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बेरोजगारी व तंगी से जूझ रही नक्सल क्षेत्र आधी आबादी
Updated Wed, 10 Oct 2018 01:12 AM IST
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चंदौली। सरकार के लाख प्रयास के बाद भी नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के महिलाओं की स्थिति में सुधार नहीं हो पा रहा है। हाल यह है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र की आधी आबादी बेरोजगारी के साथ आर्थिक तंगी से जूझ रही है । गरीबी उन्मूलन का नारा सरकार का पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहा है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के महिलाओं के पास न तो रोजगार है, ना ही उनके पास कोई आर्थिक स्रोत है।
नक्सल प्रभावित क्षेत्र नौगढ़ में रोजगार के लिए महिलाओं को दर-दर की ठोकरें खानी पड़ती है। सरकार की ओर से कोई पहल नहीं होने के कारण उन्हें रोजगार नहीं मिल पा रहा है। भले ही जिला प्रशासन दावा कर लें कि महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए सरकार की ओर से तमाम योजनाएं संचालित कर उनकी स्थिति को सुधार किया जा रहा है, लेकिन यह कहीं भी दिखाई नहीं दे रहा है । पुलिस कम्यूनिटी के तहत पुरुषों को तो रोजगार मिल जा रहा है, लेकिन आधी आबादी इससे वंचित है। पूर्व की सरकार में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर महिलाओं को प्रशिक्षित कर रोजगार की पहल की, लेकिन सरकार बदलने के बाद ही पूरी तरह से ठप हो गया। एक निजी संस्था ग्राम्या संस्थान की ओर से महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए नक्सल क्षेत्र के लालतापुर में प्रशिक्षण सेंटर खोल प्रशिक्षित कर रोजगार दिया जा रहे हैं। जहां उन्हें सिलाई, कढ़ाई, ब्यूटीशियन शामिल है। वहीं सरकार महिलाओं को स्वावलंबी व रोजगार दिलाने में पूरी तरह से असफल साबित हो रही है। इससे नक्सल प्रभावित क्षेत्र के गांवों में महिलाओं की स्थिति पूरी दयनीय है। उनके पास न तो रोजगार है और ना ही उनके पास कोई हुनर है ताकि वह अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकें और स्वावलंबी बन सके।
40 महिलाओं को बनाया था स्वावलंबी
सचित्र
चंदौली । पुलिस कम्यूनिटी के तहत पूर्व सरकार में तत्कालीन एसपी किरीट राठौर ने आधी आबादी को सशक्त करने के लिए सिलाई और भी ब्यूटीशियन का प्रशिक्षण कराया था। इस प्रशिक्षण के माध्यम नौगढ़ क्षेत्र के नक्सल प्रभावित इलाकों की 40 महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया था। इससे उन्हें रोजगार मिला। इन दिनों शासन की ओर से कोई प्रशिक्षण नहीं कराए जाने से नक्सल प्रभावित क्षेत्र की महिलाएं बेरोजगार हैं।
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कई गांवों की महिलाएं सीख रही हुनर चंदौली।
ग्राम्या संस्थान की ओर से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की महिलाएं हुनर सीखाने के लिए लालतापुर में प्रशिक्षण केंद्र चलाया जा रहा है। जहां हनुुमानपुर, लालतापुर, बसौली, भैसौड़ा सहित कई गांवों की महिलाएं प्रशिक्षण ले रही है। प्रोजेक्ट मैनेजर नीतू सिंह ने कहा कि महिलाओं को रोजगार दिलाने और आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। ताकि नक्सल क्षेत्र की आधी आबादी सशक्त हो सके।
वर्जन....
महिलाओं के लिए अभी कोई योजना पुलिस कम्यूनिटी के तहत नहीं है। पुरुषों के लिए इस योजना के तहत 14 अक्टूबर से प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। इसमें उन्हें रोजगार के लिए युवकों को कारपेंटर, पल्बरिंग, सिलाई, हेयर कटिंग अन्य का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
संतोष कुमार सिंह,एसपी।
वर्जन ......
