{"_id":"6a50050c8c92d5e4950b9f69","slug":"biogas-plants-to-be-set-up-in-all-the-districts-cow-shelters-shyam-bihari-chandauli-news-c-189-1-svns1010-151136-2026-07-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले की सभी गोशालाओं में स्थापित होंगे बायोगैस प्लांट : श्याम बिहारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले की सभी गोशालाओं में स्थापित होंगे बायोगैस प्लांट : श्याम बिहारी
विज्ञापन
नियामताबाद के एकौनी में उप्र गौ-सेवा आयोग के अध्यक्ष श्यामयज्ञ बिहारी का स्वागत करते किसान। संव
उत्तर प्रदेश गो-सेवा आयोग, लखनऊ के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में गोवंश संरक्षण एवं अनुश्रवण संबंधी समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जनपद के सभी गोआश्रय स्थलों के संचालन, गोवंशों के संरक्षण, पोषण और प्रबंधन की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
इसके बाद उन्होंने नियामताबाद विकासखंड के एकौनी गांव स्थित नंदसदन गौशाला का निरीक्षण भी किया। बैठक में श्याम बिहारी गुप्ता ने निर्देश दिया कि सभी गोआश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंशों का वैज्ञानिक तरीके से वर्गीकरण किया जाए।
विज्ञापन
बड़े और छोटे तथा नर और मादा गोवंशों को अलग-अलग रखने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि उनके स्वास्थ्य परीक्षण और देखभाल में सुविधा हो।
उन्होंने सभी गोशालाओं में सहजन और नेपियर घास का व्यापक स्तर पर रोपण कर हरे चारे की स्थायी उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद की सभी गौशालाओं में बायोगैस संयंत्र स्थापित किए जाएं। इससे गोबर का वैज्ञानिक प्रबंधन होगा, स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन बढ़ेगा, जैविक खेती को प्रोत्साहन मिलेगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय के नए अवसर सृजित होंगे। साथ ही वृहद गोसंरक्षण केंद्र कठौरी में बंद पड़े बायोगैस प्लांट को शीघ्र चालू कराने के निर्देश भी दिए।उत्तर प्रदेश गो-सेवा आयोग के सदस्य रमाकांत उपाध्याय ने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया।
विज्ञापन
बैठक में जनपद के सभी गोआश्रय स्थलों के संचालन, गोवंशों के संरक्षण, पोषण और प्रबंधन की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
विज्ञापन
इसके बाद उन्होंने नियामताबाद विकासखंड के एकौनी गांव स्थित नंदसदन गौशाला का निरीक्षण भी किया। बैठक में श्याम बिहारी गुप्ता ने निर्देश दिया कि सभी गोआश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंशों का वैज्ञानिक तरीके से वर्गीकरण किया जाए।
विज्ञापन
बड़े और छोटे तथा नर और मादा गोवंशों को अलग-अलग रखने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि उनके स्वास्थ्य परीक्षण और देखभाल में सुविधा हो।
उन्होंने सभी गोशालाओं में सहजन और नेपियर घास का व्यापक स्तर पर रोपण कर हरे चारे की स्थायी उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद की सभी गौशालाओं में बायोगैस संयंत्र स्थापित किए जाएं। इससे गोबर का वैज्ञानिक प्रबंधन होगा, स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन बढ़ेगा, जैविक खेती को प्रोत्साहन मिलेगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय के नए अवसर सृजित होंगे। साथ ही वृहद गोसंरक्षण केंद्र कठौरी में बंद पड़े बायोगैस प्लांट को शीघ्र चालू कराने के निर्देश भी दिए।उत्तर प्रदेश गो-सेवा आयोग के सदस्य रमाकांत उपाध्याय ने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया।