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गबन का आरोपी पूर्व प्रधान गया जेल
Updated Thu, 17 Aug 2017 01:11 AM IST
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चंदौली। सरकारी धन के गबन के आरोप में सकलडीहा ग्राम पंचायत के पूर्व प्रधान राजाराम पासवान सोमवार की रात पुलिस ने गिरफ्तार कर आवश्यक कार्रवाई करने के बाद मंगलवार को जेल भेज दिया।उप जिलाधिकारी सकलडीहा विकास यादव ने बताया कि पूर्व प्रधान के ऊपर राजस्व वसूली की नोटिस जारी की गई थी। राजस्व जमा नहीं करने पर उन्हें गिरफ्तार कर मंगलवार को जेल भेज दिया गया।
वर्ष 2011 में ग्राम प्रधान रहे राजाराम पासवान ने 150 मीटर नाली का निर्माण कराने में राज्य वित्त का 4.60 लाख रुपये निकाल लिया था। इसकी जानकारी होने के बाद ग्रामीणों ने इसकी शिकायत बीडीओ सकलडीहा से किया। उस समय यहां के बीडीओ रहे रमेश यादव ने इसकी जांच कराई तो मामला सामने आया कि जो कार्य कागज पर दिखाया गया है वह हुआ ही नहीं है। बीडीओ ने इसकी जानकारी तत्कालीन जिलाधिकारी पवन कुमार को दी। जिलाधिकारी ने प्रधान व सेक्रेटरी के खिलाफ गबन का मुकदमा कराने का आदेश दिया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद ही ग्राम विकास अधिकारी पवन दूबे को निलंबित कर दिया गया। यहां तक कि प्रधान के ऊपर कार्यवाही न होने पाए उसके लिए समाजवादी पार्टी के एक कद्दावर नेता ने जिलाधिकारी के ऊपर दबाव बनाया। उसी समय जिलाधिकारी का स्थानांतरण हो गया। दूसरे जिलाधिकारी के रूप में जब शम्भू नाथ ने चार्ज लिया तो उनके सामने नेता ने अपना तर्क रखा जिस पर जिलाधिकारी रहे शंभूनाथ ने पैसा जमा करने के लिए ग्राम प्रधान को एक माह का समय दिया था। वहीं ग्राम विकास अधिकारी के सेलरी से यह पैसा काटने का आदेश हो गया। समय मिलते ही ग्राम प्रधान ने कोर्ट से स्टे लेकर मामले को लटका दिया। कोर्ट से मामला खुलते ही रिकवरी का आदेश हो गया। राजस्व वसूली के लिए कई बार आदेश जारी हुआ लेकिन प्रधान लगातार नजर अंदाज करता रहा। अंतत: सोमवार की देर रात वह राजस्व विभाग की टीम ने उसे पकड़ लिया और सकलडीहा कोतवाली के सुपुर्द कर दिया।
वर्ष 2011 में ग्राम प्रधान रहे राजाराम पासवान ने 150 मीटर नाली का निर्माण कराने में राज्य वित्त का 4.60 लाख रुपये निकाल लिया था। इसकी जानकारी होने के बाद ग्रामीणों ने इसकी शिकायत बीडीओ सकलडीहा से किया। उस समय यहां के बीडीओ रहे रमेश यादव ने इसकी जांच कराई तो मामला सामने आया कि जो कार्य कागज पर दिखाया गया है वह हुआ ही नहीं है। बीडीओ ने इसकी जानकारी तत्कालीन जिलाधिकारी पवन कुमार को दी। जिलाधिकारी ने प्रधान व सेक्रेटरी के खिलाफ गबन का मुकदमा कराने का आदेश दिया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद ही ग्राम विकास अधिकारी पवन दूबे को निलंबित कर दिया गया। यहां तक कि प्रधान के ऊपर कार्यवाही न होने पाए उसके लिए समाजवादी पार्टी के एक कद्दावर नेता ने जिलाधिकारी के ऊपर दबाव बनाया। उसी समय जिलाधिकारी का स्थानांतरण हो गया। दूसरे जिलाधिकारी के रूप में जब शम्भू नाथ ने चार्ज लिया तो उनके सामने नेता ने अपना तर्क रखा जिस पर जिलाधिकारी रहे शंभूनाथ ने पैसा जमा करने के लिए ग्राम प्रधान को एक माह का समय दिया था। वहीं ग्राम विकास अधिकारी के सेलरी से यह पैसा काटने का आदेश हो गया। समय मिलते ही ग्राम प्रधान ने कोर्ट से स्टे लेकर मामले को लटका दिया। कोर्ट से मामला खुलते ही रिकवरी का आदेश हो गया। राजस्व वसूली के लिए कई बार आदेश जारी हुआ लेकिन प्रधान लगातार नजर अंदाज करता रहा। अंतत: सोमवार की देर रात वह राजस्व विभाग की टीम ने उसे पकड़ लिया और सकलडीहा कोतवाली के सुपुर्द कर दिया।
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