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राजभर, बियार का वोट के लिए हुआ इस्तेमाल
Chandauli
Updated Mon, 24 Feb 2014 05:30 AM IST
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बबुरी। बियार महासभा के तत्वावधान में स्थानीय यूनिवर्सल पब्लिक स्कूल में रविवार को आरक्षण रैली हुई। इस दौरान वक्ताओं ने समाज के लोगों को आरक्षण दिलाने के लिए जमकर वकालत की। कहा, अब तक इस समाज का वोट के लिए ही इस्तेमाल हुआ है।
इस अवसर पर पूर्व राज्यमंत्री अनिल राजभर ने कहा कि बियार और राजभर समाज के लोगों का दलों ने वोट के लिए अब तक जमकर इस्तेमाल किया है। लेकिन अब समय आ गया है कि यह समाज एकजुट होकर इन राजनीतिक दलों के मंसूबों को तोड़ दे। उन्होंने कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य है कि बियार, राजभर, नोनिया, मल्लाह एवं बिंद जैसी पिछड़ी जातियों को एकजुट कर अनुसूचित जाति का दर्जा दिलाया जा सके। जबकि उत्तर प्रदेश या केंद्र की सरकारों की मंशा इनके हितों के प्रति साफ नहीं है। पिछली बार भी 17 जातियों को अनुसूचित जाति का दर्जा दिलाने के नाम पर सिर्फ छलने का काम किया गया। कहा कि मुख्यमंत्री अपने कैबिनेट की बैठक में नियम कानून में फेरबदल करने के साथ ही संविधान में संशोधन कर इन जातियों को अनुसूचित जाति का दर्जा दिला सकते थे। लेकिन उन्होंने ऐसा न कर इन जातियों की भारी उपेक्षा की है। उन्होंने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में यह समाज अपनी लड़ाई की बुनियाद रखने का काम करेगा। आरक्षण रैली के संयोजक शिवमंगल बियार ने कहा कि बियार और राजभर समाज के लोगों को अनिल राजभर के नेतृत्व में आरक्षण की लड़ाई लड़ने के लिए एकजुट होकर आगे आना होगा। इसके पूर्व हजारों की संख्या में दोनों समाज के लोग नारेबाजी करते हुए रैली में पहुंचे। इस अवसर पर रामसखी बियार, मुन्नर, गुलाब, कुश, बुधिराम तथा लल्लू आदि उपस्थित थे।
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इस अवसर पर पूर्व राज्यमंत्री अनिल राजभर ने कहा कि बियार और राजभर समाज के लोगों का दलों ने वोट के लिए अब तक जमकर इस्तेमाल किया है। लेकिन अब समय आ गया है कि यह समाज एकजुट होकर इन राजनीतिक दलों के मंसूबों को तोड़ दे। उन्होंने कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य है कि बियार, राजभर, नोनिया, मल्लाह एवं बिंद जैसी पिछड़ी जातियों को एकजुट कर अनुसूचित जाति का दर्जा दिलाया जा सके। जबकि उत्तर प्रदेश या केंद्र की सरकारों की मंशा इनके हितों के प्रति साफ नहीं है। पिछली बार भी 17 जातियों को अनुसूचित जाति का दर्जा दिलाने के नाम पर सिर्फ छलने का काम किया गया। कहा कि मुख्यमंत्री अपने कैबिनेट की बैठक में नियम कानून में फेरबदल करने के साथ ही संविधान में संशोधन कर इन जातियों को अनुसूचित जाति का दर्जा दिला सकते थे। लेकिन उन्होंने ऐसा न कर इन जातियों की भारी उपेक्षा की है। उन्होंने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में यह समाज अपनी लड़ाई की बुनियाद रखने का काम करेगा। आरक्षण रैली के संयोजक शिवमंगल बियार ने कहा कि बियार और राजभर समाज के लोगों को अनिल राजभर के नेतृत्व में आरक्षण की लड़ाई लड़ने के लिए एकजुट होकर आगे आना होगा। इसके पूर्व हजारों की संख्या में दोनों समाज के लोग नारेबाजी करते हुए रैली में पहुंचे। इस अवसर पर रामसखी बियार, मुन्नर, गुलाब, कुश, बुधिराम तथा लल्लू आदि उपस्थित थे।
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