नक्सल क्षेत्र की महिलाओं के आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए स्वंय सहायता समूह बनाकर रोजगार की पहल की जाएगी। इसके तहत महिलाओं को प्रशिक्षण देने के साथ ही रोजगार के लिए ऋण देने की योजनाएं है। ताकि प्रशिक्षण के बाद समूह की महिलाएं रोजगार प्राप्त कर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करे और स्वावलंबी बने। एमपी चौबे, राष्ट्रीय ग्रामीण अजीवीका मिशन ।
नक्सल प्रभावित क्षेत्र नौगढ़ में रोजगार के लिए महिलाओं को दर-दर की ठोकरें खानी पड़ती है। सरकार की ओर से कोई पहल नहीं होने के कारण उन्हें रोजगार नहीं मिल पा रहा है। भले ही जिला प्रशासन दावा कर लें कि महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए सरकार की ओर से तमाम योजनाएं संचालित कर उनकी स्थिति को सुधार किया जा रहा है, लेकिन यह कहीं भी दिखाई नहीं दे रहा है । पुलिस कम्यूनिटी के तहत पुरुषों को तो रोजगार मिल जा रहा है, लेकिन आधी आबादी इससे वंचित है। पूर्व की सरकार में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर महिलाओं को प्रशिक्षित कर रोजगार की पहल की, लेकिन सरकार बदलने के बाद ही पूरी तरह से ठप हो गया। एक निजी संस्था ग्राम्या संस्थान की ओर से महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए नक्सल क्षेत्र के लालतापुर में प्रशिक्षण सेंटर खोल प्रशिक्षित कर रोजगार दिया जा रहे हैं। जहां उन्हें सिलाई, कढ़ाई, ब्यूटीशियन शामिल है। वहीं सरकार महिलाओं को स्वावलंबी व रोजगार दिलाने में पूरी तरह से असफल साबित हो रही है। इससे नक्सल प्रभावित क्षेत्र के गांवों में महिलाओं की स्थिति पूरी दयनीय है। उनके पास न तो रोजगार है और ना ही उनके पास कोई हुनर है ताकि वह अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकें और स्वावलंबी बन सके।
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40 महिलाओं को बनाया था स्वावलंबी
सचित्र
चंदौली । पुलिस कम्यूनिटी के तहत पूर्व सरकार में तत्कालीन एसपी किरीट राठौर ने आधी आबादी को सशक्त करने के लिए सिलाई और भी ब्यूटीशियन का प्रशिक्षण कराया था। इस प्रशिक्षण के माध्यम नौगढ़ क्षेत्र के नक्सल प्रभावित इलाकों की 40 महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया था। इससे उन्हें रोजगार मिला। इन दिनों शासन की ओर से कोई प्रशिक्षण नहीं कराए जाने से नक्सल प्रभावित क्षेत्र की महिलाएं बेरोजगार हैं।
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कई गांवों की महिलाएं सीख रही हुनर चंदौली।
ग्राम्या संस्थान की ओर से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की महिलाएं हुनर सीखाने के लिए लालतापुर में प्रशिक्षण केंद्र चलाया जा रहा है। जहां हनुुमानपुर, लालतापुर, बसौली, भैसौड़ा सहित कई गांवों की महिलाएं प्रशिक्षण ले रही है। प्रोजेक्ट मैनेजर नीतू सिंह ने कहा कि महिलाओं को रोजगार दिलाने और आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। ताकि नक्सल क्षेत्र की आधी आबादी सशक्त हो सके।
वर्जन....
महिलाओं के लिए अभी कोई योजना पुलिस कम्यूनिटी के तहत नहीं है। पुरुषों के लिए इस योजना के तहत 14 अक्टूबर से प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। इसमें उन्हें रोजगार के लिए युवकों को कारपेंटर, पल्बरिंग, सिलाई, हेयर कटिंग अन्य का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
संतोष कुमार सिंह,एसपी।
वर्जन ......
नक्सल क्षेत्र की महिलाओं के आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए स्वंय सहायता समूह बनाकर रोजगार की पहल की जाएगी। इसके तहत महिलाओं को प्रशिक्षण देने के साथ ही रोजगार के लिए ऋण देने की योजनाएं है। ताकि प्रशिक्षण के बाद समूह की महिलाएं रोजगार प्राप्त कर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करे और स्वावलंबी बने। एमपी चौबे, राष्ट्रीय ग्रामीण अजीवीका मिशन ।