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Chandauli News: गले में संक्रमण के 50 और डायरिया से पीड़ित 15 बच्चे रोज आ रहे अस्पताल

Fri, 22 May 2026 01:56 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 22 May 2026 01:56 AM IST
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50 children with throat infections and 15 children suffering from diarrhea are coming to the hospital daily
राजकीय महिला चिकित्सालय में नवजात बच्चे की जांच करते डॉ.एस.के.चतुर्वेदी। संवाद
पीडीडीयू नगर। लगातार बढ़ रहे तापमान का असर छोटे बच्चों की सेहत पर पड़ रहा है। भीषण गर्मी और बदलते वातावरण के कारण बच्चों में डायरिया और अपर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (ऊपरी श्वसन तंत्र संक्रमण) तेजी से फैल रहा है। राजकीय महिला अस्पताल में इन दिनों बड़ी संख्या में बच्चे उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों ने अभिभावकों को बच्चों के खानपान और दिनचर्या के लिए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। राजकीय महिला चिकित्सालय की ओपीडी में प्रतिदिन लगभग 140 से 160 बच्चे इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे बच्चों की है जो अपर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इंफेक्शन से पीड़ित हैं। अस्पताल में रोजाना 40 से 50 बच्चे सर्दी, खांसी, गले में संक्रमण और सांस लेने में परेशानी जैसी शिकायतों के साथ पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार तेज गर्मी में एसी से निकलकर अचानक धूप में आने और उड़ती धूल के कारण बच्चों में यह संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। वहीं दूसरी ओर तीन से पांच वर्ष की आयु वाले बच्चों में डायरिया के मामले बढ़े हैं। प्रतिदिन 10 से 15 बच्चे उल्टी-दस्त, पेट दर्द और कमजोरी की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी में बाहर का खुला और अस्वच्छ भोजन खाने से पेट में संक्रमण हो जाता है, जो डायरिया का मुख्य कारण बन रहा है। छोटे बच्चों में डायरिया के कारण शरीर में पानी की कमी होने का खतरा बढ़ जाता है, जो समय पर उपचार न मिलने पर गंभीर रूप ले सकता है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि डायरिया दो दिन से अधिक समय तक बना रहे, मल में खून आए, तेज बुखार हो या बच्चा अत्यधिक सुस्त दिखाई दे तो इसे सामान्य बीमारी समझकर नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
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अस्पताल में बढ़े मरीज
- प्रतिदिन ओपीडी में पहुंच रहे बच्चे 140 से 160
- अपर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इंफेक्शन के मरीज 40 से 50
- डायरिया से पीड़ित बच्चे 10 से 15
- प्रभावित आयु वर्ग 3 से 5 वर्ष
बच्चों में दिख रहे प्रमुख लक्षण
- सर्दी और खांसी
- गले में संक्रमण
- सांस लेने में परेशानी
- उल्टी और दस्त
- पेट दर्द और कमजोरी
- तेज बुखार
डायरिया होने के मुख्य कारण
- बाहर का खुला खाना
- जंक फूड का अधिक सेवन
- दूषित पानी
- गर्मी में खानपान में लापरवाही
- साफ-सफाई की कमी
डॉक्टरों की सलाह
- बच्चों को ज्यादा धूप में न ले जाएं
- एसी से निकलते ही सीधे गर्मी में न भेजें
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाएं
- ताजा और साफ भोजन दें
- जंक फूड से दूर रखें
- ज्यादा परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
इस हालत में तुरंत डॉक्टरों की सलाह लें
- डायरिया दो दिन से ज्यादा रहे
- मल में खून आए
- तेज बुखार हो
- बच्चा बहुत सुस्त हो जाए
- सांस लेने में दिक्कत बढ़े
- शरीर में पानी की कमी दिखे
गर्मी के मौसम में बच्चों का विशेष ख्याल रखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को एसी से सीधे तेज धूप में न ले जाएं। साथ ही उन्हें साफ-सुथरा और ताजा भोजन दें तथा जंक फूड से दूर रखें। पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाने और साफ-सफाई का ध्यान रखने से कई बीमारियों से बचाव किया जा सकता है।
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- डॉ.एसके चतुर्वेदी, प्रभारी चिकित्साधिकारी, राजकीय महिला चिकित्सालय
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