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संस्कार भारती की ओर से ग्रीष्मकालीन शिविर की शुरूआत
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पीडीडीयू नगर। संस्कार भारती की ओर से नगर के महमूदपुर नई बस्ती स्थित विद्या पब्लिक स्कूल में 15 दिवसीय ग्रीष्मकालीन कार्यशाला की शुरूआत मां सरस्वती, मां भारती के चित्र पर माल्यार्पण कर और दीप प्रज्ज्वलित कर हुआ। मुख्य अतिथि समाजसेवी सतीश जिंदल ने शिविर का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि संस्कार सृजन की आधार कलाएं हैं।
उद्घाटन समारोह में उन्होंने कहा कि संस्कार जीवन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान करते हैं। संस्कार विहीन व्यक्ति पशु के समान होता है। इसलिए जीवन में संस्कारों का सृजन होते रहना चाहिए जो कलाओं के माध्यम से आसानी के विकसित किया जा सकता है। प्रत्येक बच्चे में कोई न कोई प्रतिभा अवश्य रूप से छिपी होती है। उसे इस प्रकार की कार्यशालाओं के माध्यम से निखारा जा सकता है। उन्होंने बताया कि कार्यशाला में बच्चों को शास्त्रीय नृत्य, गायन, चित्रकला, हस्तकला, रंगोली, योगा कलाएं सिखाई जाएगी। विशिष्ट अतिथि संजय राय ने कहा कि स्कूल या किसी संस्था की यह भी जिम्मेदारी है कि वह बच्चों में शिक्षा के साथ ही उनमें विभिन्न प्रकार के कौशल भी विकसित कर, यह कार्यशाला उसी ओर एक कदम है। इस अवसर पर रीना सिंह, सुमन, सत्यप्रकाश श्रीवास्तव, सुधीर भाष्कर पांडेय, शरदचंद्र मिश्र, सुनील केशरी, आशाराम यादव, विभा श्रीवास्तव, रेखा सिंह, विभा द्विवेदी, अशोक, मधु पटेल, संगीता श्रीवास्तव, राधा, सुमित भट्टाचार्य, धीरेंद्र, मधुबाला, नैना, सुरेखा,उषा, वैद्यनाथ चक्रवर्ती रहे। संचालन सुरेश अकेला ने और धन्यवाद स्कूल के प्रबंधक अजय सिंह ने किया।
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उद्घाटन समारोह में उन्होंने कहा कि संस्कार जीवन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान करते हैं। संस्कार विहीन व्यक्ति पशु के समान होता है। इसलिए जीवन में संस्कारों का सृजन होते रहना चाहिए जो कलाओं के माध्यम से आसानी के विकसित किया जा सकता है। प्रत्येक बच्चे में कोई न कोई प्रतिभा अवश्य रूप से छिपी होती है। उसे इस प्रकार की कार्यशालाओं के माध्यम से निखारा जा सकता है। उन्होंने बताया कि कार्यशाला में बच्चों को शास्त्रीय नृत्य, गायन, चित्रकला, हस्तकला, रंगोली, योगा कलाएं सिखाई जाएगी। विशिष्ट अतिथि संजय राय ने कहा कि स्कूल या किसी संस्था की यह भी जिम्मेदारी है कि वह बच्चों में शिक्षा के साथ ही उनमें विभिन्न प्रकार के कौशल भी विकसित कर, यह कार्यशाला उसी ओर एक कदम है। इस अवसर पर रीना सिंह, सुमन, सत्यप्रकाश श्रीवास्तव, सुधीर भाष्कर पांडेय, शरदचंद्र मिश्र, सुनील केशरी, आशाराम यादव, विभा श्रीवास्तव, रेखा सिंह, विभा द्विवेदी, अशोक, मधु पटेल, संगीता श्रीवास्तव, राधा, सुमित भट्टाचार्य, धीरेंद्र, मधुबाला, नैना, सुरेखा,उषा, वैद्यनाथ चक्रवर्ती रहे। संचालन सुरेश अकेला ने और धन्यवाद स्कूल के प्रबंधक अजय सिंह ने किया।
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