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कार्यशाला में अधिकारियों को दी नियमों की जानकारी
Updated Sun, 07 Oct 2018 01:12 AM IST
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चंदौली। विकास भवन सभागार में शनिवार को वाणिज्य कर विभाग की ओर से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें जीएसटी प्रावधान के तहत एक अक्तूबर से आरंभ टीडीएस कटौती के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही जीएसटी की बारीकियों से भी अवगत कराया गया।
कार्यक्रम के दौरान डिप्टी कमिश्नर वाणिज्य कर केके गुप्ता ने बताया कि जीएसटी की धारा 51 के प्रावधानों के अनुसार एक अक्तूबर से ही टीडीएस कटौती की प्रक्रिया शुरू हो गई हैं। इसके तहत ढाई लाख से अधिक के भुगतान पर एक-एक प्रतिशत सीजीएसटी व एसजीएसटी की कटौती शुरू कर दी गई है। वहीं अन्य प्रदेशों में भुगतान करने पर दो फीसदी जीएसटी व टीडीएस कटौती की जाएगी। यह प्रावधान ढाई लाख रुपये से अधिक भुगतान वाले कांट्रैक्टपर लागू होगा। आहरण-वितरण अधिकारी की ओर से कोषागार के माध्यम से जैसे ही भुगतान किया जाएगा। डीडीओ की ओर से निर्धारित धनराशि की कटौती की जाएगी। इसलिए आहरण-वितरण अधिकारी पहले से ही इसके बारे में अवगत रहें। ताकि किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को जीएसटी प्रणाली के इस्तेमाल के लिए जीएसटीएन पंजीकरण कराने की भी अपील की। कहा कि सभी विभाग पंजीकरण कराकर जीएसटी नंबर प्राप्त कर लें। ताकि आहरण, भुगतान की स्थिति में किसी प्रकार की बाधा न आने पाए। कार्यशाला में सीडीओ डा. एके श्रीवास्तव, डीडीओ पद्मकांत शुक्ला, डीसी मनरेगा धर्मजीत सिंह, बीडीओ एमपी चौबे, डीआईओएस डा. विनोद राय, बीएसए भोलेंद्र प्रताप, डिप्टी कमिश्नर राजीव आर्थर, असिस्टेंट कमिश्नर दिनेश कुमार, वाणिज्य कर अधिकारी मनीष कुमार राय उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान डिप्टी कमिश्नर वाणिज्य कर केके गुप्ता ने बताया कि जीएसटी की धारा 51 के प्रावधानों के अनुसार एक अक्तूबर से ही टीडीएस कटौती की प्रक्रिया शुरू हो गई हैं। इसके तहत ढाई लाख से अधिक के भुगतान पर एक-एक प्रतिशत सीजीएसटी व एसजीएसटी की कटौती शुरू कर दी गई है। वहीं अन्य प्रदेशों में भुगतान करने पर दो फीसदी जीएसटी व टीडीएस कटौती की जाएगी। यह प्रावधान ढाई लाख रुपये से अधिक भुगतान वाले कांट्रैक्टपर लागू होगा। आहरण-वितरण अधिकारी की ओर से कोषागार के माध्यम से जैसे ही भुगतान किया जाएगा। डीडीओ की ओर से निर्धारित धनराशि की कटौती की जाएगी। इसलिए आहरण-वितरण अधिकारी पहले से ही इसके बारे में अवगत रहें। ताकि किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को जीएसटी प्रणाली के इस्तेमाल के लिए जीएसटीएन पंजीकरण कराने की भी अपील की। कहा कि सभी विभाग पंजीकरण कराकर जीएसटी नंबर प्राप्त कर लें। ताकि आहरण, भुगतान की स्थिति में किसी प्रकार की बाधा न आने पाए। कार्यशाला में सीडीओ डा. एके श्रीवास्तव, डीडीओ पद्मकांत शुक्ला, डीसी मनरेगा धर्मजीत सिंह, बीडीओ एमपी चौबे, डीआईओएस डा. विनोद राय, बीएसए भोलेंद्र प्रताप, डिप्टी कमिश्नर राजीव आर्थर, असिस्टेंट कमिश्नर दिनेश कुमार, वाणिज्य कर अधिकारी मनीष कुमार राय उपस्थित रहे।
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