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निषाद समाज से हो रहा भेदभाव
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चंदौली। निषाद समाज के लोगों के साथ भेदभाव के विरोध में गुरुवार को निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल के कार्यकर्ता ने मुख्यालय पर जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किया। सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की और उपेक्षा का आरोप लगाया। चेताया कि निषाद के साथ किए जा रहे अन्याय को तत्काल रोका जाए नहीं तो कार्यकर्ताओं उग्र आंदोलन को बाध्य होगे। अंत में जुलूस निकाल कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासनिक अधिकारी को मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि गाजीपुर में धरना प्रदर्शन के दौरान हेड कांस्टेबल के मौत का दु:ख पार्टी और समाज के लोगों को भी है। इसके लिए पूरी तरह से शासन व प्रशासन जिम्मेदार है। निषाद समाज के लोगों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन देने के लिए जाना था, लेकिन समाज के लोगों को थाने में बंद कर दिया। इसके विरोध में समाज के लोगों ने जब धरना प्रदर्शन किया तो इसी दौरान भाजपा के लोगों ने पत्थरबाजी की। इससे हेड कांस्टेबल की मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने समाज के लोगों को साथ बर्बरता से पेश आई। इसकी जांच होनी चाहिए और इसमें जो भी दोषी हो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। कहा कि भाजपा ने हमेशा निषाद समाज को धोखा देने का काम किया है। चुनाव के पूर्व वादा किया था निषाद समाज का अनुसूचित जाति का दर्जा दिया जाएगा, लेकिन सरकार बनने के बाद भूल गई। इस दौरान अरविंद बिंद, डा.दीपक निषाद, किशन कुमार बिंद, शिव कुमारी निषाद, अरविंद साहनी, राजू खरवार रहे।
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इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि गाजीपुर में धरना प्रदर्शन के दौरान हेड कांस्टेबल के मौत का दु:ख पार्टी और समाज के लोगों को भी है। इसके लिए पूरी तरह से शासन व प्रशासन जिम्मेदार है। निषाद समाज के लोगों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन देने के लिए जाना था, लेकिन समाज के लोगों को थाने में बंद कर दिया। इसके विरोध में समाज के लोगों ने जब धरना प्रदर्शन किया तो इसी दौरान भाजपा के लोगों ने पत्थरबाजी की। इससे हेड कांस्टेबल की मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने समाज के लोगों को साथ बर्बरता से पेश आई। इसकी जांच होनी चाहिए और इसमें जो भी दोषी हो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। कहा कि भाजपा ने हमेशा निषाद समाज को धोखा देने का काम किया है। चुनाव के पूर्व वादा किया था निषाद समाज का अनुसूचित जाति का दर्जा दिया जाएगा, लेकिन सरकार बनने के बाद भूल गई। इस दौरान अरविंद बिंद, डा.दीपक निषाद, किशन कुमार बिंद, शिव कुमारी निषाद, अरविंद साहनी, राजू खरवार रहे।
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