नौगढ़। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के कार्यकर्ताओं ने आदिवासियों के घरों को गिराने के विरोध में सोमवार को एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान वन विभाग की कार्रवाई को गैर कानूनी बताया।
इसके पूर्व जिला सचिव सुखदेव मिश्रा के नेतृत्व में आदिवासियों का प्रतिनिधिमंडल उपजिलाधिकारी नौगढ़ से मिला और ग्राम पंचायत जरहर के दानोगड़ा गांव में रामचंदर आदिवासी, राजकुमार आदिवासी समेत अन्य लोगों के मकान गिराए जाने पर विरोध दर्ज कराया। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि राजस्व, सिंचाई और जंगल विभाग की भूमि का अलग-अलग सीमांकन किया जाए। इसके साथ ही कोल, मुसहर, गोंड, चेरो, माझी, पनिका आदि आदिवासी जातियों को सोनभद्र की तरह चंदौली जिले में भी अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र जारी किया जाए। वनाधिकार कानून के तहत गरीबों को भूमि का पट्टा दिया जाए।
भाकपा के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जंगल विभाग भू-माफियाओं को संरक्षण दे रहा है और गरीब भूमिहीनों के घरों पर बुलडोजर चला रहा है। प्रदर्शन करने वालों में शशिकांत कुशवाहा, किस्मत यादव, श्रवण यादव, राम प्यारे वनवासी, अंत लाल वनवासी, राजकुमार चेरो आदि शामिल रहे।