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जन कन्वेशन में मोदी सरकार की नीतियों की हुई आलोचना
Updated Fri, 18 May 2018 12:56 AM IST
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चकिया। नगर के निर्भयदास स्थित समाजसेवी डा. गीता शुक्ला के सभागार में गुरुवार को जन संगठनों द्वारा मोदी सरकार के चार वर्ष पूरा होने पर देश की स्थिति को लेकर जन कन्वेंशन का आयोजन किया गया। जिसमें सरकार पर विश्व बैंक, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की नीतियों पर चलने का आरोप। वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियां किसान व श्रमिक विरोधी है।
कन्वेंशन में भाग लेने वाले जन संगठनों अखिल भारतीय किसान सभा, पत्थर खदान मजदूर यूनियन, मजदूर किसान मंच, जनवादी महिला समिति, अखिल भारतीय खेत मजदूर सभा, उत्तर प्रदेश खेत मजदूर यूनियन, रसोईया संघ तथा आशा संघ के प्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार की नीतियों को कारपोरेट आधारित करार दिया तथा कहा कि मोदी सरकार के चार साल के कार्यकाल में बेरोजगारी की दर 35 प्रतिशत तक हो गई है। प्रतिनिधियों ने कहा कि मोदी सरकार लोकपाल बिल लाने में विफल साबित हुई है प्रतिनिधियों ने कहा कि रक्षा, रेलवे, बैंक, बीमा, भेल जैसे सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को निजीकरण किया जा रहा है। कहा कि सरकार की नीतियां श्रमिकों और किसानों के विकास के खिलाफ है। प्रतिनिधियों ने जन जागरूकता अभियान चलाने तथा 23 मई को चकिया में प्रदर्शन करने की घोषणा की। इसमें में रामअचल यादव, शिवनारायण बिंद, शिवमूरत राम, श्री प्रसाद, अजय राय, शुकदेव मिश्र, रामनन्दन सिंह, मिठाई लाल, लालमनी विश्वकर्मा, रामप्यारे यादव, नरोत्तम, लालचंद सिंह, नन्दलाल, सुभाष सिंह, बजरंगी, स्वामीनाथ सहित तमाम प्रतिनिधियों ने विचार व्यक्त किये। संचालन अजय राय ने किया।
कन्वेंशन में भाग लेने वाले जन संगठनों अखिल भारतीय किसान सभा, पत्थर खदान मजदूर यूनियन, मजदूर किसान मंच, जनवादी महिला समिति, अखिल भारतीय खेत मजदूर सभा, उत्तर प्रदेश खेत मजदूर यूनियन, रसोईया संघ तथा आशा संघ के प्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार की नीतियों को कारपोरेट आधारित करार दिया तथा कहा कि मोदी सरकार के चार साल के कार्यकाल में बेरोजगारी की दर 35 प्रतिशत तक हो गई है। प्रतिनिधियों ने कहा कि मोदी सरकार लोकपाल बिल लाने में विफल साबित हुई है प्रतिनिधियों ने कहा कि रक्षा, रेलवे, बैंक, बीमा, भेल जैसे सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को निजीकरण किया जा रहा है। कहा कि सरकार की नीतियां श्रमिकों और किसानों के विकास के खिलाफ है। प्रतिनिधियों ने जन जागरूकता अभियान चलाने तथा 23 मई को चकिया में प्रदर्शन करने की घोषणा की। इसमें में रामअचल यादव, शिवनारायण बिंद, शिवमूरत राम, श्री प्रसाद, अजय राय, शुकदेव मिश्र, रामनन्दन सिंह, मिठाई लाल, लालमनी विश्वकर्मा, रामप्यारे यादव, नरोत्तम, लालचंद सिंह, नन्दलाल, सुभाष सिंह, बजरंगी, स्वामीनाथ सहित तमाम प्रतिनिधियों ने विचार व्यक्त किये। संचालन अजय राय ने किया।
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