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ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ किया प्रदर्शन
Chandauli
Updated Sun, 09 Mar 2014 05:30 AM IST
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नियामताबाद। क्षेत्र के जिवधीपुर में ग्राम पंचायत की जमीन पर कब्जे को लेकर शनिवार को ग्रामीण मुखर हो गए। इसके बाद जुलूस निकालकर प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध-प्रदर्शन किया गया। चेताया कि यदि इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं की गई तो हम सभी उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे। इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
विरोध-प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना रहा कि एकौनी ग्रामसभा के अंतर्गत जिवधीपुर गांव में हाईवे किनारे ग्राम पंचायत की साढ़े 14 बीघे जमीन है। इस पर एक पुलिस अधिकारी की मिलीभगत से एक कालोनाइजर द्वारा चुनाव आचार संहिता की आड़ में कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे ग्रामीण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे और जरूरत पड़ी तो आरपार की लड़ाई लड़ने से भी एक कदम पीछे नहीं हटेंगे। कहा कि इस जमीन पर पूर्व से ही हाईकोर्ट का स्थगन आदेश भी है। बावजूद इसके कालोनाइजर द्वारा संबंधित जमीन पर कब्जा किए जाने का प्रयास किया जा रहा है। आरोप लगाया कि इस मामले में पुलिस प्रशासन के एक अधिकारी की भूमिका संदिग्ध है। यदि तत्काल इस मामले में प्रशासन द्वारा समुचित कदम नहीं उठाया गया तो इसके परिणाम काफी गंभीर होंगे। इसकी जवाबदेही प्रशासन की होगी।
बता दें कि ग्रामीणों ने शुक्रवार को सांसद रामकिशुन से उनके बौरी स्थित आवास पर मुलाकात कर पूरे प्रकरण से अवगत कराने के साथ ही इस मामले में हस्तक्षेप करने की भी मांग की थी। प्रदर्शन करने वालों में अंगनू पटेल, पूर्व प्रधान राधेश्याम सिंह, जवाहिर चौहान, शिवमूरत, संजय चौहान गुलाब पटेल, बेला देवी, अतवारी देवी, खरपत्ती, दुर्गा देवी, हीरामनी एवं लोरिक यादव आदि ग्रामीण शामिल थे।
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विरोध-प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना रहा कि एकौनी ग्रामसभा के अंतर्गत जिवधीपुर गांव में हाईवे किनारे ग्राम पंचायत की साढ़े 14 बीघे जमीन है। इस पर एक पुलिस अधिकारी की मिलीभगत से एक कालोनाइजर द्वारा चुनाव आचार संहिता की आड़ में कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे ग्रामीण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे और जरूरत पड़ी तो आरपार की लड़ाई लड़ने से भी एक कदम पीछे नहीं हटेंगे। कहा कि इस जमीन पर पूर्व से ही हाईकोर्ट का स्थगन आदेश भी है। बावजूद इसके कालोनाइजर द्वारा संबंधित जमीन पर कब्जा किए जाने का प्रयास किया जा रहा है। आरोप लगाया कि इस मामले में पुलिस प्रशासन के एक अधिकारी की भूमिका संदिग्ध है। यदि तत्काल इस मामले में प्रशासन द्वारा समुचित कदम नहीं उठाया गया तो इसके परिणाम काफी गंभीर होंगे। इसकी जवाबदेही प्रशासन की होगी।
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बता दें कि ग्रामीणों ने शुक्रवार को सांसद रामकिशुन से उनके बौरी स्थित आवास पर मुलाकात कर पूरे प्रकरण से अवगत कराने के साथ ही इस मामले में हस्तक्षेप करने की भी मांग की थी। प्रदर्शन करने वालों में अंगनू पटेल, पूर्व प्रधान राधेश्याम सिंह, जवाहिर चौहान, शिवमूरत, संजय चौहान गुलाब पटेल, बेला देवी, अतवारी देवी, खरपत्ती, दुर्गा देवी, हीरामनी एवं लोरिक यादव आदि ग्रामीण शामिल थे।
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