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सिचाई विभाग की लापरवाही से डेढ़ हजार एकड फसल जलमग्न
Updated Mon, 31 Jul 2017 12:22 AM IST
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नियामताबाद। अहरौरा बांध से निकले नाले के कम्हरिया स्थित रेगुलेटर पर आठ गेट में दो गेट खराब होने की वजह से अभी भी बंद हैं। इससे खेतों से पानी निकासी की गति धीमी है। इसके परिणाम स्वरूप अभी भी डेढ़ से दो हजार एकड़ की फसल जलमग्न है और बर्बाद होने के कगार पर हैं। इसको लेकर किसानों में नाराजगी है। विधायक साधना सिंह ने भी निरीक्षण के बाद सिंचाई विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया है।
अहरौरा बांध से निकले नाले के सहारे पानी कर्मनाशा नदी में पहुंच जाता है। सिंचाई के लिए जगह जगह रेगुलेटर बनाए गए हैं। कम्हरिया में रेेगुलेटर बना है और इसमें आठ गेट लगाए गए हैं। इससे यहां पानी रुकता है और आस पास के खेतों की सिंचाई होती है। वहीं बारिश के बाद खेतों में जमा अतिरिक्त पानी इसी नाले के सहारे निकल जाता है। पांच वर्ष पहले सपा शासन काल में बंधी प्रखंड मूसाखांड द्वारा यहां के खराब गेटों की मरम्मत कराई गई थी, लेकिन ढाई वर्ष के भीतर ही गेट खराब हो गए। इससे बारिश होने पर खेतों में जमा पानी नहीं निकल पा रहा है। इस वर्ष भी बारिश की वजह से एक सप्ताह पहले नियामाताबाद, बौरी, बुधवारे, रामपुर, भरतपुर, पचोखर, हसनपुर, रोहड़ा आदि गांवों की डेढ़ से दो हजार एकड़ फसल जलमग्न हो गई। बारिश की शुरूआत के पहले जून माह में भारतीय किसान संघ का प्रतिनिधि मंडल डीएम से मिला। किसानों की मांग पर रेगुलेटर के चार गेट तो खोल दिए गए लेकिन चार गेट नहीं खुल सके। फसल जलमग्न होने पर अखिलेश सिंह ने डीएम से वार्ता की। इसके बाद अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और मौका मुआयना किया। इसके बाद दो और गेटों को खोल दिया गया। बावजूद इसके अभी भी दो गेट बंद हैं। इससे पानी निकासी की गति अत्यंत धीमी है। इस संबंध में किसानों का कहना है कि बंधी प्रखंड के एक्सईएन से कई बार की शिकायत की गई लेकिन ध्यान नहीं दिया गया। इसी वजह से स्थिति गंभीर हुई है। शनिवार को मुगलसराय विधायक साधना सिंह ने भी जल मग्न फसलों को देखा लेकिन स्थिति नहीं सुधरी है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही दो और गेटों को खोल कर पानी निकासी नही कराई गई तो आंदोलन किया जाएगा।
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कम्हरिया रेगुलेटर के गेट खराब होने की सूचना है। किसानों की मांग पर बंद दो और फाटक को खोला गया है। खराबी की रिपोर्ट शासन को भेजी गई है।
बीके कुशवाहा
एक्सईएन मूसाखांड बंधी प्रखंड