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किसानों से खरीदा जाएगा 66 हजार एमटी गेहूं
Updated Fri, 30 Mar 2018 12:07 AM IST
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चंदौली। अपर जिलाधिकारी बच्चा लाल ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों और केंद्र प्रभारियों संग बैठक कर गेहूं खरीद की तैयारियों की समीक्षा की। शासन के निर्देशों से अवगत कराते हुए कहा कि किसानों की फसल क्रय करने के लिए आठ एजेंसियों के 58 क्रय केंद्र खोले गए हैं जहां 66 हजार 600 मिट्रिक टन गेहूं की खरीद की जाएगी।
एडीएम ने कहा कि केंद्रों पर समर्थन मूल्य, जिला खाद्य विपणन अधिकारी और संबंधित उपजिलाधिकारी का नाम और मोबाइल नंबर अंकित करना अनिवार्य है। केंद्र प्रभारियों चेताया कि यदि किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत हुई तो निलंबन के साथ ही तत्काल शासन को अवगत कराया जाएगा। कहा कि जिन किसानों ने अपना पंजीकरण नहीं कराया है वह समय से पंजीकरण करा लें। पंजीकृत किसानों का गेहूं ही केंद्रों पर खरीदा जाएगा। कहा कि भारत सरकार द्वारा गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1735 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है। किसानों से पल्लेदारी के रूप में दस रुपये प्रति कुंलत की दर से लिया जाएगा। जो भुगतान के समय समर्थन मूल्य में जोड़ वापस कर दिया जाएगा। अपर जिलाधिकारी ने केंद्र सचिवों को किसानों से मिल जुलकर कार्य करने की नसीहत दी। कहा कि बिचैलियों के माध्यम से गेहूं क्रय की शिकायत मिली तो खैर नही होगी। सचिवों को निर्देशित करते हुए कहा कि केंद्रों पर शीतल पेयजल की व्यवस्था भी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें। इस अवसर पर खाद्य एवं विपणन अधिकारी डा0 हरीशचन्द्र प्रजापति, उपजिलाधिकारी सदर विकास सिंह, सतेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
एडीएम ने कहा कि केंद्रों पर समर्थन मूल्य, जिला खाद्य विपणन अधिकारी और संबंधित उपजिलाधिकारी का नाम और मोबाइल नंबर अंकित करना अनिवार्य है। केंद्र प्रभारियों चेताया कि यदि किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत हुई तो निलंबन के साथ ही तत्काल शासन को अवगत कराया जाएगा। कहा कि जिन किसानों ने अपना पंजीकरण नहीं कराया है वह समय से पंजीकरण करा लें। पंजीकृत किसानों का गेहूं ही केंद्रों पर खरीदा जाएगा। कहा कि भारत सरकार द्वारा गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1735 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है। किसानों से पल्लेदारी के रूप में दस रुपये प्रति कुंलत की दर से लिया जाएगा। जो भुगतान के समय समर्थन मूल्य में जोड़ वापस कर दिया जाएगा। अपर जिलाधिकारी ने केंद्र सचिवों को किसानों से मिल जुलकर कार्य करने की नसीहत दी। कहा कि बिचैलियों के माध्यम से गेहूं क्रय की शिकायत मिली तो खैर नही होगी। सचिवों को निर्देशित करते हुए कहा कि केंद्रों पर शीतल पेयजल की व्यवस्था भी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें। इस अवसर पर खाद्य एवं विपणन अधिकारी डा0 हरीशचन्द्र प्रजापति, उपजिलाधिकारी सदर विकास सिंह, सतेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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