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छह बार हुआ कैंसर का ऑपरेशन फिर भी हौसला नहीं हुआ कम
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पीडीडीयू नगर। कैंसर का नाम सुनते ही लोगों के मन में एक डर सा बन जाता है। कई लोग इसे लाइलाज और घातक बीमारी भी बताते हैं। लेकिन आपको बता दें कि कैंसर का इलाज भी संभव है बस जरूरत है हौसले और जुनून की। नगर के राजेश कयाल और पवन जायसवाल इसे मिसाल हैं। छह बार लगातार ऑपरेशन के बाद भी राजेश ने अपना हौसला कम नहीं होने दिया और आज सामान्य जिंदगी जी रहे हैं। इनका कहना है कि मन में हमेशा सकारात्मक विचार ही कैंसर का कारगर उपचार हैं। कैंसर को ठीक होने में दवा से ज्यादा इच्छा शक्ति की भूमिका होती है।
पीडीडीयू नगर के निवासी राजेश कयाल को मुंह में दर्द और जीभ में छाले की समस्या थी। 2011 में बीएचयू में दिखाया तो डॉक्टर ने कहा कि आपको मुंह का कैंसर है। राजेश बताते हैं कि उस समय पूरा परिवार डर सा गया। मैंने हार नहीं मानी। हर उस डॉक्टर के पास गया जो कैंसर के इलाज के लिए चर्चित था। एक दो नहीं बल्कि छह बार ऑपरेशन हुए। हर बार हिम्मत से काम लिया और आज आपके सामने हूं। राजेश ने बताया कि कैंसर को आप तभी मात दे सकते हैं जब आपका दिमाग तंदरुस्त हो। कैंसर होने के बाद लोग इतना डर जाते हैं कि उनकी प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। मैं लोगों से अपील करना चाहता हूं कि तंबाकू और गुटका का सेवन बिल्कुल न करें। जिनको कैंसर हो गया है। वे डरे नहीं बल्कि हिम्मत और हौसले से इसका सामना करें। यह भी एक बीमारी है और दुनिया में कोई ऐसी बीमारी नहीं जिसका इलाज नहीं। बस मन के हारे हार है मन के जीते जीत। वहीं नगर के पवन जायसवाल ने बताया कि 2018 में मुंह में दर्द हुआ, जांच कराया तो पता चला कि कैंसर है। कुछ खाने पीने में काफी दिक्कत होती थी। एक पल के लिए लगा जैसे जिंदगी में अब कुछ नहीं है पर दूसरे पल में एक नई उर्जा का संचार हुुआ और सोचा कि मैं हार नहीं मानूंगा, जो होगा सब भगवान के मर्जी से होगा। दो बार ऑपरेशन हुआ। मैं ठीक हुआ तो लगा जैसे मौत के मुंह से बाहर आ गया। इस दौरान यह सीखा कि बीमारी के दौरान कभी भी नकारात्मक सोच मन में न आने दें। व्यक्ति का मरना जीना प्रकृति और ईश्वर पर निर्भर है तो हम क्यों डरें। बड़ा से बड़ा दुख का हौसले के साथ सामना करें तो वह भी ठीक हो जाता है फिर कैंसर क्या चीज है। हमेशा मन में पॉजिटिव सोच रखें, खुश रहें।
चंदौली। पं. कमलापति त्रिपाठी संयुक्त जिला चिकित्सालय डॉ. संजय कुमार ने बताया कि कैंसर एक ऐसी बीमारी है, जिससे शरीर के किसी भी हिस्से की कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से विभाजित होने लगती हैं। कैंसर शरीर के एक हिस्से से दूसरे हिस्सों में फैलता है कैंसर के शुरुआती लक्षणों को अगर पहचान लिया जाये तो इसे खतरनाक स्थिति तक पहुंचने से रोका जा सकता है। इसके शुरुआती लक्षणों को जानने के बाद इसके उपचार में आसानी होती है।कैंसर के आम लक्षण हैं वजन में कमी, बुखार, भूख में कमी, हड्डियों में दर्द, खांसी या मुंह से खून आना। अगर किसी भी व्यक्ति को ये लक्षण दिखाई देते हैं, तो उसे तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। कहा कि प्रारंभिक चरणों में ही कैंसर का निदान कर लिया जाए तो इससे ठीक होने की संभावना बढ़ जाती है।
