{"_id":"5afc87c74f1c1be9408b5e19","slug":"41526499271-chandauli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चार साल में बनाया 1.60 लाख टायलेट, अब तीन महीने में 1.40 का लक्ष्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चार साल में बनाया 1.60 लाख टायलेट, अब तीन महीने में 1.40 का लक्ष्य
Updated Thu, 17 May 2018 01:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
चंदौली। चार वर्ष में एक लाख 60 हजार शौचालय बनवाने वाले पंचायती विभाग को तीन माह में एक लाख 40 हजार शौचालय बनवाने है। इसे 30 सितंबर तक पूरा करने के लिए डीएम ने समय सीमा तय की है।
केंद्र की सरकार ने खुले में शौच मुक्त करने के लिए अभियान चला रखा है। जिसके तहत दो अक्टूबर की समय सीमा तय कर दी गई है। शौचालय निर्माण हर घर में हो इसके लिए केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से आठ हजार रुपये का अनुदान भी दिया जा रहा है। लेकिन स्थिति यह है कि पिछले चार वर्षो में जितने संख्या में शौचालय का निर्माण किया जा चुका है। उतने शौचालय का निर्माण 30 सितंबर तक कराया जाना है। वर्ष 2011 के बेस लाइन सर्वे में जिले में कुल तीन लाख 40 हजार शौचालय की आवश्यकता थी। जिसके बाद वर्ष 2014 में 40 हजार परिवार अपने खर्च से शौचालय का निर्माण कराए थे। इसके बाद जिले को शौच मुक्त करने के लिए पंचायती राज विभाग से कुल तीन लाख शौचालय का निर्माण कराया जाना है। वर्ष 2004 से अब तक एक लाख 60 हजार शौचालय की निर्माण हो पाया है। जबकि अभी एक लाख 40 हजार शौचालय का निर्माण कराया जाना है। जिसमें लिए सितंबर माह तक का समय बचा है।
जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने बताया कि एक लाख 40 हजार शौचालय बनवाने के बाद ही जिले को शौच मुक्त घोषित किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि लक्ष्य देखने में बड़ा है। लेकिन शौचालय का निर्माण एक सप्ताह में पूरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि शौचालय निर्माण के लक्ष्य को 734 गांव में एक साथ काम शुरू कराने के निर्देश दिया गया है।
केंद्र की सरकार ने खुले में शौच मुक्त करने के लिए अभियान चला रखा है। जिसके तहत दो अक्टूबर की समय सीमा तय कर दी गई है। शौचालय निर्माण हर घर में हो इसके लिए केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से आठ हजार रुपये का अनुदान भी दिया जा रहा है। लेकिन स्थिति यह है कि पिछले चार वर्षो में जितने संख्या में शौचालय का निर्माण किया जा चुका है। उतने शौचालय का निर्माण 30 सितंबर तक कराया जाना है। वर्ष 2011 के बेस लाइन सर्वे में जिले में कुल तीन लाख 40 हजार शौचालय की आवश्यकता थी। जिसके बाद वर्ष 2014 में 40 हजार परिवार अपने खर्च से शौचालय का निर्माण कराए थे। इसके बाद जिले को शौच मुक्त करने के लिए पंचायती राज विभाग से कुल तीन लाख शौचालय का निर्माण कराया जाना है। वर्ष 2004 से अब तक एक लाख 60 हजार शौचालय की निर्माण हो पाया है। जबकि अभी एक लाख 40 हजार शौचालय का निर्माण कराया जाना है। जिसमें लिए सितंबर माह तक का समय बचा है।
विज्ञापन
जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने बताया कि एक लाख 40 हजार शौचालय बनवाने के बाद ही जिले को शौच मुक्त घोषित किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि लक्ष्य देखने में बड़ा है। लेकिन शौचालय का निर्माण एक सप्ताह में पूरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि शौचालय निर्माण के लक्ष्य को 734 गांव में एक साथ काम शुरू कराने के निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन