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जिला प्रशासन के खिलाफ लेखपालों ने बुलंद की आवाज
Updated Thu, 12 Jul 2018 12:52 AM IST
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चंदौली। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर जनपद में तैनात लेखपालों ने बुधवार को तीसरे दिन भी विकास भवन के समीप धरना दिया। आठ सूत्री मांगों को पूरा करने और जिला प्रशासन द्वारा आंदोलरत लेखपालों को नोटिस जारी करने के खिलाफ वक्ताओं ने जमकर भड़ास निकाली। चेताया कि लेखपाल अपनी मांगों को पूरा करने के लिए सरकार को झुकना पड़ेगा। साथ ही उत्पीड़न करने पर आमरण अनशन की चेतावनी दी। इस दौरान राजस्व निरीक्षक संघ के जिलाध्यक्ष श्रीपति सिंह ने भी लेखपालों के धरने को समर्थन दिया। धरने को संबोधित करते हुए लेखपाल संघ की उपमंत्री माधुरी पांडेय ने कहा कि लेखपाल अपनी जायज मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन जिला प्रशासन उनके आंदोलन को तोड़ने की साजिश रच रहा है। जिसके तहत जिला प्रशासन प्रशिक्षु लेखपालों को आंदोलन से हटने के लिए सेवा समाप्ति का नोटिस जारी किया है। लेकिन लेखपाल अपनी मांगों पर अडिग है और जिला प्रशासन के आगे झुकने वाला नहीं है। कहा कि राजस्व विभाग की महत्वपूर्ण कड़ी में शामिल लेखपाल आज शासन प्रशासन की उपेक्षा के चलते आंदोलन की राह पर है। इनकी समस्याओं पर प्रदेश सरकार ध्यान नहीं दे रही है। इस दौरान संगठन के अघ्यक्ष सियाराम, रामकेश यादव, विरेंद्र कौशल, चंद्रप्रकाश त्यागी, सूर्य प्रकाश, दिलीप कुमार गोंड, बेचूलाल, पवन कुमार, शमशेर यादव, सुजीत कुमार, चंदन, धनंजय, विनिता, प्रियंका मौजूद रहे।
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