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तालाबों का जीर्णोद्धार अधर में
Updated Fri, 23 Jun 2017 01:43 AM IST
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चंदौली। मनरेगा के तहत जनपद में 183 तालाबों की खुदाई और जीर्णोद्धार का काम चल रहा है। तीस जून तक कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लेकिन मजदूरों की कमी और विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के चलते लक्ष्य पूर्ण होने की संभावना कम दिखाई दे रही है। कई तालाबों पर हाल ही में कार्य शुरू हुआ है जिसके समय से पूरा होने की उम्मीद नहीं है। ऐसे में यदि बारिश हो जाती है तो सारा काम जहां का तहां ठप हो जाएगा।
शासन व प्रशासन की मैराीथन प्रयास के बाद भी जनपद में तालाबों की स्थिति में सुधार देखने को नहीं मिल रहा है। मनरेगा योजना के तहत करोड़ों रुपये खर्च कर तालाबों की खोदाई व जीर्णोद्धार का कार्य होता है। बावजूद इसके तालाबों की दशा में कुछ खास बदलाव नहीं हो पाता है। स्थिति यह है कि काम मानक व गुणत्ता के अनुरूप नहीं होने से बारिश के बाद तालाबों की स्थिति पूर्ववत हो जाती है। घाटों पर पड़ी मिट्टी बारिश होने से पुन: बहकर तालाबों में चली जाती है, जिससे उसे पुन: खुदाई की आवश्यकता पड़ने लगती है। जनपद में लगभग तीन हजार से अधिक तालाब हैं। इस वर्ष 183 नए तालाब सृजित करने के लक्ष्य के साथ प्रशासन ने मनरेगा के तहत काम शुरू किया। जनपद में तालाबों की खुदाई व सुंदरीकरण का काम चल रहा है, लेकिन मजदूरों के अभाव की वजह से काम को गति नहीं मिल पा रही है। वहीं अतिक्रमण के कारण कुछ तालाबों पर काम नहीं हो पा रहा है। इस बाबत डीसी मनरेगा जगदीश त्रिपाठी का कहना है कि नवसृजित होने वाले 183 तालाबों का काम 30 जून तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कार्यों से समय से पूर्ण होने की उम्मीद है। इस बाबत प्रधानों और सेक्रेटरियों को निर्देश भी जारी कर दिया गया है।
केस-1
सदर ब्लाक क्षेत्र के प्रतापपुर गांव में तालाब की खुदाई का कार्य चल रहा है। इसके लिए शासन से तीन लाख आठ हजार का बजट पास हुआ है। उक्त तालाब काफी बड़ा है और वह एक बीघा के दायरे में फैला है। 15 दिनों में आधा-अधूरा कार्य ही हो पाया है, जबकि तालाब के खुदाई कार्य में 50 मजदूरों को लगाया गया है। ग्राम प्रधान जर्नादन यादव की मानें तो धन की कमी होने के कारण खुदाई कार्य में बाधा आ रही है।
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केस-2
बरहनी ब्लाक के इमिलियां गांव में तालाबों पर अतिक्रमण की शिकायत लम्बे समय से चली आ रही है। गत दिनों एसडीएम सदर अरविंद द्विवेदी ने गांव में जाकर तालाब की स्थिति का अवलोकन किया था। एसडीएम ने लेेखपाल और कानूनगो को तालाब की पैमाइश कर अतिक्रमण हटवाने का निर्देश दिया ताकि तालाब का जीर्णोद्धार हो सके। ग्राम प्रधान अनुज सिंह का कहना है कि अभी तक अतिक्रमण नहीं हटवाया जा सका है।
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शासन व प्रशासन की मैराीथन प्रयास के बाद भी जनपद में तालाबों की स्थिति में सुधार देखने को नहीं मिल रहा है। मनरेगा योजना के तहत करोड़ों रुपये खर्च कर तालाबों की खोदाई व जीर्णोद्धार का कार्य होता है। बावजूद इसके तालाबों की दशा में कुछ खास बदलाव नहीं हो पाता है। स्थिति यह है कि काम मानक व गुणत्ता के अनुरूप नहीं होने से बारिश के बाद तालाबों की स्थिति पूर्ववत हो जाती है। घाटों पर पड़ी मिट्टी बारिश होने से पुन: बहकर तालाबों में चली जाती है, जिससे उसे पुन: खुदाई की आवश्यकता पड़ने लगती है। जनपद में लगभग तीन हजार से अधिक तालाब हैं। इस वर्ष 183 नए तालाब सृजित करने के लक्ष्य के साथ प्रशासन ने मनरेगा के तहत काम शुरू किया। जनपद में तालाबों की खुदाई व सुंदरीकरण का काम चल रहा है, लेकिन मजदूरों के अभाव की वजह से काम को गति नहीं मिल पा रही है। वहीं अतिक्रमण के कारण कुछ तालाबों पर काम नहीं हो पा रहा है। इस बाबत डीसी मनरेगा जगदीश त्रिपाठी का कहना है कि नवसृजित होने वाले 183 तालाबों का काम 30 जून तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कार्यों से समय से पूर्ण होने की उम्मीद है। इस बाबत प्रधानों और सेक्रेटरियों को निर्देश भी जारी कर दिया गया है।
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केस-1
सदर ब्लाक क्षेत्र के प्रतापपुर गांव में तालाब की खुदाई का कार्य चल रहा है। इसके लिए शासन से तीन लाख आठ हजार का बजट पास हुआ है। उक्त तालाब काफी बड़ा है और वह एक बीघा के दायरे में फैला है। 15 दिनों में आधा-अधूरा कार्य ही हो पाया है, जबकि तालाब के खुदाई कार्य में 50 मजदूरों को लगाया गया है। ग्राम प्रधान जर्नादन यादव की मानें तो धन की कमी होने के कारण खुदाई कार्य में बाधा आ रही है।
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केस-2
बरहनी ब्लाक के इमिलियां गांव में तालाबों पर अतिक्रमण की शिकायत लम्बे समय से चली आ रही है। गत दिनों एसडीएम सदर अरविंद द्विवेदी ने गांव में जाकर तालाब की स्थिति का अवलोकन किया था। एसडीएम ने लेेखपाल और कानूनगो को तालाब की पैमाइश कर अतिक्रमण हटवाने का निर्देश दिया ताकि तालाब का जीर्णोद्धार हो सके। ग्राम प्रधान अनुज सिंह का कहना है कि अभी तक अतिक्रमण नहीं हटवाया जा सका है।