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श्रद्धा व आस्था संग पूजी गई मां कूष्मांडा 17-18-53
Updated Sun, 14 Oct 2018 12:52 AM IST
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दुर्गाजी
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अमर उजाला ब्यूरो चंदौली । शारदीय नवरात्र के चौथे दिन शनिवार को देवी मंदिरों में लोगों ने मां के कूष्मांडा स्वरूप का दर्शन पूजन व आराधना किया। भक्तों ने माता रानी का बड़े ही श्रृद्धा व आस्था भाव से पूजन किया। चढ़ावे के रूप में चुनरी, नारियल, फल-फूल, विविध प्रकार के सूखे मेवे से भोग लगाया। मां भवानी से अपने व परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। पूरे दिन मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहा। मंदिरों से घंटे-घड़ियालों की ध्वनि से आसपास का माहौल भक्तिमय बना रहा।
नगर के मां प्राचीन काली मंदिर, महावीर मंदिर, श्रीराम जानकी शिव मठ मंदिर, पुरानी बाजार, शंकर मोड़, सकलडीहा रोड सहित अन्य स्थानों पर स्थित मंदिरों में देर शाम तक भजन कीर्तन का दौर जारी रहा।मां कूष्मांडा का निवास सूर्यलोक में है। उस लोक में निवास करने की शक्ति और क्षमता केवल उनमें ही है। उनके स्वरुप का तेज और कांति सूर्य के समान है। इनका वाहन सिंह है। इनकी भक्ति से आयु, यश और आरोग्य की वृद्घि होती है। मां कूष्मांडा अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती है। मां के पूजन से परम पद की प्राप्ति होती है।
नगर के मां प्राचीन काली मंदिर, महावीर मंदिर, श्रीराम जानकी शिव मठ मंदिर, पुरानी बाजार, शंकर मोड़, सकलडीहा रोड सहित अन्य स्थानों पर स्थित मंदिरों में देर शाम तक भजन कीर्तन का दौर जारी रहा।मां कूष्मांडा का निवास सूर्यलोक में है। उस लोक में निवास करने की शक्ति और क्षमता केवल उनमें ही है। उनके स्वरुप का तेज और कांति सूर्य के समान है। इनका वाहन सिंह है। इनकी भक्ति से आयु, यश और आरोग्य की वृद्घि होती है। मां कूष्मांडा अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती है। मां के पूजन से परम पद की प्राप्ति होती है।
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