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जयंती की पूर्वसंध्या पर आयोजित हुए विविध कार्यक्रम
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कंदवा। भारत रत्न पं. मदन मोहन मालवीय और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती की पूर्व संध्या पर सोमवार को सामाजिक संस्था राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर सेवा समिति की ओर से बरहनी विकासखंड के इमिलिया गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान उनके व्यक्तित्व व कृतित्व पर चर्चा हुई और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प. मदन मोहन मालवीय व अटल बिहारी वाजपेयी के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया।
गोष्ठी में मुख्य अतिथि किसान रतन सिंह ने कहा कि अलग-अलग दल और विचारधारा होने के बाद भी भारतीय राजनीति के शिखर पुरुषों में से एक पं. मालवीय ने शिक्षा और सामाजिक समरसता के क्षेत्र में प्रतिमान स्थापित किया। वहीं पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने विकास और विदेश नीति के क्षेत्र में झंडे गाड़े। सचिव मृत्युंजय सिंह दीपू ने कहा कि बीएचयू की स्थापना कर पं. मालवीय ने पूरे विश्व को अपनी क्षमता से परिचित कराया। देश के सर्वांगीण विकास और समरस समाज की स्थापना के लिए देश की इन महान विभूतियों से प्रेरणा लेने की जरूरत है। गोष्ठी में अरविंद कुशवाहा, इंदल सिंह बाबा, नरेंद्र प्रताप सिंह, राजा सिंह, राधेश्याम सिंह, सतेंद्र सिंह, ज्योति सिंह, डबलू सिंह, यशवंत सिंह, सुदीप सिंह, गिरजेश सिंह, राजकुमारी सिंह, भोनू यादव, मनी सिंह मौजूद रहे। अध्यक्षता लवकुश सिंह व संचालन आलोक सिंह ने किया। ऌ
गोष्ठी में मुख्य अतिथि किसान रतन सिंह ने कहा कि अलग-अलग दल और विचारधारा होने के बाद भी भारतीय राजनीति के शिखर पुरुषों में से एक पं. मालवीय ने शिक्षा और सामाजिक समरसता के क्षेत्र में प्रतिमान स्थापित किया। वहीं पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने विकास और विदेश नीति के क्षेत्र में झंडे गाड़े। सचिव मृत्युंजय सिंह दीपू ने कहा कि बीएचयू की स्थापना कर पं. मालवीय ने पूरे विश्व को अपनी क्षमता से परिचित कराया। देश के सर्वांगीण विकास और समरस समाज की स्थापना के लिए देश की इन महान विभूतियों से प्रेरणा लेने की जरूरत है। गोष्ठी में अरविंद कुशवाहा, इंदल सिंह बाबा, नरेंद्र प्रताप सिंह, राजा सिंह, राधेश्याम सिंह, सतेंद्र सिंह, ज्योति सिंह, डबलू सिंह, यशवंत सिंह, सुदीप सिंह, गिरजेश सिंह, राजकुमारी सिंह, भोनू यादव, मनी सिंह मौजूद रहे। अध्यक्षता लवकुश सिंह व संचालन आलोक सिंह ने किया। ऌ
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