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माइनर में पानी नहीं आने से नाराज किसानों ने किया प्रदर्शन
Updated Thu, 21 Sep 2017 01:23 AM IST
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शहाबगंज। क्षेत्र के पचवनियां केराडीह माइनर में पानी नहीं आने से बुधवार को बड़गावां गांव के किसानों ने विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों की उदाशिनता के कारण माइनर में पानी नहीं आ रहा है जिससे सिंचाई में दिक्कत हो रही है। चेताया कि अगर दो दिन के अंदर माइनर में पानी नहीं छोड़ा गया तो ग्रामीण अनिश्चित कालीन धरना देंगे।
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कहा कि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा के चलते किसान की हालत दिन प्रतिदिन खराब होती जा रही है। बताया कि पचवनियां केराडीह माइनर के टेल पर पानी नहीं पहुंचने से धान की फसल सूखने के कगार पर पहुंच चूकी हैं। सिंचाई नहीं होने से साग सब्जियों की खेती चौपट हो रही है। कहा कि केंद्र व प्रदेश की सरकार भले ही कृषि व्यवस्था को मजबूत बनाने का दावा कर रही हों। लेकिन नहरों व माइनरों का बुरा हाल है। झाड़ झंखाड़ के कारण माइनर से सिर्फ केराडीह गांव के खेतों की सिंचाई हो पाती है, जबकि ठेकहां, बड़गावां, इसरौलिया, सोबंथा, शिवपुर व अतायस्तगंज गांव के किसान पानी आने का इंतजार करते रहते हैं। ऐसे में इन गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए दिक्कत होती है। इस दौरान महबूब आलम, लक्ष्मी सिंह, दशमी मौर्य, जैनूल आबेदिन, सोनू, एजाज अहमद, संजय कुमार, रामजनम सिंह, इम्तियाज, मुकामुद्दीन, खरपत प्रजापति, पप्पू, शफी, अफसाद खां, संतोष कुमार, काशी, रामजन्म आदि किसान मौजूद रहे।
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प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कहा कि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा के चलते किसान की हालत दिन प्रतिदिन खराब होती जा रही है। बताया कि पचवनियां केराडीह माइनर के टेल पर पानी नहीं पहुंचने से धान की फसल सूखने के कगार पर पहुंच चूकी हैं। सिंचाई नहीं होने से साग सब्जियों की खेती चौपट हो रही है। कहा कि केंद्र व प्रदेश की सरकार भले ही कृषि व्यवस्था को मजबूत बनाने का दावा कर रही हों। लेकिन नहरों व माइनरों का बुरा हाल है। झाड़ झंखाड़ के कारण माइनर से सिर्फ केराडीह गांव के खेतों की सिंचाई हो पाती है, जबकि ठेकहां, बड़गावां, इसरौलिया, सोबंथा, शिवपुर व अतायस्तगंज गांव के किसान पानी आने का इंतजार करते रहते हैं। ऐसे में इन गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए दिक्कत होती है। इस दौरान महबूब आलम, लक्ष्मी सिंह, दशमी मौर्य, जैनूल आबेदिन, सोनू, एजाज अहमद, संजय कुमार, रामजनम सिंह, इम्तियाज, मुकामुद्दीन, खरपत प्रजापति, पप्पू, शफी, अफसाद खां, संतोष कुमार, काशी, रामजन्म आदि किसान मौजूद रहे।
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