mon, 25 Dec 2017 01:13 AM IST
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पुलिस ने किशोरी को अपहरणकर्ता के चंगुल से छुड़ाया
पुलिस ने किशोरी को अपहरणकर्ता के चंगुल से छुड़ाया
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पुलिस ने किशोरी को अपहरणकर्ता के चंगुल से छुड़ाया
मुगलसराय रेलवे स्टेशन से बरामद हुई किशोरी
अमर उजाला ब्यरो बबुरी । थाना क्षेत्र अंतर्गत एक गांव से अपहृत किशोरी को रविवार की सुबह बबुरी थाने की पुलिस ने मुगलसराय रेलवे स्टेशन से अपहरणकर्ता की चंगुल से उस वक्त छुड़ा लिया जब वह उसे ट्रेन से कहीं ले जाने की फिराक में था। इसके बाद पुलिस अपहरणकर्ता और किशोरी को थाने ले आई। जहां आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर किशोरी को उसके परिवार वालों को सौंप दिया।
पुलिस अधीक्षक के अनुसार बबुरी थाना क्षेत्र अंतर्गत एक गांव निवासी व्यक्ति ने 11 अक्टूबर को 15 वर्षीया पुत्री के अपहरण की तहरीर थाने में दी थी। जिसपर पुलिस ने आईपीसी की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया और अपहरणकर्ता के तलाश में जुट गई। रविवार की सुबह सूचना मिली की बबुरी थाना क्षेत्र से गायब किशोरी मुगलसराय रेलवे स्टेशन पर मौजूद है और अपहरणकर्ता उसे ट्रेन से कहीं ले जाने की फिराक में है। इसके बाद उपनिरीक्षक राजकुमार शुक्ला और कांस्टेबल अजय पटेल और अनुराधा गुप्ता की टीम गठित कर मौके के लिए रवाना कर दिया गया। बाद में पुलिस ने मुखबीर की निशानदेही पर अपहरणकर्ता को पकड़ लिया और किशोरी को उसके चंगुल से छुड़ा लिया। बाद में पुलिस दोनों को थाने ले आई। अपहरणकर्ता की पहचान अन्ताब पुत्र नागे निवासी कुण्डलिया थाना अलीनगर के तौर पर हुई।
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पडा़व (ब्यूरो)। छुट्टी पर जा रहे सीआरपीएफ के जवान का पर्स आटो में छूट जाने के बाद आटो चालक द्वारा साहूपुरी स्थित बटालियन के कमानडेंट को वापस किये जाने की चर्चा इन दिनों काफी जोरों पर है। आटो चालक की ईमानदारी के लिए हर कोई उसे खूब सराह रहा है।
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148 बटालिय सीआरपीएफ कैंप साहूपुरी में कार्यरत जवान कृष्णा शर्मा 23 दिसंबर को छुट्टी लेकर आटो से ट्रेन पकड़ने के लिए वाराणसी जा रहा थे। आटो से उतरने के दौरान उनका पर्स वहीं आटो में छूट गया । इसके बाद वह पर्स आटो चालक विनोद कुमार देववंशी के हाथ लग गया। ईमानदार आटो चालक ने पर्स को उसके स्वामी को लौटाने की ठान ली। इसके बाद उसे पर्स में मौजूद फोन नंबर पर काफी काल की लेकिन फोन नहीं उठा। बाद में उसे किसी प्रकार बटालियन के कमानडेंट वेद प्रकाश त्रिपाठी मोबाईल नंबर हासिल हुआ। इसके बाद उसने संपर्क कर वह पर्स बटालियन में जाकर उन्हें सौंप दिया। पर्स लेन के बाद कमानडेंट ने आटो चालक की ईमानदारी पर उसकी जमकर प्रशंसा की।
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