यूपी: बदमाशों ने महिला का हाथ-मुंह बांधकर किया घर साफ, दस लाख के जेवर और कैश लेकर फरार
चंदौली जिले के कंदवा थाना क्षेत्र के औरइया गांव स्थित एक मकान में घुसे बदमाशों ने महिला को अकेला पाकर उसका हाथ और मुंह बांध दिया। इसके बाद घर में पड़ी अटैची व आलमारी में रखे दस लाख रुपये मूल्य के जेवरात और 15 हजार रुपये नगदी लेकर वहां से भाग गए।
इसके बाद महिला ने किसी प्रकार अपना मुंह से कपड़ा हटाया और मोबाइल से इसकी सूचना परिवार वालों को दी। सूचना पाकर घर पहुंचे परिवार के सदस्यों ने बिखरा हुआ सामान देखकर पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंची पुलिस पीड़ित से मिली तहरीर के आधार पर मामले की छानबीन में जुट गई है।
कोल इंडिया से रिटायर्ड रामआशीष पाल परिवार के साथ कंदवा थान क्षेत्र के औरइया गांव में रहते है। मंगलवार की रात रामआशीष अपनी बहू बबली पाल को अकेला छोड़कर परिवार के अन्य सदस्यों के साथ पास में दुर्गा पूजा व नाटक देखने गए थे।
इस दौरान घर को सुनसान देखकर चार से पांच की संख्या बदमाश छत के रास्ते उनके मकान में घुस गए। इस दौरान मकान में महिला को अकेला देखकर बदमाशों ने उसका मुंह और हाथ बांध दिया। इसके बाद उसे एक कमरे में ले गए जहां आलमारी व अटैची में रखे दस लाख रुपये मूल्य के जेवरात और 15 हजार रुपये नगदी लूटकर फरार हो गए।
घटना के बाद किसी प्रकार बबली ने अपने मुंह से कपड़ा हटाया और मोबाइल से इसकी सूचना अपने ससुर को दी। सूचना मिलते ही आनन-फानन में घर पहुंचे परिवार वाले बिखरा हुआ सामान देखकर सन्न रह गए। जैसे ही जानकारी ग्रामीणों को हुई तो सभी ने गांव के बाहर जाने वाले रास्ते को घेर लिया। इस दौरान ग्रामीणों ने शक के आधार पर चार युवकों पकड़ा लिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। मामले की जांच पड़ताल कर पुलिस चारों युवकों को पकड़कर थाने ले आई। थाना प्रभारी निरीक्षक टीबी सिंह ने बताया कि पीड़ित से मिली तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है। वहीं ग्रामीणों की ओर से पकड़कर सौंपे गए युवकों से भी पूछताछ की जाएगी। समस्त पहलुओं को जांचोंपरांत मुकदमा पंजीकृत किया जाएगा।
गांव में हुई लूट की घटना के बाद बुधवार को अभियुक्तों की गिरफ्तारी और नामजद मुकदमा दर्ज किए जाने मांग को लेकर ग्रामीणों ने मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जित करने से रोक दिया। सूचना के बाद मौके पर पहुंचे कंदवा थाने के प्रभारी के समझाने के बाद भी ग्रामीण नहीं माने। चार से पांच घंटे तक चली वार्ता के बाद कार्रवाई के आश्वासन के बाद पूजा कमेटी के सदस्य माने। शाम साढ़े चार बजे पुलिस की मौजूदगी में दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन हुआ।