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चंदौली। कैंसर भी कई तरह के होते हैं। इनमें स्तन कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, पेट का कैंसर, ब्लड कैंसर, गले का कैंसर, गर्भाशय का कैंसर, अंडाशय का कैंसर, प्रोस्टेट (पौरुष ग्रंथि) कैंसर, मस्तिष्क का कैंसर, लिवर (यकृत) कैंसर, बोन कैंसर, मुंह का कैंसर और फेफड़ों का कैंसर शामिल है। संवाद
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पीडीडीयू नगर के निवासी राजेश कयाल को मुंह में दर्द और जीभ में छाले की समस्या थी। 2011 में बीएचयू में दिखाया तो डॉक्टर ने कहा कि आपको मुंह का कैंसर है। राजेश बताते हैं कि उस समय पूरा परिवार डर सा गया। मैंने हार नहीं मानी। हर उस डॉक्टर के पास गया जो कैंसर के इलाज के लिए चर्चित था। एक दो नहीं बल्कि छह बार ऑपरेशन हुए। हर बार हिम्मत से काम लिया और आज आपके सामने हूं। राजेश ने बताया कि कैंसर को आप तभी मात दे सकते हैं जब आपका दिमाग तंदरुस्त हो। कैंसर होने के बाद लोग इतना डर जाते हैं कि उनकी प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। मैं लोगों से अपील करना चाहता हूं कि तंबाकू और गुटका का सेवन बिल्कुल न करें। जिनको कैंसर हो गया है। वे डरे नहीं बल्कि हिम्मत और हौसले से इसका सामना करें। यह भी एक बीमारी है और दुनिया में कोई ऐसी बीमारी नहीं जिसका इलाज नहीं। बस मन के हारे हार है मन के जीते जीत। वहीं नगर के पवन जायसवाल ने बताया कि 2018 में मुंह में दर्द हुआ, जांच कराया तो पता चला कि कैंसर है। कुछ खाने पीने में काफी दिक्कत होती थी। एक पल के लिए लगा जैसे जिंदगी में अब कुछ नहीं है पर दूसरे पल में एक नई उर्जा का संचार हुुआ और सोचा कि मैं हार नहीं मानूंगा, जो होगा सब भगवान के मर्जी से होगा। दो बार ऑपरेशन हुआ। मैं ठीक हुआ तो लगा जैसे मौत के मुंह से बाहर आ गया। इस दौरान यह सीखा कि बीमारी के दौरान कभी भी नकारात्मक सोच मन में न आने दें। व्यक्ति का मरना जीना प्रकृति और ईश्वर पर निर्भर है तो हम क्यों डरें। बड़ा से बड़ा दुख का हौसले के साथ सामना करें तो वह भी ठीक हो जाता है फिर कैंसर क्या चीज है। हमेशा मन में पॉजिटिव सोच रखें, खुश रहें।
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चंदौली। पं. कमलापति त्रिपाठी संयुक्त जिला चिकित्सालय डॉ. संजय कुमार ने बताया कि कैंसर एक ऐसी बीमारी है, जिससे शरीर के किसी भी हिस्से की कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से विभाजित होने लगती हैं। कैंसर शरीर के एक हिस्से से दूसरे हिस्सों में फैलता है कैंसर के शुरुआती लक्षणों को अगर पहचान लिया जाये तो इसे खतरनाक स्थिति तक पहुंचने से रोका जा सकता है। इसके शुरुआती लक्षणों को जानने के बाद इसके उपचार में आसानी होती है।कैंसर के आम लक्षण हैं वजन में कमी, बुखार, भूख में कमी, हड्डियों में दर्द, खांसी या मुंह से खून आना। अगर किसी भी व्यक्ति को ये लक्षण दिखाई देते हैं, तो उसे तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। कहा कि प्रारंभिक चरणों में ही कैंसर का निदान कर लिया जाए तो इससे ठीक होने की संभावना बढ़ जाती है।
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चंदौली। कैंसर भी कई तरह के होते हैं। इनमें स्तन कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, पेट का कैंसर, ब्लड कैंसर, गले का कैंसर, गर्भाशय का कैंसर, अंडाशय का कैंसर, प्रोस्टेट (पौरुष ग्रंथि) कैंसर, मस्तिष्क का कैंसर, लिवर (यकृत) कैंसर, बोन कैंसर, मुंह का कैंसर और फेफड़ों का कैंसर शामिल है। संवाद