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हादसे का पुल: जर्जर स्लीपर और टूटे गर्डर पर टिका पीपे का पुल

Sun, 24 Nov 2019 01:03 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 24 Nov 2019 01:03 AM IST
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chandauli  news
पीडीडीयू नगर/धानापुर। चंदौली और गाजीपुर जनपद को जोड़ने वाले पांटून का पुल टूटे स्लीपर और जर्जर गर्डर की बुनियाद पर टिका है। लोहे के स्लीपर जगह-जगह टूटे हैं तो लकड़ी के गर्डर सड़ चुके हैं। धानापुर के नगवां के पास गंगा नदी पर बना पांटून का पुल हादसे को दावत दे रहा है। लोक निर्माण विभाग की यह लापरवाही पुल से गुजरने वालों पर कभी भी भारी पड़ सकती है मगर जिम्मेदारों की नजर इस पुल पर नहीं है। प्रतिदिन तकरीबन पांच हजार लोगों का चंदौली से गाजीपुर और गाजीपुर से चंदौली के लिए आवागमन होता है।
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चहनिया के पास बलुआघाट पर गंगा नदी पर पक्का पुल बनने के बाद वहां के पांटून को हटाकर धानापुर के पास नगवां-चोचकपुर घाट पर आवागमन के लिए बना दिया गया। एक सप्ताह पहले पुल आवागमन के लिए भी खोल दिया गया है। पैदल, दो और छोटे चार पहिया वाहन पुल से धड़ल्ले से गुजर रहे हैं। लेकिन जर्जर पुल की अनदेखी किसी भी समय यात्रियों और राहगीरों की जान पर आ सकती है। नगवां-चोचकपुर घाट पर गंगा पर बने पीपापुल में कुल 95 पीपे लगे हुए हैं। पुल पर बनी रेलिंग भी खराब है। पिछले साल पीपापुल में लगी बल्ली जर्जर होने के कारण यातायात के दौरान एक बाइक सवार गिर गया था। संयोग अच्छा रहा कि उसकी जान बच गई थी। इसके अलावा पुल पर गर्डर और स्लीपर उबड़-खाबड़ होने के कारण कई वाहन दुर्घटना का शिकार होते-होते बचे थे और कई चालक गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस साल भी जर्जर और मियाद पूरी कर चुके स्लीपरों और गर्डर के भरोसे ही पुल को तैयार कर आवागमन शुरू कर दिया गया।
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बोले ग्रामीण
धानापुर। पांटून पुल में सड़े गर्डर और खराब हो चुके स्लीपरों के लगाए जाने से ग्रामीणों में काफी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि लोक निर्माण विभाग की लापरवाही यात्रियों पर भारी पड़ सकती है। ग्रामीण रविकांत का कहना है कि पिछले साल कई दुर्घटना पीपापुल पर हुई इसके बाद भी विभाग ने नहीं चेता। रमेश ने कहा कि पीपापुल की बल्ली काफी जर्जर व पुरानी होने के कारण किनारे की लगी रेलिंग भी जुगाड़ के सहारे टिकी हुई है। प्रदीप कुमार ने कहा कि गाजीपुर से चंदौली और यहां से गाजीपुर के लिए रोजाना तकरीबन पांच हजार लोग गुजरते हैं इसके बाद भी लापरवाही से पुल बना दिया गया है। सच्चिदानंद पाण्ड़ेय ने कहा कि मानकों की अनदेखी कर हादसे का पुल तैयार कर दिया गया।
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चंदौली-गाजीपुर के लिए आसान है सफर
धानापुर के नगवां-चोचकपुर घाट पर पुल बनने से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को दोनों जिलों में आवागमन के लिए सहूलियतभरा है मगर जर्जर पुल से लोग डरकर गुजर रहे हैं। यह पुल न होने से चंदौली के लोगों को गाजीपुर जाने के लिए चहनिया से सैदपुर या फिर महुंजी से जमानिया होकर गाजीपुर जाना पड़ता है। इस पुल के बनने से धानापुर से नगवां घाट से चोचकपुर होते करंडा-मैनपुर होते हुए लोग गाजीपुर निकल जाते हैं। वहीं गाजीपुर के लोगों को भी चंदौली आने-जाने में समय, पैसा दोनों बचेगा।

कोट..
पांटून पुल के निर्माण में टूटे स्लीपर और जर्जर गर्डर की शिकायत सामने आई है। इसके लिए स्लीपर और गर्डर मंगाए गए हैं जल्द ही उसे बदलवा दिया जाएगा। ताकि लोग सुरक्षित आवागमन कर सकें। डीपी सिंह, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी, प्रांतीय खंड।
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