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दुर्घटना में घायल बच्चियों का सीओ ने कराया इलाज
Updated Mon, 24 Sep 2018 12:57 AM IST
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सकलडीहा। सीओ सकलडीहा त्रिपुरारी पांडेय ने मानवता की नई मिसाल पेश की है। उन्होंने सड़क हादसे में घायल दो अनजान मासूम बच्चियों की जान अपना दो माह का वेतन खर्च कर बचाई है। हादसे में घायल बच्चियों के 20 दिनों के इलाज के बाद घर लौटने पर उनके परिजनों में हर्ष व्याप्त है।
नरैना गांव निवासी राजेंद्र कुमार की पांच वर्षीय पुत्री संजना और जयराम की छह वर्षीय पुत्री अंतिमा सड़क के किनारे खेल रही थीं। इसी बीच बरठी गांव निवासी शंकर राम का पुत्र राजू बाइक से घर लौट रहा था। अचानक आंख में मच्छर चले जाने से उसकी बाइक असंतुलित होकर दोनों बच्चियों से टकरा गई। जोरदार टक्कर में दोनों बच्चियां गंभीर रूप से जख्मी हो गईं। सूचना पर आनन फानन में पहुंचे सीओ त्रिपुरारी पांडेय और कोतवाल लक्ष्मण पर्वत ने उग्र ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत कराया। इसके बाद घायल दोनों बच्चियों की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल से ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया। दोनों बच्चियों का इलाज व आपरेशन के लिये परिजनों के पास पैसा न होने पर सीओ ने अपने दो माह का वेतन से एक लाख 12 हजार खर्च कर दोनों मासूम की जान बचाई। इस बाबत डिप्टी एसपी ने बताया, मानव जीवन की रक्षा करना पुलिस का धर्म है। किसी भी गरीब, मजदूर या असहाय की मदद करना इंसान का पहला कर्तव्य होना चाहिए।
नरैना गांव निवासी राजेंद्र कुमार की पांच वर्षीय पुत्री संजना और जयराम की छह वर्षीय पुत्री अंतिमा सड़क के किनारे खेल रही थीं। इसी बीच बरठी गांव निवासी शंकर राम का पुत्र राजू बाइक से घर लौट रहा था। अचानक आंख में मच्छर चले जाने से उसकी बाइक असंतुलित होकर दोनों बच्चियों से टकरा गई। जोरदार टक्कर में दोनों बच्चियां गंभीर रूप से जख्मी हो गईं। सूचना पर आनन फानन में पहुंचे सीओ त्रिपुरारी पांडेय और कोतवाल लक्ष्मण पर्वत ने उग्र ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत कराया। इसके बाद घायल दोनों बच्चियों की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल से ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया। दोनों बच्चियों का इलाज व आपरेशन के लिये परिजनों के पास पैसा न होने पर सीओ ने अपने दो माह का वेतन से एक लाख 12 हजार खर्च कर दोनों मासूम की जान बचाई। इस बाबत डिप्टी एसपी ने बताया, मानव जीवन की रक्षा करना पुलिस का धर्म है। किसी भी गरीब, मजदूर या असहाय की मदद करना इंसान का पहला कर्तव्य होना चाहिए।
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