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बौद्ध भिक्षुओं का जत्था देख उत्साहित हुए लोग
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बौद्ध भिक्षुओं का जत्था देख उत्साहित हुए लोग
जनपद में जगह-जगह सुरक्षा के रहे कड़े प्रबंध
सचित्र 52
चंदौली। थाईलैंड के 150 बौद्ध भिक्षुओं का जत्था सारनाथ से पैदल ही बोधगया के निकल पड़ा। मुख्यालय पर पहुंच तो देखने वालों की भीड़ लग गई। वहीं बौद्ध भिक्षु लिनहो ने यात्रा के उद्देश्य के बाबत जानकारी दी। सभी के महिला व पुरुषों के उत्साह को देख हैरान रह गए। यात्रा में शामिल लोगों के चेहर पर मुस्कान रही।
अहिसा व ज्ञान की अलख जगाने को बौद्घ भिक्षुओं ने मीलों की पदयात्रा पर है। लिनहों ने कहा कि महात्मा बुद्ध के उपदेशों को समझने व जानने को बौद्ध भिक्षुओं का जत्था उसी मार्ग के यात्रा पर निकला है, जिस रास्ते बुद्ध कपिलवस्तु से सारनाथ तक पहुंचे थे। बुद्ध ने अपनी यात्रा के दौरान समाज के कई रूपों को नजदीक से देखा था। इसमें सुख, दुख, उल्लास के साथ पीड़ा भी दिखी। कहा तथागत के मार्ग पर चलते हुए समाज को अहिसा व ज्ञान का संदेश देने रवाना हुए हैं। सारनाथ पहुंचने पर बौद्ध भिक्षुओं का प्रवास होगा। बुद्ध से जुड़े स्थलों पर पहुंचकर प्रार्थना करेंगे। बौद्ध भिक्षुओं की यात्रा के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर जगह-जगह पुलिस तैनात रही।वहीं अपने अपने क्षेत्रों में निगरानी करते हुए एक दूसरे के क्षेत्र में प्रवेश कराते रहे। वहीं मुख्यालय पर इस जत्था को देख सभी उनके उत्साह की सराहना की।
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जनपद में जगह-जगह सुरक्षा के रहे कड़े प्रबंध
सचित्र 52
चंदौली। थाईलैंड के 150 बौद्ध भिक्षुओं का जत्था सारनाथ से पैदल ही बोधगया के निकल पड़ा। मुख्यालय पर पहुंच तो देखने वालों की भीड़ लग गई। वहीं बौद्ध भिक्षु लिनहो ने यात्रा के उद्देश्य के बाबत जानकारी दी। सभी के महिला व पुरुषों के उत्साह को देख हैरान रह गए। यात्रा में शामिल लोगों के चेहर पर मुस्कान रही।
अहिसा व ज्ञान की अलख जगाने को बौद्घ भिक्षुओं ने मीलों की पदयात्रा पर है। लिनहों ने कहा कि महात्मा बुद्ध के उपदेशों को समझने व जानने को बौद्ध भिक्षुओं का जत्था उसी मार्ग के यात्रा पर निकला है, जिस रास्ते बुद्ध कपिलवस्तु से सारनाथ तक पहुंचे थे। बुद्ध ने अपनी यात्रा के दौरान समाज के कई रूपों को नजदीक से देखा था। इसमें सुख, दुख, उल्लास के साथ पीड़ा भी दिखी। कहा तथागत के मार्ग पर चलते हुए समाज को अहिसा व ज्ञान का संदेश देने रवाना हुए हैं। सारनाथ पहुंचने पर बौद्ध भिक्षुओं का प्रवास होगा। बुद्ध से जुड़े स्थलों पर पहुंचकर प्रार्थना करेंगे। बौद्ध भिक्षुओं की यात्रा के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर जगह-जगह पुलिस तैनात रही।वहीं अपने अपने क्षेत्रों में निगरानी करते हुए एक दूसरे के क्षेत्र में प्रवेश कराते रहे। वहीं मुख्यालय पर इस जत्था को देख सभी उनके उत्साह की सराहना की।
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