फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chandauli News ›   Chandauli News: Dadhibal Singh got job offer in IUCTE BHU, Director Prof. Premnarayan Singh called

PDDU Nagar: दधिबल सिंह को आईयूसीटीई बीएचयू में मिला नौकरी का ऑफर, आंखों में आंसू और जुबां से निकले ये शब्द

Wed, 11 Oct 2023 11:01 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंदौली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंदौली Published by: किरन रौतेला Updated Wed, 11 Oct 2023 11:01 AM IST
सार

अभावों से जूझ रहे एथलीट की आंखों में आंसू थे और जुबां से बस यही शब्द निकले- शायद भगवान ने मेरी पुकार सुन ली। चंदौली के शहाबगंज ब्लॉक के केराडीह गांव निवासी 58 वर्षीय एथलीट दधिबल सिंह चौहान सेना में एथलेटिक कोच और हवलदार के पद से सेवानिवृत हुए थे। 

विज्ञापन
Chandauli News: Dadhibal Singh got job offer in IUCTE BHU, Director Prof. Premnarayan Singh called
रोज 24 किमी दौड़कर ऑफिस जाते हैं दधिबल चौहान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

एथलीट दबिधल सिंह चौहान को अंतर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केंद्र (आईयूसीटीई) बीएचयू में नौकरी के लिए ऑफर मिला है। अमर उजाला में मंगलवार को प्रकाशित खबर को पढ़कर आईयूसीटीई के निदेशक प्रो. प्रेमनारायण सिंह ने दधिबल सिंह से फोन पर बात की और उन्हें संस्थान में नौकरी की पेशकस की। इससे दधिबल के खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

विज्ञापन

अभावों से जूझ रहे एथलीट की आंखों में आंसू थे और जुबां से बस यही शब्द निकले- शायद भगवान ने मेरी पुकार सुन ली। चंदौली के शहाबगंज ब्लॉक के केराडीह गांव निवासी 58 वर्षीय एथलीट दधिबल सिंह चौहान सेना में एथलेटिक कोच और हवलदार के पद से सेवानिवृत हुए थे। वह रामनगर के भीटी गांव में पत्नी कनक देवी और दो पुत्रों के साथ रहते हैं।

विज्ञापन

Chandauli News: Dadhibal Singh got job offer in IUCTE BHU, Director Prof. Premnarayan Singh called
महाराष्ट्र में आयोजित नेशनल वेटरन एंड गेम्स चैंपियनशिप में दधिबल को गोल्ड मेडल पहनाते अतिथि। - फोटो : अमर उजाला
बड़ा पुत्र यदुवंश सिंह चौहान मानसिक रूप से बीमार है, जिसके इलाज में दधिबल की पेंशन के पूरे पैसे खर्च हो जाते हैं। पैसे के अभाव में वह गार्ड की नौकरी करते हैं और रामनगर से वाराणसी के महमूरगंज काम करने 24 किमी रोज दौड़कर जाते-आते हैं। सेवानिवृत होने के बाद 15 वर्षों में उन्होंने विश्व चैपिंयनशिप से लेकर कई मास्टर गेम में 22 मेडल जीते हैं।
यह भी पढ़ें- नगर निगम का अजीबो-गरीब फरमान: तीन साल बाद मांगा नावों का डीजल इंजन, नाविकों ने लगाया उत्पीड़न का आरोप
नमें 13 गोल्ड, तीन सिल्वर और छह ब्रांच मेडल हैं। पैसे न होने की वजह से वह कई प्रतियोगिताओं में भाग लेने से वंचित रह गए। मदद की गुहार लगाई पर किसी ने नहीं सुनी।

Chandauli News: Dadhibal Singh got job offer in IUCTE BHU, Director Prof. Premnarayan Singh called
महाराष्ट्र में आयोजित नेशनल वेटरन एंड गेम्स चैंपियनशिप में दधिबल द्वारा जीता गया मेडल। - फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला ने 10 अक्टूबर के अंक में ''''''''उम्र 58़़....रोज 24 किमी दौड़कर ऑफिस जाते हैं दधिबल चौहान'''''''' शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। इसे पढ़कर बीएचयू स्थित अंतर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केंद्र के निदेशक प्रो. प्रेमनारायण सिंह ने दधिबल सिंह को फोन कर संस्थान में नौकरी का ऑफर दिया। इससे दधिबल की खुशी का ठिकाना नहीं है। उन्होंने कहा कि लगता है अब बेटे के इलाज के साथ बड़े गेम में प्रतिभाग करने का सपना पूरा हो जाएगा। बताया कि वह जल्द ही नौकरी ज्वाइन करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed