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शिक्षा को आधुनिक बनाने मौलाना का योगदान सराहनी
Updated Sun, 11 Nov 2018 11:41 PM IST
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जयंती
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चंदौली। देश के प्रथम शिक्षामंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती मुख्यालय स्थित महेंद्र टेक्निकल इटंर कॉलेज में रविवार को धूमधाम के साथ मनाई गई। इसमें शिक्षकों ने उनके तैल चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। साथ ही व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला। कहा आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने में उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा है।
इस दौरान प्रधानाचार्य डा. रामचंद्र शुक्ल ने कहा कि मौलाना अबुल कलाम आजाद ने देश के प्रथम शिक्षामंत्री के रूप में कई उल्लेखनीय कार्य किए है। इसे भुलाया नहीं जा सकता है। वक्ताओं ने कहा अबुल कलाम आजाद ने देश में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए आइआइटी व आइआइएम की स्थापना कराई। वहीं शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक व सुगम बनाने की दिशा में काम किया। उनकी दूरदर्शी सोच का ही परिणाम रहा कि वर्तमान दौर में भारत में शिक्षित इंजीनियर व डाक्टरों का लोहा पूरी दुनिया मान रही है। हम सभी को उनकी सोच को आगे बढ़ाने का संकल्प लेना चाहिए। बेहतर शिक्षा के बगैर देश व समाज का विकास संभव नहीं है। शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त खामियों को दूर कर ही समाज को शिक्षित किया जा सकता है। इसके लिए शिक्षकों को आगे आना होगा। इस दौरान बृजेश सिंह, ओमप्रकाश पांडेय, लवकुश सिंह, राधेश्याम सिंह, प्रेमनारायण सिंह, संजीदा बानो, अभिषेक पांडेय, संजय शर्मा आदि उपस्थित थे।
इस दौरान प्रधानाचार्य डा. रामचंद्र शुक्ल ने कहा कि मौलाना अबुल कलाम आजाद ने देश के प्रथम शिक्षामंत्री के रूप में कई उल्लेखनीय कार्य किए है। इसे भुलाया नहीं जा सकता है। वक्ताओं ने कहा अबुल कलाम आजाद ने देश में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए आइआइटी व आइआइएम की स्थापना कराई। वहीं शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक व सुगम बनाने की दिशा में काम किया। उनकी दूरदर्शी सोच का ही परिणाम रहा कि वर्तमान दौर में भारत में शिक्षित इंजीनियर व डाक्टरों का लोहा पूरी दुनिया मान रही है। हम सभी को उनकी सोच को आगे बढ़ाने का संकल्प लेना चाहिए। बेहतर शिक्षा के बगैर देश व समाज का विकास संभव नहीं है। शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त खामियों को दूर कर ही समाज को शिक्षित किया जा सकता है। इसके लिए शिक्षकों को आगे आना होगा। इस दौरान बृजेश सिंह, ओमप्रकाश पांडेय, लवकुश सिंह, राधेश्याम सिंह, प्रेमनारायण सिंह, संजीदा बानो, अभिषेक पांडेय, संजय शर्मा आदि उपस्थित थे।
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