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खेत मजदूरों की सुविधा बढ़ाने को लेकर किया प्रदर्शन
Updated Sat, 01 Jul 2017 01:19 AM IST
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चकिया। अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन के कार्यकर्ताओं ने खेत मजदूरों को विभिन्न सुविधाएं देने की मांग को लेकर शुक्रवार को चकिया तहसील मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया तथा सभा का आयोजन कर मजदूरों से संबंधित मांग उठाई।
सभा में खेत मजदूर नेताओं ने प्रदेश की कानून व्यवस्था को खराब करने वाले तत्वों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाई करने, एससी, एसटी एक्ट को कड़ाई से लागू करने, बैराठ फार्म, मूसाखाड़ तथा शाहपुर की सीलिंग से निकली जमीनों के मुकदमों का शीघ्र निस्तारण कर गरीबों में आवंटित करने, खाद्य सुरक्षा अधिनियम का लाभ सभी मजदूरों को देने, कृषि कार्य में लगे मजदूरों की मजदूरी 300 रुपये प्रतिदिन करने, खेत मजदूरों को पीने का पानी, दवाई, पेंशन, आवास मुफ्त देने सहित कई मांगो को उठाया। सभा में वक्ताओं ने कहा कि केंद्र तथा प्रदेश की सरकार मजदूर विरोधी है तथा योगी राज के आने के बाद से प्रदेश की कानून व्यवस्था अत्यंत दयनीय हो गई है। गरीब, दलितों के उपर अत्याचार बढे हैं। गोहत्या के नाम पर हिंसा का माहौल है। इससे गरीबों की रोजी रोटी पर असर पड़ रहा है। वक्ताओं ने कहा कि सिलिंग एक्ट के अंतर्गत अतिरिक्त घोषित जमीनों को मुकदमों में फंसा कर गरीबों का हित मारा जा रहा है तथा भूमिपतियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है। सभा में राज्य कमेटी के सदस्य श्रीप्रसाद, मिठाईलाल, लालचंद सिंह, शंभूनाथ, परमानंद, जयनाथ आदि ने विचार व्यक्त किए। अध्यक्षता मिठाईलाल ने की।
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सभा में खेत मजदूर नेताओं ने प्रदेश की कानून व्यवस्था को खराब करने वाले तत्वों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाई करने, एससी, एसटी एक्ट को कड़ाई से लागू करने, बैराठ फार्म, मूसाखाड़ तथा शाहपुर की सीलिंग से निकली जमीनों के मुकदमों का शीघ्र निस्तारण कर गरीबों में आवंटित करने, खाद्य सुरक्षा अधिनियम का लाभ सभी मजदूरों को देने, कृषि कार्य में लगे मजदूरों की मजदूरी 300 रुपये प्रतिदिन करने, खेत मजदूरों को पीने का पानी, दवाई, पेंशन, आवास मुफ्त देने सहित कई मांगो को उठाया। सभा में वक्ताओं ने कहा कि केंद्र तथा प्रदेश की सरकार मजदूर विरोधी है तथा योगी राज के आने के बाद से प्रदेश की कानून व्यवस्था अत्यंत दयनीय हो गई है। गरीब, दलितों के उपर अत्याचार बढे हैं। गोहत्या के नाम पर हिंसा का माहौल है। इससे गरीबों की रोजी रोटी पर असर पड़ रहा है। वक्ताओं ने कहा कि सिलिंग एक्ट के अंतर्गत अतिरिक्त घोषित जमीनों को मुकदमों में फंसा कर गरीबों का हित मारा जा रहा है तथा भूमिपतियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है। सभा में राज्य कमेटी के सदस्य श्रीप्रसाद, मिठाईलाल, लालचंद सिंह, शंभूनाथ, परमानंद, जयनाथ आदि ने विचार व्यक्त किए। अध्यक्षता मिठाईलाल ने की।
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