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ईंट भट्ठा समिति की बैठक
Updated Mon, 30 Oct 2017 01:02 AM IST
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चंदौली। ईंट निर्माता समिति की बैठक रविवार को स्थानीय कैंप कार्यालय पर हुई। इसमें भट्ठा संचालकों ने उद्योग को लेकर सरकार की नीतियों को कोसा और समस्याओं का समाधान नहीं होने पर सरकार की ईंट से ईंट बजाने की चेतावनी दी। कहा कि जीएसटी की रायल्टी जमा करने में आ रही समस्या और स्वच्छता प्रमाण पत्र की अनिवार्यता समाप्त करने की दिशा में सार्थक कदमा नहीं उठाया गया तो विधान सभा का घेराव किया जाएगा।
इस अवसर पर रतन कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि ईंट भट्ठा उद्योग चार प्रमुख समस्याओं से जूझ रहा है। पर्यावरण स्वच्छता प्रमाण पत्र की समस्या, खनिज न्यास रायल्टी का दस प्रतिशत जमा करने में आ रही दिक्तत, जीएसटी में रिटर्न दाखिल करने की समस्या और पुलिस द्वारा मिट्टी खनन में हस्तक्षेप करने से भट्ठा संचालक परेशान हैं। उद्योग पर मंदी की मार पड़ रही है और सरकार की उपेक्षा से भट्ठे बंद होने की कगार पर पहुंच रहे हैं। कहा कि मंदी के चलते विगत वर्ष मात्र चालीस प्रतिशत ईंट का उत्पादन हो सका। कहा कि सरकार ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया तो 18 हजार ईंट भट्ठे बंद हो जाएंगे और पचास लाख श्रमिक बेरोजगार हो जाएंगे। इसके लिए भट्ठा संचालकों को एकजुट होकर कार्य करना होगा। कहा कि समस्याओं का समाधान नहीं होता है तो सत्र शुरू होते ही विधान सभा का घेराव किया जाएगा। उपाध्यक्ष ओपी सिंह ने कहा कि विगत दिनों जनपद आगमन के दौरान मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याएं रखी गईं हैं। भट्ठा मालिक उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार इस तरफ जरूर ध्यान देगी। इस अवसर पर मंगला सिंह, रामगोपाल सिंह, अखिलेश सिंह, संतोष तिवारी, मनसा यादव, परवेज खां, जंगबहादुर आदि रहे।
इस अवसर पर रतन कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि ईंट भट्ठा उद्योग चार प्रमुख समस्याओं से जूझ रहा है। पर्यावरण स्वच्छता प्रमाण पत्र की समस्या, खनिज न्यास रायल्टी का दस प्रतिशत जमा करने में आ रही दिक्तत, जीएसटी में रिटर्न दाखिल करने की समस्या और पुलिस द्वारा मिट्टी खनन में हस्तक्षेप करने से भट्ठा संचालक परेशान हैं। उद्योग पर मंदी की मार पड़ रही है और सरकार की उपेक्षा से भट्ठे बंद होने की कगार पर पहुंच रहे हैं। कहा कि मंदी के चलते विगत वर्ष मात्र चालीस प्रतिशत ईंट का उत्पादन हो सका। कहा कि सरकार ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया तो 18 हजार ईंट भट्ठे बंद हो जाएंगे और पचास लाख श्रमिक बेरोजगार हो जाएंगे। इसके लिए भट्ठा संचालकों को एकजुट होकर कार्य करना होगा। कहा कि समस्याओं का समाधान नहीं होता है तो सत्र शुरू होते ही विधान सभा का घेराव किया जाएगा। उपाध्यक्ष ओपी सिंह ने कहा कि विगत दिनों जनपद आगमन के दौरान मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याएं रखी गईं हैं। भट्ठा मालिक उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार इस तरफ जरूर ध्यान देगी। इस अवसर पर मंगला सिंह, रामगोपाल सिंह, अखिलेश सिंह, संतोष तिवारी, मनसा यादव, परवेज खां, जंगबहादुर आदि रहे।
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